कोलकाता बंदरगाह से अगरतला के लिए पहली बार मालवाहक जहाज जुलाई 2020 में बंगलादेश के निम्नलिखित में से किस बन्दरगाह से होकर भेजा गया ?
- (a)बेनापोल
- (b)मालोटी
- (c)पैरा
- (d)चट्टोग्राम (चिटगाँग)
सही उत्तर — (d) चट्टोग्राम (चिटगाँग) बन्दरगाह। 16 जुलाई 2020 को भारत ने (एक वर्चुअल समारोह में) कोलकाता के नेताजी सुभाष डॉक (श्यामा प्रसाद मुखर्जी बन्दरगाह) से त्रिपुरा के अगरतला के लिए पहली परीक्षण कण्टेनर खेप को रवाना किया, जिसका मार्ग बांग्लादेश के चट्टोग्राम बन्दरगाह से होकर था। चार कण्टेनर — जिनमें TMT स्टील रॉड और दालें थीं — चट्टोग्राम तक जहाज से गए और फिर बांग्लादेशी ट्रकों द्वारा सड़क मार्ग से अगरतला ले जाए गए, जो लगभग 23-24 जुलाई 2020 को पहुँचे। यह पारगमन चट्टोग्राम और मोंगला बन्दरगाहों के उपयोग सम्बन्धी करार (ACMP) के कारण सम्भव हुआ, जो भारत को बांग्लादेश से होकर उत्तर-पूर्व तक सस्ते में पहुँचने देता है, बजाय संकरे सिलीगुड़ी 'चिकन नेक' गलियारे से होकर लम्बा चक्कर लगाने के।
- (a)बेनापोल — बेनापोल भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक भूमि बन्दरगाह है (पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल के सामने) जो सड़क-आधारित सीमा-पार व्यापार सम्भालता है — यह समुद्री बन्दरगाह नहीं है, अतः कोई मालवाहक जहाज इससे 'होकर' नहीं भेजा जा सकता।
- (b)मालोटी — इस पारगमन के लिए प्रयुक्त कोई बांग्लादेशी समुद्री बन्दरगाह नहीं है; ACMP गलियारा बांग्लादेश के मुख्य समुद्री बन्दरगाहों, चट्टोग्राम और मोंगला, से होकर कार्य करता है, इसलिए यह एक भ्रामक विकल्प है।
- (c)पैरा — पैरा (पटुआखाली में) बांग्लादेश का सबसे नया, तीसरा समुद्री बन्दरगाह है, परन्तु जुलाई 2020 की पहली परीक्षण खेप चट्टोग्राम से होकर गई, पैरा से नहीं।
क्योंकि भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य पतले सिलीगुड़ी गलियारे के कारण मुख्य भूमि से लगभग कटे हुए हैं, भारत ने बांग्लादेश से होकर पारगमन अधिकारों पर बातचीत की है। चट्टोग्राम और मोंगला बन्दरगाहों के उपयोग सम्बन्धी करार (ACMP) भारतीय माल को इन बांग्लादेशी समुद्री बन्दरगाहों तक भेजने और फिर वहाँ से ट्रकों द्वारा उत्तर-पूर्व तक ले जाने की अनुमति देता है, जो मार्ग को नाटकीय रूप से छोटा कर देता है।
जाल बांग्लादेश के भूमि बन्दरगाहों और समुद्री बन्दरगाहों को आपस में मिला देने में है। केवल एक समुद्री बन्दरगाह ही मालवाहक जहाज प्राप्त कर सकता है; बेनापोल एक भूमि सीमा-शुल्क स्टेशन है, और पैरा, यद्यपि एक समुद्री बन्दरगाह है, इस्तेमाल किया गया नहीं था। याद रखें 'पहला कोलकाता-अगरतला पारगमन मालवाहक जहाज (जुलाई 2020) = चट्टोग्राम बन्दरगाह के माध्यम से'।
- पहली परीक्षण कण्टेनर खेप 16 जुलाई 2020 को रवाना, कोलकाता से अगरतला, चट्टोग्राम बन्दरगाह के रास्ते
- चट्टोग्राम व मोंगला बन्दरगाहों के उपयोग सम्बन्धी करार (ACMP), बांग्लादेश द्वारा सक्षम
- माल: TMT स्टील रॉड और दालों के 4 कण्टेनर; चट्टोग्राम से अगरतला तक सड़क-मार्ग बांग्लादेशी ट्रकों द्वारा
- भूमि-रुद्ध उत्तर-पूर्वी भारत तक की दूरी और लागत में कटौती, संकरे सिलीगुड़ी 'चिकन नेक' गलियारे को दरकिनार करते हुए

- भूमि बन्दरगाहों (बेनापोल/पेट्रापोल) को समुद्री बन्दरगाहों (चट्टोग्राम/मोंगला) से भ्रमित करना
- पैरा (बांग्लादेश का सबसे नया बन्दरगाह) को चट्टोग्राम से मिला देना, जो जुलाई 2020 में वास्तव में प्रयुक्त हुआ था
करेंट-अफेयर्स का 'पहला/किसके माध्यम से' प्रकार का स्मरण प्रश्न — मील के पत्थर (पहला कोलकाता-अगरतला पारगमन मालवाहक जहाज) को बांग्लादेशी समुद्री बन्दरगाह (चट्टोग्राम) और सक्षमकारी समझौते (ACMP) से जोड़ें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय माल के पारगमन हेतु चट्टोग्राम और मोंगला बन्दरगाहों के उपयोग सम्बन्धी करार (ACMP) भारत और किस देश के बीच हस्ताक्षरित है ?
- (a)म्याँमार
- (b)बांग्लादेश
- (c)नेपाल
- (d)भूटान
उत्तर(b) बांग्लादेश — इसके दो समुद्री बन्दरगाह भारत को उसके उत्तर-पूर्वी राज्यों तक सस्ती पहुँच देते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को शेष देश से जोड़ने वाली भूमि की संकरी पट्टी, जिसे प्रायः 'चिकन नेक' कहा जाता है, है :
- (a)सिलीगुड़ी गलियारा
- (b)तीन बीघा गलियारा
- (c)डूआर्स गैप
- (d)सिक्किम गलियारा
उत्तर(a) सिलीगुड़ी गलियारा — पश्चिम बंगाल का संकरा गलियारा जो उत्तर-पूर्व को मुख्य भूमि भारत से जोड़ता है।