नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिसमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है : अभिकथन (A) : मुगल साम्राज्य मूल रूप से एक सैनिक राज्य था । कारण (R) : केन्द्रीय शासन व्यवस्था के विकास की प्राणशक्ति उसकी सैनिक शक्ति पर निर्भर थी । नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए । कूट :
- (a)(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
- (b)(A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
- (c)(A) सत्य है, किन्तु (R) गलत है
- (d)(A) गलत है, किन्तु (R) सत्य है
सही उत्तर — (a), (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। मुग़ल साम्राज्य सैन्य शक्ति से जन्मा और उसी पर टिका था: बाबर ने इसे प्रथम पानीपत युद्ध (1526) में जीता, और अकबर ने मनसबदारी प्रणाली के माध्यम से सम्पूर्ण शासक वर्ग को संगठित किया, जिसमें प्रत्येक सरदार का एक संख्यात्मक सैन्य पद (ज़ात व सवार) होता था और उसे घुड़सवार सेना की एक निश्चित संख्या बनाए रखनी पड़ती थी। चूँकि केन्द्रीय शासन की पहुँच और स्थिरता सीधे इसी सैन्य तंत्र पर निर्भर थी — सम्राट का सेनाओं पर नियंत्रण, जागीर देने और राजस्व वसूली लागू करने की उसकी शक्ति — यह राज्य, उत्पत्ति और कार्यप्रणाली दोनों में, मूलतः एक सैनिक राज्य था। अतः R वही कारण बताता है जिससे A सत्य है, इसलिए यह A की सही व्याख्या है।
- (b)(A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है — दोनों कथन वास्तव में सत्य हैं, परन्तु R, A के साथ रखा गया कोई असम्बद्ध तथ्य नहीं है — यह वास्तविक कारण बताता है: केन्द्रीय शासन का अधिकार सैन्य शक्ति से प्राप्त होता था, यही कारण है कि साम्राज्य को सैनिक राज्य कहा जाता है। अतः 'सही व्याख्या नहीं करता' कहना गलत है।
- (c)(A) सत्य है, किन्तु (R) गलत है — R गलत नहीं है। मुग़ल केन्द्रीय तंत्र — मनसबदार सामंत वर्ग, स्थायी घुड़सवार सेना और जागीर आबंटन — वास्तव में सैन्य शक्ति पर निर्भर था, इसलिए R को गलत मानना अनुचित है।
- (d)(A) गलत है, किन्तु (R) सत्य है — A गलत नहीं है। साम्राज्य की स्थापना विजय के द्वारा हुई और इसका प्रशासन एक सैन्य-पदस्थ सामंत वर्ग के माध्यम से होता था, इसलिए इसे मूलतः सैनिक राज्य बताना सटीक है।
मुग़ल राजतंत्र को परम्परागत रूप से 'सैनिक राज्य' कहा जाता है क्योंकि नागरिक और सैन्य दोनों प्रकार का अधिकार एक ही संस्था में समाहित था — अकबर द्वारा व्यवस्थित मनसबदारी प्रणाली। एक मनसबदार का पद ज़ात (व्यक्तिगत प्रतिष्ठा व वेतन) और सवार (उसे बनाए रखने वाले घुड़सवारों की संख्या) से निर्धारित होता था, और जो सरदार सेनाओं की कमान संभालते थे वही प्रान्तों का शासन भी करते थे तथा जागीर (राजस्व आबंटन) से अपना वेतन प्राप्त करते थे। साम्राज्य की शक्ति इसी सैन्य-प्रशासनिक वर्ग पर राजसत्ता के नियंत्रण के साथ बढ़ती-घटती थी।
