आर्थिक विकास में मानव संसाधन का योगदान के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ? 1. आर्थिक विकास का जनसंख्या वृद्धि पर प्रभाव । 2. जनसंख्या वृद्धि का आर्थिक विकास पर प्रभाव । नीचे दिये गये कूट के आधार पर सही उत्तर का चयन कीजिए - कूट -
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)न तो 1 ना ही 2
- (d)दोनों 1 और 2
सही उत्तर — (d) दोनों 1 और 2। जनसंख्या (मानव संसाधन) और आर्थिक विकास के बीच संबंध दोनों दिशाओं में चलता है, और इस विषय का अध्ययन दोनों को समाहित करता है। (1) आर्थिक विकास जनसंख्या वृद्धि को आकार देता है: बढ़ती आय, नगरीकरण, बेहतर स्वास्थ्य-सेवा व महिला शिक्षा जनांकिकीय संक्रमण को गति देते हैं — पहले मृत्यु दर घटती है, फिर जन्म दर, जिससे वृद्धि दर बदलती है। (2) जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास को आकार देती है: बढ़ती कार्यशील-आयु जनसंख्या 'जनसांख्यिकीय लाभांश' के रूप में उत्पादन बढ़ा सकती है, या यदि यह पूँजी व रोजगार से आगे निकल जाए, तो संसाधनों व प्रति-व्यक्ति आय पर दबाव डाल सकती है। चूँकि दोनों प्रभाव विषय के वास्तविक आयाम हैं, दोनों कथन सही हैं।
- (a)केवल 1 — आर्थिक विकास का जनसंख्या वृद्धि पर प्रभाव वास्तविक है, परन्तु उल्टा भी सच है — जनसंख्या वृद्धि विकास को कैसे प्रभावित करती है — इसलिए उत्तर को 'केवल 1' तक सीमित करना दो-तरफ़ा संबंध के एक वैध आधे भाग को छोड़ देता है।
- (b)केवल 2 — जनसंख्या वृद्धि का आर्थिक विकास पर प्रभाव वास्तविक है, परन्तु आर्थिक विकास का जनसंख्या वृद्धि पर प्रभाव (जनांकिकीय संक्रमण) भी विषय का उतना ही हिस्सा है, इसलिए 'केवल 2' अधूरा है।
- (c)न तो 1 ना ही 2 — दोनों प्रभाव विकास अर्थशास्त्र में सुस्थापित हैं, इसलिए दोनों को अस्वीकार करना गलत है।
विकास अर्थशास्त्र में, मानव संसाधन (जनसंख्या) और आर्थिक विकास के बीच दो-तरफ़ा, परस्पर सुदृढ़ करने वाला संबंध है। विकास जनांकिकीय संक्रमण के माध्यम से जनसंख्या को प्रभावित करता है — जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएँ बढ़ती हैं, पहले मृत्यु दर और फिर प्रजनन दर घटती है। इसके विपरीत, जनसंख्या श्रम-शक्ति के आकार व गुणवत्ता के माध्यम से विकास को प्रभावित करती है: एक बड़ा कार्यशील-आयु हिस्सा, यदि शिक्षित, स्वस्थ व नियोजित हो, तो वृद्धि (जनसांख्यिकीय लाभांश) को तेज़ कर सकता है, परन्तु यदि नहीं, तो अर्थव्यवस्था पर बोझ बन सकता है।
कथन उन दो 'दिशाओं' के रूप में लिखे गए हैं जिनका अर्थशास्त्री अध्ययन करते हैं, और दोनों वैध हैं। जाल यह है कि इन्हें प्रतिस्पर्धी दावे मानकर 'केवल 1' या 'केवल 2' चुन लिया जाए, जबकि वास्तव में विषय 'आर्थिक विकास में मानव संसाधन का योगदान' स्पष्ट रूप से दोनों दिशाओं में चलने वाली कार्य-कारणता को समाहित करता है।
- जनांकिकीय संक्रमण: आर्थिक विकास सामान्यतः पहले मृत्यु दर, फिर जन्म दर घटाता है, जिससे जनसंख्या वृद्धि बदलती है।
