निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है ?
- (a)पृथ्वी पर प्रतिदिन ठीक 12 घंटे 30 मिनट बाद ज्वार आता है ।
- (b)बेंगुला प्रशांत महासागर की एक ठण्डी धारा है ।
- (c)महासागरीय लवणता कर्क एवं मकर रेखाओं पर अधिकतम होती है ।
- (d)यदि सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सीध में हों तो यह स्थिति लघु ज्वार की स्थिति है ।
सही उत्तर — (c)। सतही महासागरीय लवणता उपोष्णकटिबंधीय पेटियों में, कर्क रेखा (23.5° उत्तर) और मकर रेखा (23.5° दक्षिण) के आस-पास, सबसे अधिक होती है। ये उच्च-दाब वाले, नीचे उतरती शुष्क वायु वाले क्षेत्र हैं जहाँ वाष्पीकरण अत्यधिक और वर्षा बहुत कम होती है, इसलिए वाष्प के रूप में जल की मात्रा जल में मिलने वाली मात्रा से अधिक निकल जाती है — जिससे लवण सांद्रित हो जाते हैं। (विषुवत रेखा पर भारी वर्षा और नदियों का प्रवाह जल को तनु कर देता है, और ध्रुवों के निकट कम वाष्पीकरण के साथ बर्फ-पिघलने से लवणता कम बनी रहती है।)
- (a)पृथ्वी पर प्रतिदिन ठीक 12 घंटे 30 मिनट बाद ज्वार आता है । — लगभग 24 घंटे 50 मिनट के चंद्र दिवस में दो उच्च ज्वार आते हैं, इसलिए क्रमागत उच्च ज्वारों के बीच लगभग 12 घंटे 25 मिनट का अंतर होता है — न कि 'ठीक 12 घंटे 30 मिनट'; आँकड़ा और 'ठीक' शब्द दोनों गलत हैं।
- (b)बेंगुला प्रशांत महासागर की एक ठण्डी धारा है । — बेंगुला धारा अटलांटिक महासागर की एक ठंडी धारा है, जो अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट (नामीबिया/दक्षिण अफ्रीका) के साथ उत्तर दिशा में बहती है — प्रशांत महासागर की नहीं।
- (d)यदि सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सीध में हों तो यह स्थिति लघु ज्वार की स्थिति है । — जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं (अमावस्या/पूर्णिमा), तो उनका गुरुत्वाकर्षण खिंचाव जुड़कर उच्च (spring) ज्वार उत्पन्न करता है — सबसे ऊँचा ज्वार, न कि लघु ज्वार। लघु (नीप) ज्वार तब आता है जब सूर्य और चंद्रमा समकोण पर होते हैं।
यह 'सही कथन चुनिए' वाला प्रश्न महासागर के तीन विषयों — ज्वार, महासागरीय धाराएँ और लवणता — को एक साथ जोड़ता है। सतही लवणता अक्षांश के साथ बदलती है: यह उपोष्णकटिबंधीय उच्च-दाब पेटियों (कर्क व मकर रेखाओं के निकट), जहाँ वाष्पीकरण वर्षा से कहीं अधिक होता है, में चरम पर होती है, और विषुवत रेखा (वर्षा/नदियाँ) व ध्रुवों (कम वाष्पीकरण, बर्फ-पिघलना) पर घट जाती है। औसत महासागरीय लवणता लगभग 35 प्रति हज़ार (parts per thousand) है।
मानक भूगोल का प्रयोग करते हुए गलत कथनों को हटाएँ: ज्वार का अंतराल ~24h50m के चंद्र दिवस में ~12h25m है (12h30m नहीं); बेंगुला अटलांटिक (प्रशांत नहीं) की एक ठंडी धारा है; सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा का संरेखण उच्च (spring) ज्वार देता है, लघु ज्वार नहीं। इससे लवणता वाला कथन ही एकमात्र सत्य कथन रह जाता है।
- सर्वाधिक सतही लवणता: कर्क व मकर रेखाओं के निकट उपोष्णकटिबंधीय पेटियाँ (उच्च वाष्पीकरण, कम वर्षा)।
- चंद्र दिवस ≈ 24h50m; दो उच्च ज्वार ⇒ क्रमागत उच्च ज्वार ~12h25m के अंतराल पर।
- बेंगुला धारा = अटलांटिक महासागर की एक ठंडी धारा (अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट पर)।
- उच्च (spring) ज्वार (सबसे ऊँचा) अमावस्या/पूर्णिमा को होता है जब सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा संरेखित होते हैं; लघु (नीप) ज्वार चतुर्थांश (quadrature) की स्थिति में।
लवणता कर्क और मकर रेखाओं के निकट चरम पर होती है — यही सही कथन है।
- ज्वारीय अंतराल (12h25m) और चंद्र दिवस (24h50m) को गड्डमड्ड कर देना; '12h30m, ठीक' वाला वाक्यांश एक जाल है।
- बेंगुला धारा को गलत महासागर में रख देना, या सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा के संरेखण को उच्च (spring) ज्वार के बजाय 'लघु' (नीप) ज्वार कह देना।
UPPSC/UPSC ज्वार, धाराओं और लवणता को एक ही 'कौन सा कथन सही है' प्रश्न में जोड़ते हैं — प्रत्येक उपवाक्य को मानक नियम के विरुद्ध जाँचें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बेंगुला ठंडी धारा किस महाद्वीप के तट पर बहती है?
- (a)दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका
- (b)पश्चिमी दक्षिण अमेरिका
- (c)पूर्वी ऑस्ट्रेलिया
- (d)पश्चिमी यूरोप
उत्तर(a) दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका — बेंगुला, नामीबिया/दक्षिण अफ्रीका के तट पर अटलांटिक महासागर की एक ठंडी धारा है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उच्च (spring) ज्वार (सबसे ऊँचे ज्वार) तब आते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा:
- (a)एक-दूसरे के समकोण पर हों
- (b)एक सीध में हों (अमावस्या या पूर्णिमा)
- (c)केवल विषुव (equinox) के समय
- (d)सबसे दूर हों
उत्तर(b) एक सीध में हों, अमावस्या या पूर्णिमा को — तब गुरुत्वाकर्षण खिंचाव जुड़कर सबसे ऊँचे ज्वार उत्पन्न करता है।