रक्त में निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति के कारण 'ब्लू बेबी सिन्ड्रोम' होता है ?
- (a)हीमोग्लोबिन
- (b)मेटहीमोग्लोबिन
- (c)लेड
- (d)नाइट्रेट
सही उत्तर — (b) मेटहीमोग्लोबिन। 'ब्लू बेबी सिन्ड्रोम' (शिशु मेटहीमोग्लोबिनेमिया) तब उत्पन्न होता है जब पीने के पानी में नाइट्रेट को आंत के जीवाणु नाइट्राइट में बदल देते हैं, जो हीमोग्लोबिन के लौह तत्व को फेरस (Fe2+) अवस्था से फेरिक (Fe3+) अवस्था में ऑक्सीकृत कर मेटहीमोग्लोबिन बना देता है। मेटहीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को बाँध व वहन नहीं कर सकता, इसलिए शिशु का रक्त ऑक्सीजन-विहीन हो जाता है और त्वचा नीली आभा (सायनोसिस) ले लेती है। चूँकि प्रश्न पूछता है कि रक्त में क्या उपस्थित होने से यह स्थिति उत्पन्न होती है, उत्तर मेटहीमोग्लोबिन है।
- (a)हीमोग्लोबिन — गलत — सामान्य हीमोग्लोबिन स्वस्थ ऑक्सीजन-वाहक वर्णक है; इसकी उपस्थिति सामान्य है, कोई रोग नहीं। ब्लू बेबी सिन्ड्रोम इसके असामान्य रूप, मेटहीमोग्लोबिन, के कारण होता है।
- (c)लेड — गलत — रक्त में लेड (सीसा) की उपस्थिति लेड विषाक्तता (प्लम्बिज़्म: एनीमिया, तंत्रिका-संबंधी व विकासात्मक क्षति) का कारण बनती है, ब्लू बेबी सिन्ड्रोम का नहीं।
- (d)नाइट्रेट — लुभावना परंतु गलत — दूषित जल में नाइट्रेट वह पर्यावरणीय कारण है जो इस सिन्ड्रोम को उत्पन्न करता है, परंतु यह नीले रंग के लिए उत्तरदायी रक्त-पदार्थ नहीं है। यह पहले नाइट्राइट में अपचित होता है, जो फिर मेटहीमोग्लोबिन बनाता है; प्रश्न पूछता है कि रक्त में क्या उपस्थित है, अर्थात् मेटहीमोग्लोबिन।
मेटहीमोग्लोबिन हीमोग्लोबिन का वह रूप है जिसमें लौह सामान्य फेरस (Fe2+) अवस्था के बजाय फेरिक (Fe3+) अवस्था में होता है; इस अवस्था में यह ऑक्सीजन वहन नहीं कर सकता। शिशुओं में, पीने के पानी में उच्च नाइट्रेट — प्रायः नाइट्रोजनी उर्वरकों के बहाव या दूषित कुओं से — आंत में नाइट्राइट में अपचित हो जाता है, जो हीमोग्लोबिन को मेटहीमोग्लोबिन में ऑक्सीकृत कर मेटहीमोग्लोबिनेमिया उत्पन्न करता है, जिसे लोकप्रिय रूप से 'ब्लू बेबी सिन्ड्रोम' कहा जाता है।
लुभावना उत्तर नाइट्रेट है, क्योंकि नाइट्रेट प्रदूषण पारिस्थितिकी अध्यायों में चर्चित शास्त्रीय पर्यावरणीय कारक है। परंतु प्रश्न विशेष रूप से पूछता है कि रक्त में क्या उपस्थित होने से यह सिन्ड्रोम उत्पन्न होता है — वह है असामान्य वर्णक मेटहीमोग्लोबिन। कारण (जल में नाइट्रेट) को रक्त-स्तरीय तंत्र (मेटहीमोग्लोबिन) से अलग करें।
- ब्लू बेबी सिन्ड्रोम = शिशु मेटहीमोग्लोबिनेमिया।
