संघीय बजट 2023-24 में योजनाओं के अनुसार आवंटन के सन्दर्भ में, निम्न कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ? (1) पिछले वर्ष की तुलना में मनरेगा हेतु आवंटन में सर्वाधिक प्रतिशत कटौती दर्ज की गयी है । (2) पिछले वर्ष की तुलना में जल जीवन मिशन हेतु आवंटन में सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी है । नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए - कूट -
- (a)न तो 1 ना ही 2
- (b)केवल 1
- (c)दोनों 1 और 2
- (d)केवल 2
सही उत्तर — (b) केवल 1। कथन 1 सत्य है: मनरेगा का आवंटन ₹89,400 करोड़ (2022-23 संशोधित अनुमान) से घटाकर ₹60,000 करोड़ (2023-24 बजट अनुमान) कर दिया गया — लगभग 32.9% की गिरावट, जो प्रमुख योजनाओं में सबसे बड़ी प्रतिशत कटौती है। कथन 2 असत्य है: जल जीवन मिशन में वास्तव में बड़ी वृद्धि हुई (₹55,000 करोड़ RE 2022-23 → ₹70,000 करोड़, लगभग +27.3%), परन्तु यह सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि नहीं थी — कई अन्य मदें अधिक तेज़ी से बढ़ीं (उदाहरणतः विद्युत-क्षेत्र की सुधार-सम्बद्ध वितरण योजना लगभग दोगुनी हुई, यानी लगभग +101%)। अतः केवल कथन 1 सही है।
- (a)न तो 1 ना ही 2 — गलत — कथन 1 सही है: मनरेगा में ही सबसे बड़ी प्रतिशत कटौती दर्ज हुई (₹89,400 करोड़ → ₹60,000 करोड़, लगभग -33%)।
- (c)दोनों 1 और 2 — गलत — कथन 2 गलत है। जल जीवन मिशन की लगभग 27% वृद्धि बड़ी अवश्य थी, परन्तु यह बजट 2023-24 में किसी भी योजना की सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि नहीं थी।
- (d)केवल 2 — गलत — यह सच्चाई को उलट देता है: कथन 1 (मनरेगा) सही है, और कथन 2 (जल जीवन मिशन को सर्वाधिक-वृद्धि वाली योजना बताना) गलत है।
यह संघीय बजट 2023-24 का योजना-वार आवंटन-परिवर्तन (पिछले वर्ष की तुलना में) पर आधारित समसामयिक प्रश्न है। दो तथ्य महत्वपूर्ण हैं: मनरेगा में सर्वाधिक प्रतिशत कटौती हुई, जबकि जल जीवन मिशन — यद्यपि तीव्र वृद्धि के साथ — किसी भी मद की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली एकल मद नहीं थी। बजट ने माँग-आधारित ग्रामीण-रोज़गार व्यय से हटकर पूँजीगत व्यय, जलापूर्ति व अवसंरचना की ओर बल दिया।
जाल यह है कि दोनों नामित योजनाओं में बड़ा परिवर्तन हुआ, अतः कथन 'सही' प्रतीत होते हैं। अंतर 'सर्वाधिक प्रतिशत' में है: मनरेगा में वास्तव में सबसे बड़ी गिरावट हुई, परन्तु जल जीवन मिशन की बड़ी छलांग फिर भी अन्य मदों (जैसे विद्युत-वितरण सुधार योजना) से पीछे रह गई, अतः कथन 2 असफल है। सर्वोच्चता को सही योजना से मिलाएँ, केवल परिवर्तन की दिशा से नहीं।
- मनरेगा: ₹89,400 करोड़ (RE 2022-23) → ₹60,000 करोड़ (BE 2023-24) — लगभग -32.9%, सबसे बड़ी प्रतिशत कटौती।
- जल जीवन मिशन: ₹55,000 करोड़ (RE) → ₹70,000 करोड़ — लगभग +27.3%; बड़ी परन्तु सर्वाधिक-वृद्धि वाली योजना नहीं।
- सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि विद्युत-क्षेत्र की सुधार-सम्बद्ध वितरण योजना में हुई (लगभग +101%)।
- बजट 2023-24 में कुल पूँजीगत व्यय बढ़ाकर ₹10 लाख करोड़ किया गया।

- यह मान लेना कि बड़ी वृद्धि वाली योजना अपने-आप 'सर्वाधिक' प्रतिशत वृद्धि वाली भी है।
- वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन की गणना करते समय बजट अनुमान और संशोधित अनुमान को गड्डमड्ड करना।
UPPSC समसामयिक प्रश्न-सेट किसी योजना को किसी सर्वोच्चता ('सर्वाधिक वृद्धि/कटौती') से जोड़ते हैं — दिशा और यह दोनों सत्यापित करें कि वह वास्तव में सबसे बड़ी है, और यह भी देखें कि तुलना BE-से-BE है या संशोधित अनुमान के विरुद्ध।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संघीय बजट 2023-24 में, पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में किस योजना के आवंटन में प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक कमी की गई?
- (a)जल जीवन मिशन
- (b)मनरेगा
- (c)प्रधानमंत्री आवास योजना
- (d)पीएम-किसान
उत्तर(b) मनरेगा — लगभग ₹89,400 करोड़ से घटाकर लगभग ₹60,000 करोड़ किया गया (~-33%)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संघीय बजट 2023-24 में घोषित कुल पूँजीगत व्यय परिव्यय कितना था?
- (a)₹5 लाख करोड़
- (b)₹7.5 लाख करोड़
- (c)₹10 लाख करोड़
- (d)₹15 लाख करोड़
उत्तर(c) ₹10 लाख करोड़ — 33% की छलांग, बजट 2023-24 का एक प्रमुख विषय।