नीति आयोग द्वारा चलाये जा रहे आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के कितने जिलों को जून, 2021 तक शामिल किया गया है ?
- (a)4
- (b)6
- (c)8
- (d)10
सही उत्तर — (c), 8। नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) के अंतर्गत, जिसे देश के सबसे अल्प-विकसित जिलों में विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने हेतु जनवरी 2018 में शुरू किया गया था, उत्तर प्रदेश के आठ जिले शामिल हैं: बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर तथा सोनभद्र। जून 2021 तक उ.प्र. के लिए यह संख्या 8 ही रही। राष्ट्रीय स्तर पर यह कार्यक्रम स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा, कृषि व जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा बुनियादी अवसंरचना के समग्र सूचकांकों के आधार पर चुने गए 112 जिलों को कवर करता है।
- (a)4 — संख्या को कम आँकता है — उ.प्र. में इस कार्यक्रम के अंतर्गत चार नहीं, आठ आकांक्षी जिले हैं।
- (b)6 — फिर भी वास्तविक संख्या से कम है; उत्तर प्रदेश के लिए सही आँकड़ा आठ जिले है।
- (d)10 — संख्या को अधिक आँकता है — उ.प्र. के केवल आठ जिले (बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र) ही इस कार्यक्रम में हैं, दस नहीं।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) नीति आयोग की एक पहल है जो जनवरी 2018 में उन जिलों को तेज़ी से रूपांतरित करने के लिए शुरू की गई जो प्रमुख विकास सूचकांकों में सबसे अधिक पिछड़े हुए हैं। यह '3 सी' दृष्टिकोण पर कार्य करता है — अभिसरण (केंद्रीय व राज्य योजनाओं का), सहयोग (केंद्रीय, राज्य व जिला अधिकारियों के बीच) तथा प्रतिस्पर्धा (चैंपियंस ऑफ चेंज डैशबोर्ड पर वास्तविक-समय निगरानी व रैंकिंग के माध्यम से)। जिलों की रैंकिंग पाँच व्यापक विषयों में समग्र स्कोर के आधार पर होती है: स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा, कृषि व जल संसाधन, वित्तीय समावेशन व कौशल विकास, तथा बुनियादी अवसंरचना। देशभर के 112 आकांक्षी जिलों में से आठ उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
जाल यह है कि कोई सामान्य गोल संख्या अनुमान लगाई जाए; उ.प्र. के लिए विशिष्ट आँकड़ा 8 है। एक उपयोगी संदर्भ-बिंदु यह है कि राष्ट्रीय कार्यक्रम 112 जिलों को कवर करता है, और उ.प्र. — भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य — इनमें से आठ का योगदान करता है, जो मुख्यतः अपने अधिक निर्धन पूर्वांचल/बुंदेलखंड क्षेत्रों में केंद्रित हैं (जैसे श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर पूर्व में; चित्रकूट, फतेहपुर बुंदेलखंड में; चंदौली व सोनभद्र दक्षिण-पूर्व में)।
- उत्तर प्रदेश में 8 आकांक्षी जिले हैं: बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र।
- ADP को नीति आयोग ने जनवरी 2018 में शुरू किया; राष्ट्रीय स्तर पर 112 जिले शामिल हैं।
- रैंकिंग 5 विषयों (स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा, कृषि व जल, वित्तीय समावेशन व कौशल, बुनियादी अवसंरचना) पर आधारित समग्र स्कोर से होती है।
- दृष्टिकोण: '3 सी' — अभिसरण, सहयोग तथा प्रतिस्पर्धा, जिन्हें चैंपियंस ऑफ चेंज डैशबोर्ड पर ट्रैक किया जाता है।
भारत के 112 आकांक्षी जिलों में से आठ उत्तर प्रदेश में स्थित हैं, मुख्यतः इसके पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्रों में।
- सटीक आँकड़े 8 के बजाय कोई गोल संख्या (4/6/10) चुन लेना।
- ADP (नीति आयोग, 2018) को पुरानी पिछड़ा-जिला निधियों जैसे BRGF के साथ भ्रमित करना।
UPPSC प्रायः उ.प्र. के लिए सटीक संख्या पूछता है या यह पूछता है कि कौन-से जिले 'आकांक्षी' हैं; UPSC कार्यक्रम की संरचना (एजेंसी, सूचकांक, 3 सी) पूछता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में आकांक्षी जिला कार्यक्रम निम्नलिखित में से किस संस्था द्वारा चलाया जाता है ?
- (a)ग्रामीण विकास मंत्रालय
- (b)नीति आयोग
- (c)वित्त आयोग
- (d)गृह मंत्रालय
उत्तर(b) नीति आयोग — इसने कार्यक्रम को (जनवरी 2018 से) शुरू किया व केंद्रीय मंत्रालयों तथा राज्यों के साथ समन्वय करते हुए इसकी निगरानी करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आकांक्षी जिला कार्यक्रम का दृष्टिकोण निम्नलिखित में से किसके द्वारा सर्वोत्तम रूप से वर्णित है ?
- (a)आदेश एवं नियंत्रण
- (b)अभिसरण, सहयोग तथा प्रतिस्पर्धा
- (c)केवल सार्वजनिक-निजी भागीदारी
- (d)केंद्र-प्रायोजित अनुदान हस्तांतरण
उत्तर(b) अभिसरण, सहयोग तथा प्रतिस्पर्धा — यही '3 सी' कार्यक्रम को संचालित करते हैं, जिन्हें चैंपियंस ऑफ चेंज डैशबोर्ड पर ट्रैक किया जाता है।