अभिकथन-कारण प्रकार के प्रश्न में पहले प्रत्येक कथन की सत्यता स्वतंत्र रूप से जाँचें, फिर देखें कि क्या कारण, अभिकथन का वास्तविक कारण है। यहाँ दोनों सत्य हैं, और कारण — कि केन्द्रीय शक्ति सैन्य बल पर निर्भर थी — ठीक वही कारण है जिससे साम्राज्य को सैनिक राज्य कहा जाता है, अतः उत्तर (a) है, न कि (b)।
- मुग़ल साम्राज्य की स्थापना बाबर की पानीपत विजय, 1526 से हुई — यह एक विजय-आधारित राज्य था
- मनसबदारी प्रणाली (अकबर): प्रत्येक सरदार का एक सैन्य पद (ज़ात व सवार) होता था और वह घुड़सवार सेना बनाए रखता था
- नागरिक प्रशासन, जागीर आबंटन और राजस्व वसूली सैन्य दायित्व से जुड़े थे
- जब भी मनसबदारों व जागीरों पर नियंत्रण कमज़ोर पड़ता, केन्द्रीय सत्ता कमज़ोर हो जाती

- R वास्तव में A की सही व्याख्या करते हुए भी (b) को चिह्नित करना
- यह मान लेना कि 'सैनिक राज्य' में कोई नागरिक प्रशासन नहीं था — दोनों पृथक नहीं, बल्कि एकीकृत थे
UPSC और UPPSC मुग़ल राज्य के सैन्य स्वरूप की परीक्षा या तो सीधे (मनसबदारी 'मुख्यतः...के लिए प्रवर्तित') या अभिकथन-कारण के रूप में करते हैं, जिसमें यह जाँचा जाता है कि क्या प्रशासन सैन्य शक्ति पर निर्भर था।
मध्यकालीन भारत में, मनसबदारी प्रणाली मुख्यतः किसके लिए प्रवर्तित की गई थी
- (a) सेना में भर्ती करने के लिए
- (b) राजस्व वसूली को सुगम बनाने के लिए
- (c) धार्मिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए
- (d) स्वच्छ प्रशासन प्रभावी बनाने के लिए
उत्तर(a) सेना में भर्ती करने के लिए
अभिकथन का सीधा समर्थन करता है — मनसबदारी प्रणाली मुख्यतः सेना को संगठित करने के लिए प्रवर्तित की गई थी, अर्थात् मुग़ल राज्य सैन्य संगठन पर टिका था।
अभिकथन (A): अकबर के समय, प्रत्येक दस घुड़सवारों के लिए, मनसबदारों को बीस घोड़े बनाए रखने पड़ते थे। कारण (R): मार्च के दौरान घोड़ों को विश्राम देना पड़ता था और युद्ध के समय प्रतिस्थापन आवश्यक होते थे।
- (a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
- (b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
- (c) (A) सत्य है, किन्तु (R) गलत है
- (d) (A) गलत है, किन्तु (R) सत्य है
उत्तर(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
समान अभिकथन-कारण प्रारूप उसी विषय पर — अकबर की मनसबदारी (घुड़सवार-सेना-और-घोड़ा दायित्व) का सैन्य तर्क।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुग़लों की मनसबदारी प्रणाली मुख्यतः किसके लिए एक व्यवस्था थी:
- (a)सैन्य व प्रशासनिक सेवा के लिए सामंत वर्ग को संगठित करना
- (b)वंशानुगत निजी भूस्वामित्व
- (c)धार्मिक न्यास व दान
- (d)ग्राम स्वशासन
उत्तर(a) सैन्य (व प्रशासनिक) सेवा के लिए सामंत वर्ग को संगठित करना — ज़ात व सवार द्वारा श्रेणीबद्ध।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मनसबदारी प्रणाली में 'सवार' पद किसका सूचक था:
- (a)मनसबदार की व्यक्तिगत वेतन व प्रतिष्ठा
- (b)मनसबदार को बनाए रखने वाले घुड़सवारों की संख्या
- (c)उसकी जागीर की राजस्व उपज
- (d)दरबार में उसका वरीयता क्रम
उत्तर(b) घुड़सवार सैनिकों (घोड़सवारों) की वह संख्या जिसे उसे बनाए रखना आवश्यक था।