निम्नलिखित में से किस स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी को जनवरी, 2023 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया ?
- (a)आई.एन.एस. करंज
- (b)आई.एन.एस. कलवारी
- (c)आई.एन.एस. वागीर
- (d)आई.एन.एस. वेला
सही उत्तर — (c) आई.एन.एस. वागीर। आई.एन.एस. वागीर (S25) को 23 जनवरी 2023 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह कलवारी श्रेणी की पाँचवीं पनडुब्बी है — भारत की स्कॉर्पीन-डिज़ाइन, डीज़ल-इलेक्ट्रिक आक्रमण पनडुब्बियाँ, जो प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांसीसी सहयोग (नेवल ग्रुप) से मझगाँव डॉक, मुंबई में निर्मित हैं। चारों विकल्प स्कॉर्पीन/कलवारी श्रेणी की पनडुब्बियाँ हैं, परंतु केवल वागीर ही जनवरी 2023 में बेड़े में शामिल हुई।
- (a)आई.एन.एस. करंज — आई.एन.एस. करंज (S23) इस श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी है, जो मार्च 2021 में शामिल हुई थी — जनवरी 2023 में नहीं।
- (b)आई.एन.एस. कलवारी — आई.एन.एस. कलवारी (S21) इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी है और इसी से श्रेणी का नाम मिला है, जो दिसंबर 2017 में ही शामिल हो चुकी थी।
- (d)आई.एन.एस. वेला — आई.एन.एस. वेला (S24) चौथी पनडुब्बी है, जो नवंबर 2021 में शामिल हुई — वागीर से पहले।
कलवारी श्रेणी भारतीय नौसेना के लिए प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित छह डीज़ल-इलेक्ट्रिक आक्रमण पनडुब्बियों का समूह है, जो फ्रांस के स्कॉर्पीन डिज़ाइन (नेवल ग्रुप) पर आधारित हैं और मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई में निर्मित हैं। इन पनडुब्बियों के नाम पूर्व भारतीय नौसेना पनडुब्बियों पर रखे गए हैं: कलवारी, खंडेरी, करंज, वेला, वागीर और वागशीर।
चारों विकल्प एक ही श्रेणी के हैं, अतः प्रश्न पूरी तरह से शामिल होने की तिथि पर आधारित है। क्रम याद रखें: कलवारी (2017) → खंडेरी (2019) → करंज (2021) → वेला (2021) → वागीर (जनवरी 2023) → वागशीर (बाद में)। 'जनवरी 2023' = पाँचवीं पनडुब्बी, वागीर।
- आई.एन.एस. वागीर (S25) को 23 जनवरी 2023 को शामिल किया गया — 5वीं कलवारी-श्रेणी पनडुब्बी।
- कलवारी श्रेणी प्रोजेक्ट-75 के तहत स्कॉर्पीन डिज़ाइन (फ्रांसीसी नेवल ग्रुप) का उपयोग करती है, मझगाँव डॉक, मुंबई में निर्मित।
- शामिल होने का क्रम: कलवारी (2017), खंडेरी (2019), करंज (2021), वेला (2021), वागीर (2023)।
- ये डीज़ल-इलेक्ट्रिक आक्रमण (SSK) पनडुब्बियाँ हैं, परमाणु-चालित नहीं।

- वागीर (2023) को श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवारी (2017) से भ्रमित करना, क्योंकि श्रेणी का नाम ही कलवारी पर रखा गया है।
- यह मान लेना कि स्कॉर्पीन-श्रेणी की पनडुब्बियाँ परमाणु-चालित हैं — वे डीज़ल-इलेक्ट्रिक (परंपरागत) हैं।
UPPSC/UPSC रक्षा समसामयिकी की परख किसी नामित भारतीय नौसेना पोत को उसकी श्रेणी, भूमिका या शामिल होने के वर्ष से जोड़कर करते हैं — नए शामिल हुए पोतों को नाम और तिथि दोनों से याद रखें।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आई.एन.एस. सिंधुघोष एक विमानवाहक पोत है। 2. आई.एन.एस. विराट एक पनडुब्बी है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(d) न तो 1 और न ही 2 — आई.एन.एस. सिंधुघोष एक पनडुब्बी है और आई.एन.एस. विराट एक विमानवाहक पोत था, अतः दोनों कथन गलत ढंग से लेबल किए गए हैं।
वही परीक्षण प्रारूप — भारतीय नौसेना के पोतों (पनडुब्बी सहित) को नाम और प्रकार से पहचानना, वही रक्षा-सामान्य ज्ञान कौशल जिसका पुरस्कार यह स्कॉर्पीन प्रश्न देता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय नौसेना की कलवारी-श्रेणी पनडुब्बियाँ किस विदेशी डिज़ाइन पर आधारित हैं?
- (a)स्कॉर्पीन (फ्रांस)
- (b)किलो (रूस)
- (c)टाइप 214 (जर्मनी)
- (d)कॉलिन्स (ऑस्ट्रेलिया)
उत्तर(a) स्कॉर्पीन (फ्रांस) — प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांस के नेवल ग्रुप के साथ मझगाँव डॉक में निर्मित।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनवरी 2023 में शामिल हुई आई.एन.एस. वागीर किस प्रकार का पोत है?
- (a)विमानवाहक पोत
- (b)डीज़ल-इलेक्ट्रिक आक्रमण पनडुब्बी
- (c)परमाणु बैलिस्टिक-मिसाइल पनडुब्बी
- (d)निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक
उत्तर(b) डीज़ल-इलेक्ट्रिक आक्रमण पनडुब्बी — पाँचवीं स्कॉर्पीन/कलवारी-श्रेणी (SSK) पनडुब्बी।