निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है ? (खनिज) (उत्खनन शहर) 1. ताँबा - चित्रदुर्ग 2. लौह अयस्क - बेल्लारी 3. मैंगनीज़ - भिलवाड़ा 4. बाक्साइट - कटनी नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए । कूट :
- (a)1 और 2
- (b)2 और 3
- (c)1 और 3
- (d)2 और 4
सही उत्तर — (c) 1 और 3। युग्म 2 और 4 सही हैं: कर्नाटक का बेल्लारी एक प्रमुख लौह-अयस्क पट्टी का केन्द्र है, और मध्य प्रदेश का कटनी बाक्साइट (और चूना-पत्थर) उत्खनन के लिए सुप्रसिद्ध क्षेत्र है। युग्म 1 और 3 गलत हैं: भारत का ताँबा अयस्क मूलतः केवल राजस्थान (खेतड़ी), मध्य प्रदेश (मलानझण्ड) और झारखण्ड (सिंहभूम) में उत्पादित होता है — कर्नाटक के चित्रदुर्ग में नहीं; और भिलवाड़ा (राजस्थान) जस्ता-सीसा (रामपुरा आगूचा) और वस्त्र-उद्योग का केन्द्र है, मैंगनीज़ शहर नहीं। अतः गलत सुमेलित युग्म हैं 1 (ताँबा-चित्रदुर्ग) और 3 (मैंगनीज़-भिलवाड़ा) → (c)।
- (a)1 और 2 — युग्म 2 (लौह अयस्क-बेल्लारी) सही सुमेलित है — बेल्लारी भारत का लौह-अयस्क केन्द्र है — इसलिए यह गलत सुमेलित युग्मों में शामिल नहीं हो सकता।
- (b)2 और 3 — इसमें युग्म 2 (लौह अयस्क-बेल्लारी) शामिल है, जो सही है; यहाँ केवल युग्म 3 (मैंगनीज़-भिलवाड़ा) गलत है।
- (d)2 और 4 — युग्म 2 (लौह अयस्क-बेल्लारी) और युग्म 4 (बाक्साइट-कटनी) दोनों सही सुमेलित हैं, इसलिए इनमें से कोई भी 'सही सुमेलित नहीं' सेट में नहीं आता।
यह प्रश्न भारत के खनिज भूगोल को परखता है — कौन-सा नगर/जिला किस खनिज के लिए जाना जाता है। भारत का ताँबा मुख्यतः खेतड़ी (राजस्थान), मलानझण्ड (मध्य प्रदेश) और सिंहभूम पट्टी (झारखण्ड) में उत्खनित होता है; मैंगनीज़ मुख्यतः बालाघाट (मध्य प्रदेश), नागपुर-भण्डारा (महाराष्ट्र), केओंझर-सुन्दरगढ़ (ओडिशा) और सन्दूर (कर्नाटक) से आता है; लौह अयस्क बेल्लारी-होस्पेट-सन्दूर पट्टी (कर्नाटक), बैलाडीला (छत्तीसगढ़) और केओंझर (ओडिशा) से; और बाक्साइट कटनी-अमरकण्टक (मध्य प्रदेश), कोरापुट (ओडिशा) और कोल्हापुर से।
'सही सुमेलित नहीं' प्रकार के प्रश्न में, जिन युग्मों को आप सही जानते हैं उन्हें निश्चित कीजिए और शेष हटाइए। बेल्लारी = लौह अयस्क और कटनी = बाक्साइट मानक तथ्य हैं, अतः 2 और 4 सही हैं — जो उत्तर को स्वतः '1 और 3' युग्म पर ले आता है। पुष्टि करें: चित्रदुर्ग (कर्नाटक) ताँबा शहर नहीं है, और भिलवाड़ा (राजस्थान) जस्ता-सीसा/वस्त्र केन्द्र है, मैंगनीज़ नहीं।
- ताँबा (सही रूप से): खेतड़ी (राजस्थान), मलानझण्ड (मध्य प्रदेश), सिंहभूम (झारखण्ड) — चित्रदुर्ग नहीं
