निम्नलिखित में से कौनसा संगठन दिल्ली में वायसरॉय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने के लिए उत्तरदायी था ?
- (a)युनाईटेड पेट्रियॉटिक संघ
- (b)अखिल भारतीय मजदूर संघ
- (c)युगांतर
- (d)अनुशीलन समिति
सही उत्तर — (d) अनुशीलन समिति। 23 दिसंबर 1912 को, दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग के औपचारिक जुलूस के दौरान, उनके हाथी पर सवार हौदे पर एक बम फेंका गया, जिससे वे घायल हो गए और उनका एक सेवक मारा गया। यह 'दिल्ली षड्यंत्र केस' (दिल्ली-लाहौर षड्यंत्र) रास बिहारी बोस ने सचिन्द्र नाथ सान्याल के साथ मिलकर आयोजित किया था; बम युवा क्रांतिकारी बसंत कुमार बिस्वास ने फेंका, जो बंगाल के अनुशीलन समिति क्रांतिकारी नेटवर्क से जुड़े थे। बिस्वास को बाद में (1915 में) फाँसी दी गई।
- (a)युनाईटेड पेट्रियॉटिक संघ — यह सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित (1888) एक निष्ठावादी (loyalist) संस्था थी जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का विरोध करने के लिए बनी थी — यह कोई क्रांतिकारी संगठन नहीं था और इसका हार्डिंग बम कांड से कोई संबंध नहीं था।
- (b)अखिल भारतीय मजदूर संघ — यह एक ट्रेड-यूनियन जैसा प्रतीत होने वाला नाम है जिसका 1912 के दिल्ली षड्यंत्र से कोई संबंध नहीं था; यह कोई क्रांतिकारी बमकांडी संस्था नहीं थी।
- (c)युगांतर — युगांतर (जुगांतर) एक वास्तविक बंगाल क्रांतिकारी संस्था थी, परंतु हार्डिंग बम षड्यंत्र रास बिहारी बोस के अनुशीलन समिति-संबद्ध नेटवर्क का माना जाता है, न कि युगांतर का — यही इस प्रश्न का इच्छित जाल है, क्योंकि दोनों ही बंगाल की क्रांतिकारी संस्थाएँ हैं।
बीसवीं सदी के प्रारंभ में बंगाल में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद ने दो प्रमुख गुप्त समितियों को जन्म दिया — अनुशीलन समिति (जिसका ढाका में सशक्त प्रभाग था) और युगांतर (जुगांतर)। अनुशीलन नेटवर्क का प्रभाव बंगाल से आगे भी फैला था; रास बिहारी बोस इसे पंजाब और दिल्ली तक ले गए और उन्होंने 1912 में वायसराय हार्डिंग पर हमले का आयोजन किया। इसके बाद दिल्ली षड्यंत्र केस चला, जिसमें बसंत कुमार बिस्वास, अमीर चंद, अवध बिहारी और बालमुकुंद सहित कई क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई।
युगांतर और अनुशीलन समिति दोनों ही बंगाल की क्रांतिकारी संस्थाएँ हैं, इसलिए जान-बूझकर बनाया गया जाल युगांतर को चुनने का है। हार्डिंग बम कांड (23 दिसंबर 1912) को रास बिहारी बोस और अनुशीलन समिति से जोड़ें। शेष दो विकल्प — एक निष्ठावादी संस्था और एक मजदूर संगठन — सिरे से ही क्रांतिकारी संगठन नहीं हैं और तुरंत हटाए जा सकते हैं।
- 23 दिसंबर 1912: दिल्ली में अपनी राजकीय यात्रा के दौरान वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंका गया।
- दिल्ली षड्यंत्र केस का नेतृत्व रास बिहारी बोस ने किया, साथ में सचिन्द्र नाथ सान्याल।
- बसंत कुमार बिस्वास ने बम फेंका; वे अनुशीलन समिति से जुड़े थे और 1915 में उन्हें फाँसी दी गई।
- हार्डिंग घायल होकर बच गए; उनका सेवक (महावत) मारा गया।

- युगांतर (जुगांतर) को चुन लेना — यह और अनुशीलन समिति दोनों बंगाल की क्रांतिकारी संस्थाएँ हैं।
- 1912 के हार्डिंग बम कांड को 1908 के मुजफ्फरपुर बम कांड (खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी) से भ्रमित कर लेना।
क्रांतिकारी घटना (बाराह डकैती, अलीपुर बम, हार्डिंग बम) को सटीक संस्था (अनुशीलन समिति/युगांतर) या नेता (रास बिहारी बोस) से मिलाना।
बाराह डकैती स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी आतंकवादी का प्रथम प्रमुख उपक्रम था —
- (a) बंबई कर्नाटक
- (b) पंजाब
- (c) पूर्वी बंगाल
- (d) मद्रास प्रेसीडेंसी
उत्तर(c) पूर्वी बंगाल
दोनों ही अनुशीलन समिति पर केंद्रित हैं — बाराह डकैती (1908) ढाका अनुशीलन समिति का उपक्रम थी, वही संस्था जो 1912 के हार्डिंग बम कांड के पीछे थी।
निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों पर विचार कीजिए: 1. बारींद्र कुमार घोष 2. जोगेश चंद्र चटर्जी 3. रास बिहारी बोस। उपर्युक्त में से कौन गदर पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़े थे/था?
- (a) 1 और 2
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 3
- (d) केवल 3
उत्तर(d) केवल 3
रास बिहारी बोस — जो इस प्रश्न में 1912 के हार्डिंग बम हमले के आयोजक हैं — वही क्रांतिकारी यहाँ अपने बाद के गदर पार्टी संबंधों के लिए परखे गए हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1912 में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम हमले का आयोजन करने वाले और बाद में जापान में भारतीय स्वतंत्रता लीग की स्थापना करने वाले क्रांतिकारी कौन थे?
- (a)सचिन्द्र नाथ सान्याल
- (b)रास बिहारी बोस
- (c)बारींद्र कुमार घोष
- (d)जतिन्द्र नाथ दास
उत्तर(b) रास बिहारी बोस — दिल्ली षड्यंत्र के सूत्रधार, जिन्होंने बाद में जापान में भारतीय स्वतंत्रता लीग का नेतृत्व किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बाराह डकैती (1908), एक प्रारंभिक क्रांतिकारी कोष-संग्रह छापा, किसका कार्य था?
- (a)युगांतर
- (b)ढाका अनुशीलन समिति
- (c)गदर पार्टी
- (d)अभिनव भारत
उत्तर(b) ढाका अनुशीलन समिति — पूर्वी बंगाल में पहली बड़ी 'स्वदेशी डकैती'।