उस विदेशी पत्रकार का नाम बताइये जिसने धरसना साल्ट वर्क्स पर सत्याग्रह के बारे में समाचार दिए
- (a)फ्रांसिस लुई
- (b)मार्क टुली
- (c)वेब मिलर
- (d)फिलिप स्प्रेट
सही उत्तर — (c) वेब मिलर (वेब्ब मिलर)। वेब मिलर यूनाइटेड प्रेस एजेंसी के एक अमेरिकी संवाददाता थे जो 21 मई 1930 को हुए धरासना सत्याग्रह के प्रत्यक्षदर्शी थे, जब सरोजिनी नायडू तथा मणिलाल गांधी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने गुजरात के धरासना साल्ट वर्क्स की ओर कूच किया और बिना किसी प्रतिरोध के पुलिस द्वारा पीटे गए। मिलर की उस विवरणात्मक रिपोर्ट, जिसमें निहत्थे सत्याग्रहियों की लाठियों से पिटाई का वर्णन था, विश्वभर के लगभग 1,350 समाचार पत्रों में छपी और नमक सत्याग्रह के दौरान ब्रिटिश शासन की क्रूरता को उजागर किया।
- (a)फ्रांसिस लुई — गलत — धरासना सत्याग्रह से जुड़ा इस नाम का कोई विदेशी संवाददाता नहीं है; यह एक भ्रामक विकल्प है। प्रत्यक्षदर्शी रिपोर्ट यूनाइटेड प्रेस के वेब मिलर की थी।
- (b)मार्क टुली — गलत — मार्क टुली भारत से रिपोर्टिंग के लिए प्रसिद्ध एक ब्रिटिश (BBC) पत्रकार हैं, परंतु वे 1960 के दशक से सक्रिय थे; वे 1930 की घटना को कवर करने के लिए तब तक जन्मे भी नहीं थे।
- (d)फिलिप स्प्रेट — गलत — फिलिप स्प्रैट एक ब्रिटिश साम्यवादी थे जिन्हें 1926 में भारत भेजा गया और मेरठ षड्यंत्र मामले में मुकदमा चलाया गया था; वे एक राजनीतिक कार्यकर्ता थे, न कि धरासना छापे की रिपोर्ट देने वाले पत्रकार।
धरासना सत्याग्रह (मई 1930) सविनय अवज्ञा आंदोलन का एक प्रमुख प्रकरण था, जो गांधी के मार्च 1930 के डांडी (नमक) मार्च के साथ आरंभ हुआ था। गांधी की गिरफ्तारी के बाद, सरोजिनी नायडू तथा अन्य के नेतृत्व में सरकारी धरासना साल्ट वर्क्स पर एक अहिंसक छापा मारा गया; सत्याग्रही, बिना हाथ उठाए, लहर-दर-लहर पुलिस की लाठियों का सामना करते रहे। वेब मिलर की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने अनुशासित अहिंसा के इस कार्य को औपनिवेशिक दमन के विरुद्ध एक वैश्विक अभियोग में बदल दिया।
यह प्रश्न एक प्रसिद्ध घटना से जुड़े एक विशिष्ट नाम की परीक्षा लेता है। पात्रों को अलग-अलग पहचानें: गांधी तथा सरोजिनी नायडू नेता थे; वेब मिलर वह विदेशी पत्रकार थे जिन्होंने इसे प्रचारित किया। शेष नाम कालावधि-आधारित भ्रामक विकल्प हैं — एक बाद के BBC संवाददाता (टुली) तथा एक साम्यवादी कार्यकर्ता (स्प्रैट) — अतः तर्क यह है कि धरासना की रिपोर्टिंग के लिए वास्तव में जाने जाने वाले व्यक्ति से मिलान किया जाए।
- धरासना सत्याग्रह — 21 मई 1930, गुजरात के धरासना साल्ट वर्क्स पर छापा।
- गांधी की गिरफ्तारी के बाद सरोजिनी नायडू व मणिलाल गांधी के नेतृत्व में।
- वेब मिलर — यूनाइटेड प्रेस (अमेरिकी) संवाददाता तथा प्रत्यक्षदर्शी।
- उनकी रिपोर्ट विश्वभर के लगभग 1,350 समाचार पत्रों तक पहुँची, जिसने ब्रिटिश क्रूरता उजागर की तथा नमक सत्याग्रह के लिए वैश्विक सहानुभूति जुटाई।
- नेताओं (गांधी, सरोजिनी नायडू) को संवाददाता (वेब मिलर) से भ्रमित करना
- मार्क टुली को केवल इसलिए चुनना कि वे भारत में एक प्रसिद्ध विदेशी पत्रकार हैं — परंतु वे बहुत बाद के काल के हैं
यहाँ इतिहास तथ्यात्मक स्मरण है — किसी विशिष्ट व्यक्ति को किसी विशिष्ट घटना से जोड़ें; UPPSC विशेष रूप से 'किसने रिपोर्ट दी/किसने नेतृत्व किया' वाला एक-नाम प्रश्न पसंद करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा आंदोलन डांडी मार्च से आरंभ हुआ?
- (a) होम रूल आंदोलन
- (b) असहयोग आंदोलन
- (c) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (d) भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर(c) सविनय अवज्ञा आंदोलन
वही प्रकरण — धरासना सत्याग्रह उसी सविनय अवज्ञा/नमक सत्याग्रह का भाग था जो डांडी मार्च से आरंभ हुआ; यह प्रश्न वही संदर्भ स्थिर करता है।
1930 में महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन कहाँ से आरंभ किया
- (a) सेवाग्राम
- (b) डांडी
- (c) साबरमती
- (d) वर्धा
उत्तर(c) साबरमती
वही आंदोलन — 1930 का नमक सत्याग्रह; धरासना (जहाँ वेब मिलर ने रिपोर्ट दी) इसके सबसे नाटकीय प्रकरणों में से एक था।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मई 1930 का धरासना सत्याग्रह महात्मा गांधी की गिरफ्तारी के बाद निम्नलिखित में से किसके नेतृत्व में हुआ?
- (a)सरोजिनी नायडू
- (b)कस्तूरबा गांधी
- (c)विजयलक्ष्मी पंडित
- (d)कमला नेहरू
उत्तर(a) सरोजिनी नायडू — उन्होंने (मणिलाल गांधी के साथ) धरासना साल्ट वर्क्स पर अहिंसक छापे का नेतृत्व किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सविनय अवज्ञा आंदोलन आरंभ करने वाला नमक (डांडी) मार्च 1930 में किस स्थान से आरंभ हुआ?
- (a)डांडी
- (b)साबरमती आश्रम
- (c)अहमदाबाद नगर
- (d)सूरत
उत्तर(b) साबरमती आश्रम — गांधी तथा उनके अनुयायी साबरमती से डांडी के तट तक चले।