- मैंगनीज़ (सही रूप से): बालाघाट, नागपुर-भण्डारा, केओंझर, सन्दूर — भिलवाड़ा नहीं (जो जस्ता-सीसा + वस्त्र केन्द्र है)
- लौह अयस्क – बेल्लारी, कर्नाटक — सही सुमेलित
- बाक्साइट – कटनी, मध्य प्रदेश — सही सुमेलित

- यह मान लेना कि किसी भी दक्षिण-भारतीय खनन नगर का अर्थ ताँबा है — कर्नाटक ताँबा-उत्पादक राज्य नहीं है
- भिलवाड़ा को मैंगनीज़ से जोड़ना; यह वास्तव में जस्ता-सीसा और वस्त्र केन्द्र है
UPPSC/UPSC खनिज-स्थान युग्मों को 'सही/गलत सुमेलित' रूप में पूछते हैं — हर प्रमुख धातु के अग्रणी खनन केन्द्र और उसमें छिपे अपवाद (यहाँ, ताँबा और मैंगनीज़ गलत स्थान पर हैं) को याद रखें।
सूची I (अयस्क) को सूची II (जिन राज्यों में वे उत्खनित होते हैं) से सुमेलित कीजिए: I. मैंगनीज़ II. निकल III. सीसा-जस्ता IV. एस्बेस्टस; A. मध्य प्रदेश B. उड़ीसा C. राजस्थान D. आन्ध्र प्रदेश।
- (a) I-A, II-C, III-B, IV-D
- (b) I-D, II-C, III-B, IV-A
- (c) I-A, II-B, III-C, IV-D
- (d) I-D, II-B, III-C, IV-A
उत्तर(c) I-A, II-B, III-C, IV-D
समान अवधारणा — खनिज/अयस्क को उसके उत्पादक क्षेत्र से सुमेलित करना। ध्यान दें सीसा-जस्ता → राजस्थान (जावर/रामपुरा आगूचा), जो बताता है कि UPPSC मद में मैंगनीज़-भिलवाड़ा (राजस्थान) क्यों गलत है।
सूची I (खनिज) को सूची II (सामान्य प्राप्ति क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए: I. कोयला II. सोना III. अभ्रक IV. मैंगनीज़; A. भण्डारा B. करनपुरा C. हुट्टी D. नेल्लोर।
- (a) I-A, II-C, III-B, IV-D
- (b) I-B, II-C, III-D, IV-A
- (c) I-C, II-D, III-B, IV-A
- (d) I-B, II-A, III-D, IV-C
उत्तर(b) I-B, II-C, III-D, IV-A
समान अवधारणा — खनिज को उसके खनन-स्थल से सुमेलित करना; ध्यान दें मैंगनीज़ → भण्डारा (महाराष्ट्र), एक वास्तविक मैंगनीज़ पट्टी (भिलवाड़ा नहीं)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के सबसे बड़े ताँबा भण्डारों में से एक, मलानझण्ड पट्टी किस राज्य में स्थित है ?
- (a)राजस्थान
- (b)मध्य प्रदेश
- (c)कर्नाटक
- (d)झारखण्ड
उत्तर(b) मध्य प्रदेश — मलानझण्ड (बालाघाट जिला) में भारत की सबसे बड़ी ताँबा खान है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कर्नाटक का बेल्लारी किस खनिज के उत्खनन के लिए सर्वाधिक जाना जाता है ?
- (a)ताँबा
- (b)बाक्साइट
- (c)लौह अयस्क
- (d)मैंगनीज़
उत्तर(c) लौह अयस्क — बेल्लारी-होस्पेट-सन्दूर पट्टी भारत के लौह अयस्क का एक प्रमुख स्रोत है।