निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है ? (शासक) - (राज्य)
- (a)राणा हमीर - मेवाड
- (b)राणा चुण्डा - मारवाड
- (c)मलिक राजा फारुकी - खानदेश
- (d)मलिक सरवर ख्वाजा जहाँ - मालवा
सही उत्तर — (d) मलिक सरवर ख्वाजा जहाँ - मालवा, यही असंगत जोड़ी है। मलिक सरवर, जो तुगलक दरबार के एक सरदार थे और जिन्हें ख्वाजा जहाँ तथा 'मलिक-उश-शर्क' (पूरब का स्वामी) की उपाधि मिली थी, ने लगभग 1394 में जौनपुर में स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर शर्की वंश की स्थापना की — न कि मालवा में। (स्वतंत्र मालवा की स्थापना अलग रूप से दिलावर खाँ गोरी ने की थी।) शेष तीन जोड़ियाँ सही हैं: राणा हमीर ने मेवाड़ में सिसोदिया शासन पुनः स्थापित किया, राव चुण्डा ने मारवाड़ में राठौड़ शासन स्थापित किया, और मलिक राजा फारुकी ने खानदेश के वंश की नींव रखी।
- (a)राणा हमीर - मेवाड — यह सही सुमेलित है, अतः यह उत्तर नहीं है। सिसोदिया वंश के राणा हमीर सिंह ने चित्तौड़ पुनः प्राप्त कर 14वीं शताब्दी में मेवाड़ पर राजपूत शासन पुनः स्थापित किया।
- (b)राणा चुण्डा - मारवाड — यह सही सुमेलित है, अतः यह उत्तर नहीं है। राठौड़ वंश के राव चुण्डा ने मारवाड़ में राठौड़ सत्ता को सुदृढ़ किया, मंडोर उनकी राजधानी थी।
- (c)मलिक राजा फारुकी - खानदेश — यह सही सुमेलित है, अतः यह उत्तर नहीं है। मलिक राजा फारुकी ने लगभग 1382 में खानदेश के फारुकी वंश की स्थापना की।
14वीं शताब्दी के अंत में जैसे-जैसे दिल्ली सल्तनत कमज़ोर पड़ी — तैमूर के 1398 के आक्रमण से यह प्रक्रिया और तीव्र हुई — कई प्रांतीय राज्यपालों ने विद्रोह कर क्षेत्रीय राज्यों की स्थापना की। मलिक सरवर (ख्वाजा जहाँ) ने जौनपुर के शर्की ('पूर्वी') वंश की स्थापना की; स्वतंत्र मालवा सल्तनत की स्थापना अलग रूप से दिलावर खाँ गोरी ने की (बाद में मालवा के खिलजी सुल्तान, माण्डू से शासन करते हुए)। राजपूताना में सिसोदिया मेवाड़ (चित्तौड़) पर तथा राठौड़ मारवाड़ (मंडोर/जोधपुर) पर शासन करते थे, जबकि दक्कन में खानदेश पर फारुकी वंश का शासन था।
तीन जोड़ियाँ पाठ्यपुस्तक-स्तर पर सही हैं, अतः उन्हें छाँटने पर असंगत जोड़ी स्पष्ट दिखाई देती है। प्रश्न जिस शास्त्रीय भ्रम का लाभ उठाता है वह है शर्की = जौनपुर (पूर्व में) बनाम मालवा सल्तनत = दिलावर खाँ गोरी/माण्डू — विकल्प (d) जान-बूझकर जौनपुर के स्थान पर मालवा रख देता है।
- मलिक सरवर (ख्वाजा जहाँ, 'मलिक-उश-शर्क') ने लगभग 1394 में जौनपुर के शर्की वंश की स्थापना की — मालवा में नहीं।
- स्वतंत्र मालवा सल्तनत की स्थापना दिलावर खाँ गोरी ने की (बाद में राजधानी माण्डू बनी)।
- राणा हमीर (सिसोदिया) ने मेवाड़ पुनर्स्थापित किया; राव चुण्डा (राठौड़) ने मारवाड़ की स्थापना की।
- मलिक राजा फारुकी ने खानदेश के फारुकी वंश की स्थापना की (लगभग 1382)।

- मलिक सरवर/शर्की वंश को जौनपुर के बजाय मालवा से जोड़ देना।
- यह भूल जाना कि मालवा के संस्थापक दिलावर खाँ गोरी थे, कोई शर्की शासक नहीं।
UPPSC/UPSC शासक-क्षेत्र (या वंश-राजधानी) की जोड़ियाँ देकर पूछते हैं कि कौन-सी सही सुमेलित नहीं है — सल्तनत-पश्चात क्षेत्रीय राज्यों के संस्थापकों को याद रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
शर्की वंश ने किस राज्य पर शासन किया?
- (a)मालवा
- (b)जौनपुर
- (c)गुजरात
- (d)बंगाल
उत्तर(b) जौनपुर — जिसकी स्थापना मलिक सरवर ने की तथा जो अटाला व जामा मस्जिदों के लिए प्रसिद्ध है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मालवा की स्वतंत्र सल्तनत की स्थापना किसने की?
- (a)मलिक सरवर
- (b)दिलावर खाँ गोरी
- (c)मलिक राजा फारुकी
- (d)राणा कुम्भा
उत्तर(b) दिलावर खाँ गोरी — जिसकी राजधानी बाद में माण्डू बनी।