- पथ: नाइट्रेट → नाइट्राइट (आंत के जीवाणुओं द्वारा) → हीमोग्लोबिन के Fe2+ को Fe3+ में ऑक्सीकृत करता है → मेटहीमोग्लोबिन, जो ऑक्सीजन वहन नहीं कर सकता।
- परिणाम: सायनोसिस (नीली त्वचा), लगभग छह माह से कम उम्र के शिशुओं में सर्वाधिक खतरनाक।
- मुख्य पर्यावरणीय कारण: उर्वरक बहाव या दूषित कुओं से पीने के पानी में उच्च नाइट्रेट।
- पीने के पानी में नाइट्रेट (NO3) — उर्वरक बहाव/दूषित कुओं से
- शिशु की आंत में जीवाणुओं द्वारा नाइट्राइट (NO2) में अपचयित
- नाइट्राइट हीमोग्लोबिन Fe2+ को ऑक्सीकृत करता है → मेटहीमोग्लोबिन Fe3+
- मेटहीमोग्लोबिन ऑक्सीजन वहन नहीं कर सकता → सायनोसिस ('ब्लू बेबी')
नाइट्रेट कारण है; रक्त में उपस्थित पदार्थ मेटहीमोग्लोबिन है → विकल्प (b)।
- 'नाइट्रेट' चुनना — यह जल में उपस्थित कारण है, रक्त में पूछा गया पदार्थ नहीं
- मेटहीमोग्लोबिन (ऑक्सीकृत, अकार्यशील) को सामान्य हीमोग्लोबिन से भ्रमित करना
UPPSC/UPSC ब्लू बेबी सिन्ड्रोम को कारण (जल में नाइट्रेट) अथवा तंत्र (रक्त में मेटहीमोग्लोबिन) के माध्यम से पूछते हैं — पढ़ें कि प्रश्न पर्यावरणीय कारण माँग रहा है या रक्त-पदार्थ।
कृषि में नाइट्रोजनी उर्वरकों के अत्यधिक/अनुचित प्रयोग का क्या प्रभाव हो सकता है? 1. मिट्टी में नाइट्रोजन-स्थिरीकारी सूक्ष्मजीवों का प्रसार हो सकता है। 2. मिट्टी की अम्लता में वृद्धि हो सकती है। 3. भूजल में नाइट्रेट का निक्षालन (लीचिंग) हो सकता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) 1 और 3 केवल
- (b) 2 केवल
- (c) 2 और 3 केवल
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(c) 2 और 3 केवल
वही अवधारणा — नाइट्रोजनी उर्वरकों से भूजल का नाइट्रेट संदूषण, जो ठीक वही मार्ग है जिससे ब्लू बेबी सिन्ड्रोम (मेटहीमोग्लोबिनेमिया) उत्पन्न होता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
शिशुओं में ब्लू बेबी सिन्ड्रोम मुख्यतः पीने के पानी में किस संदूषक की अधिकता से जुड़ा है?
- (a)फ्लोराइड
- (b)आर्सेनिक
- (c)नाइट्रेट
- (d)लौह
उत्तर(c) नाइट्रेट — जल में नाइट्रेट नाइट्राइट में अपचित होता है, जो मेटहीमोग्लोबिन बनाकर ब्लू बेबी सिन्ड्रोम उत्पन्न करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मेटहीमोग्लोबिन सामान्य हीमोग्लोबिन से इस बात में भिन्न है कि इसका लौह किस ऑक्सीकरण अवस्था में होता है?
- (a)फेरस (Fe2+)
- (b)फेरिक (Fe3+)
- (c)धात्विक (Fe0)
- (d)इसमें कोई लौह नहीं होता
उत्तर(b) फेरिक (Fe3+) — इस अवस्था में यह ऑक्सीजन बाँध नहीं सकता, सामान्य फेरस हीमोग्लोबिन के विपरीत।