खनिज सम्पदा के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ? 1. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में लीथियम के अनुमानित संपदा भण्डार मिले हैं । 2. भारत अनेक खनिजों यथा लीथियम, निकल तथा कोबाल्ट के लिए आयात पर निर्भर है । नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए - कूट -
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1
- (c)दोनों 1 और 2
- (d)न तो 1 ना ही 2
सही उत्तर — (c) दोनों 1 और 2। फरवरी 2023 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने भारत के पहले महत्वपूर्ण लीथियम भण्डार की घोषणा की — जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में लगभग 5.9 मिलियन टन अनुमानित (G3-स्तर) संपदा — अतः कथन 1 सही है। भारत कई गंभीर/महत्वपूर्ण खनिजों का घरेलू उत्पादन लगभग नगण्य रखता है और लीथियम, निकल व कोबाल्ट (बैटरी व इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए अत्यावश्यक) के लिए लगभग पूर्णतः आयात पर निर्भर है, अतः कथन 2 भी सही है।
- (a)केवल 2 — मामले को कमतर आँकता है — कथन 1 भी सही है; फरवरी 2023 में रियासी (जम्मू-कश्मीर) के अनुमानित लीथियम भण्डार की रिपोर्ट वास्तव में आई थी।
- (b)केवल 1 — लीथियम, निकल और कोबाल्ट के लिए भारत की भारी आयात-निर्भरता को नज़रअंदाज़ करता है, जिसे कथन 2 सही ढंग से बताता है।
- (d)न तो 1 ना ही 2 — दोनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं, अतः दोनों को अस्वीकार करना गलत है।
लीथियम, निकल और कोबाल्ट 'गंभीर खनिज' (critical minerals) हैं — लीथियम-आयन बैटरी, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ-ऊर्जा प्रौद्योगिकी के लिए अपरिहार्य। भारत ऐतिहासिक रूप से इनका लगभग पूरा भाग आयात करता रहा है। 2023 का रियासी लीथियम भण्डार (एक 'अनुमानित', आरम्भिक-चरण का G3 आकलन, अभी तक सिद्ध खनन-योग्य भण्डार नहीं) महत्वपूर्ण था क्योंकि यह भारत की पहली उल्लेखनीय घरेलू लीथियम खोज थी, जो खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में मददगार है।
दोनों कथन 2023 की शुरुआत की समसामयिक तथ्यों जैसे पढ़े जाते हैं। कथन 1 व्यापक रूप से प्रसारित रियासी/जम्मू-कश्मीर लीथियम समाचार है; कथन 2 बैटरी खनिजों में भारत की आयात-निर्भरता का मानक तथ्य है। कोई भी अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं है, अतः 'दोनों सही' स्वाभाविक उत्तर है — 'अनुमानित' शब्द पर अधिक न उलझें, जो सही ढंग से एक आरम्भिक-चरण के आकलन को दर्शाता है, न कि सिद्ध भण्डार को।
- GSI ने फरवरी 2023 में जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले (सलाल-हैमाना) में लगभग 5.9 मिलियन टन अनुमानित (G3) लीथियम संपदा की रिपोर्ट दी — भारत की ऐसी पहली खोज।
- 'अनुमानित' (G3) एक प्रारम्भिक संपदा आकलन है, अभी आर्थिक रूप से सिद्ध भण्डार नहीं।
- भारत लीथियम, निकल और कोबाल्ट — सभी महत्वपूर्ण बैटरी खनिजों के लिए भारी आयात-निर्भर है।
- आपूर्ति सुरक्षित करने हेतु भारत ने खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) की स्थापना की और गंभीर खनिजों की सूची जारी की।

- 'अनुमानित संपदा' को सिद्ध, खनन-योग्य भण्डार समझ लेना — यह केवल आरम्भिक-चरण का आकलन है।
- भारत की लीथियम, निकल व कोबाल्ट के आयात पर सुविदित निर्भरता के बावजूद कथन 2 पर संदेह करना।
UPPSC/UPSC दो-कथन प्रारूप में स्थान-विशिष्ट खनिज खोज को एक सामान्य संपदा तथ्य के साथ जोड़ते हैं — कूट चुनने से पहले प्रत्येक कथन को स्वतंत्र रूप से जाँचें।
इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों के संदर्भ में, निम्नलिखित तत्वों पर विचार करें: I. कोबाल्ट II. ग्रेफाइट III. लीथियम IV. निकल। इनमें से कितने आमतौर पर बैटरी कैथोड बनाते हैं?
- (a) केवल एक
- (b) केवल दो
- (c) केवल तीन
- (d) सभी चारों
उत्तर(c) केवल तीन — कोबाल्ट, लीथियम और निकल लि-आयन कैथोड में प्रयुक्त होते हैं; ग्रेफाइट एनोड सामग्री है।
समान गंभीर-खनिज विषय — लीथियम, निकल और कोबाल्ट (ठीक वे तीन खनिज जो कथन 2 में भारत आयात करता है) बैटरी-कैथोड धातुएँ हैं, जो रियासी खोज के पीछे की माँग को चलाती हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत का पहला महत्वपूर्ण अनुमानित लीथियम भण्डार (2023) किस जिले में रिपोर्ट हुआ?
- (a)रियासी, जम्मू-कश्मीर
- (b)कोलार, कर्नाटक
- (c)नलगोंडा, तेलंगाना
- (d)कोरबा, छत्तीसगढ़
उत्तर(a) रियासी, जम्मू-कश्मीर — लगभग 5.9 मिलियन टन अनुमानित लीथियम संपदा (GSI, फरवरी 2023)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के लिए विदेशों में गंभीर व सामरिक खनिज संपत्ति अर्जित करने हेतु स्थापित सार्वजनिक-क्षेत्र संयुक्त उद्यम कौन-सा है?
- (a)NMDC
- (b)KABIL
- (c)MOIL
- (d)कोल इंडिया
उत्तर(b) KABIL (खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड) — लीथियम, कोबाल्ट व अन्य गंभीर खनिज विदेशों से सुरक्षित करने हेतु।