- जनसांख्यिकीय लाभांश: 15-64 आयु वर्ग की बड़ी कार्यशील जनसंख्या, यदि उत्पादक रूप से नियोजित व कुशल हो, तो वृद्धि बढ़ा सकती है।
- पूँजी निर्माण व रोजगार से आगे निकलने वाली तीव्र जनसंख्या वृद्धि प्रति-व्यक्ति आय को दबा सकती है व संसाधनों पर दबाव डाल सकती है।
- मानव पूँजी — स्वास्थ्य, शिक्षा व कौशल — यह तय करती है कि बढ़ती जनसंख्या विकास के लिए संपत्ति बनेगी या दायित्व।
दोनों कथन इसी प्रतिपुष्टि चक्र के वास्तविक आधे हिस्सों का वर्णन करते हैं — इसलिए 'दोनों 1 और 2'।
- दोनों कथनों को प्रतिस्पर्धी दावों के रूप में पढ़कर 'केवल 1' या 'केवल 2' चुनना
- यह मान लेना कि जनसंख्या वृद्धि हमेशा विकास पर बोझ है, जनसांख्यिकीय-लाभांश की स्थिति को नज़रअंदाज़ करना
UPPSC/UPSC जनसंख्या-विकास संबंध को या तो एक संकल्पनात्मक 'दोनों दिशाएँ सही हैं' कथन-युग्म के रूप में परखते हैं, या यह पूछते हैं कि किन परिस्थितियों में युवा जनसंख्या जनसांख्यिकीय लाभांश बनती है।
भारत को "जनसांख्यिकीय लाभांश" वाला देश माना जाता है। यह किस कारण है ?
- (a) 15 वर्ष से कम आयु वर्ग में उसकी उच्च जनसंख्या
- (b) 15-64 वर्ष आयु वर्ग में उसकी उच्च जनसंख्या
- (c) 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में उसकी उच्च जनसंख्या
- (d) उसकी उच्च कुल जनसंख्या
उत्तर(b) 15-64 वर्ष आयु वर्ग में उसकी उच्च जनसंख्या
कथन 2 के विचार को सीधे परखता है — जनसंख्या (मानव संसाधन) का आकार/संरचना आर्थिक विकास को कैसे प्रभावित करता है।
देश X में आर्थिक वृद्धि अनिवार्य रूप से तभी होगी जब
- (a) विश्व अर्थव्यवस्था में तकनीकी प्रगति हो
- (b) X में जनसंख्या वृद्धि हो
- (c) X में पूँजी निर्माण हो
- (d) विश्व अर्थव्यवस्था में व्यापार की मात्रा बढ़े
उत्तर(c) X में पूँजी निर्माण हो
जनसंख्या-वृद्धि-बनाम-आर्थिक-वृद्धि संबंध की जाँच करता है — यह दर्शाते हुए कि केवल जनसंख्या वृद्धि विकास की गारंटी नहीं देती, कथन 2 के पीछे की सूक्ष्मता।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत को 'जनसांख्यिकीय लाभांश' वाला देश मुख्यतः किस कारण माना जाता है ?
- (a)15 वर्ष से कम आयु की उसकी उच्च जनसंख्या
- (b)15-64 कार्यशील-आयु समूह में उसकी बड़ी जनसंख्या हिस्सेदारी
- (c)65 वर्ष से अधिक आयु की उसकी उच्च जनसंख्या
- (d)उसकी बहुत उच्च कुल जनसंख्या
उत्तर(b) एक बड़ी कार्यशील-आयु (15-64) जनसंख्या, जो उत्पादक रूप से नियोजित होने पर वृद्धि बढ़ा सकती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनांकिकीय संक्रमण के अनुसार, अर्थव्यवस्था के विकसित होने पर सामान्य क्रम क्या है ?
- (a)पहले जन्म दर घटती है, फिर मृत्यु दर
- (b)पहले मृत्यु दर घटती है, फिर जन्म दर
- (c)दोनों साथ बढ़ती हैं
- (d)दोनों अपरिवर्तित रहती हैं
उत्तर(b) पहले मृत्यु दर घटती है, फिर जन्म दर — अंतर संकुचित होकर अंततः जनसंख्या वृद्धि धीमी होती है।