"मध्यान्ह भोजन योजना" को "पी.एम. पोषण योजना" में किस वर्ष पुनर्नामित किया गया ?
- (a)2019 में
- (b)2020 में
- (c)2018 में
- (d)2021 में
सही उत्तर — (d) 2021 में। 29 सितंबर 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नाम बदलकर 'पी.एम. पोषण' (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) कर दिया। इसे 2021-22 से 2025-26 तक की केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में स्वीकृत किया गया और इसका दायरा सरकारी एवं सरकारी-सहायता प्राप्त विद्यालयों में पूर्व-प्राथमिक (बालवाटिका) बच्चों तक बढ़ाया गया।
- (a)2019 में — 2019 में कोई पुनर्नामकरण नहीं हुआ — मध्यान्ह भोजन योजना का नाम 2021 में पी.एम. पोषण रखा गया।
- (b)2020 में — 2020 नहीं — कैबिनेट ने सितंबर 2021 में पी.एम. पोषण के पुनर्ब्रांडिंग को स्वीकृति दी।
- (c)2018 में — 2018, पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) के आरंभ का वर्ष है, जो मातृ एवं बाल कुपोषण के लिए एक अलग योजना है — यह जान-बूझकर 'पोषण' जाल है; मध्यान्ह भोजन का पुनर्नामकरण 2021 में हुआ था।
मध्यान्ह भोजन योजना — विद्यालय नामांकन, उपस्थिति और पोषण बढ़ाने वाला एक स्कूल-भोजन कार्यक्रम — 1995 में राष्ट्रीय स्तर पर (एनपी-एनएसपीई के रूप में) शुरू हुई और 2001 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सार्वभौमिक पका हुआ भोजन बन गई। सितंबर 2021 में इसे 'पी.एम. पोषण' (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) नाम दिया गया, जिसे शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) क्रियान्वित करता है।
दो 'पोषण' योजनाओं में भ्रम आसान है: पी.एम. पोषण (2021, स्कूल मध्यान्ह भोजन, शिक्षा मंत्रालय) और पोषण अभियान / राष्ट्रीय पोषण मिशन (2018, बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय)। '2018' विकल्प उन विद्यार्थियों को फँसाता है जो दोनों को गड्ड-मड्ड कर देते हैं — मध्यान्ह भोजन का पुनर्नामकरण 2021 का है।
- मध्यान्ह भोजन योजना का नाम 29 सितंबर 2021 को पी.एम. पोषण रखा गया।
- पूरा नाम: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पी.एम. पोषण); योजना अवधि 2021-22 से 2025-26 तक।
- इसे शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) क्रियान्वित करता है।
- पी.एम. पोषण का दायरा पूर्व-प्राथमिक (बालवाटिका) बच्चों तक बढ़ाया गया; पोषण अभियान (2018) एक अलग महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजना है।

- पी.एम. पोषण (2021, स्कूल भोजन) को पोषण अभियान (2018, मातृ-बाल पोषण) से भ्रमित करना।
- पुनर्नामकरण वर्ष (2021) को योजना के मूल आरंभ वर्ष 1995 के साथ मिला देना।
UPPSC/UPSC किसी योजना के शुरू होने या पुनर्नामित होने का सटीक वर्ष पूछते हैं, और प्रतिस्पर्धी 'पोषण' योजनाओं को जोड़ते हैं — प्रत्येक योजना को उसके वर्ष व मंत्रालय के साथ जोड़कर याद रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पी.एम. पोषण (पूर्व में मध्यान्ह भोजन योजना) किस मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित की जाती है ?
- (a)शिक्षा मंत्रालय
- (b)महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- (c)स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- (d)ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर(a) शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2018 में शुरू हुआ पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) मुख्यतः किसे लक्षित करता है ?
- (a)विद्यालयों में पका हुआ मध्यान्ह भोजन
- (b)बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं में कुपोषण
- (c)पीडीएस के अंतर्गत मुफ्त खाद्यान्न
- (d)विश्वविद्यालय स्तर की छात्रवृत्तियाँ
उत्तर(b) बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं में कुपोषण — पी.एम. पोषण से अलग एक योजना।