निम्नलिखित में से किस मुगल कालीन नहर का निर्माण फिरोज शाह की रजबवाह को पुनर्जीवित करके किया गया ?
- (a)शेखनू-नी
- (b)शहाब नहर
- (c)नहर-ए-बिहिश्त
- (d)नहर-ए-आगरा
सही उत्तर — (b), शहाब नहर (शिहाब नहर)। फिरोज शाह तुगलक (शासनकाल 1351-1388) ने रजबवाह का निर्माण किया, जो यमुना का जल पश्चिम की ओर हिसार फिरोज़ा तक ले जाती थी, लेकिन अगली शताब्दी में यह गाद से भर गई और इसका प्रवाह रुक गया। अकबर के काल में इस नहर को साफ कर पुनर्जीवित किया गया — अकबर की 1568 की सनद में दर्ज है कि इसका जल सौ वर्षों से अधिक समय तक हिसार फिरोज़ा तक नहीं पहुँचा था — और यह पुनर्स्थापन दिल्ली के तत्कालीन सूबेदार शिहाबुद्दीन अहमद खान द्वारा किया गया। पुनर्जीवित नहर का नाम उन्हीं के नाम पर शिहाब नहर / शहाब नहर पड़ा। यही वह नहर है जिसे प्रश्न 'फिरोज शाह की रजबवाह को पुनर्जीवित करके निर्मित' के रूप में वर्णित करता है।
- (a)शेखनू-नी — एक जानबूझकर निकट रखा गया जाल: 'शेखनू-नी' (शेखू-नी) इसी यमुना नहर का एक अन्य नाम है जो अकबर-कालीन फरमानों में दर्ज है (पुराने नाम उलुगखानी के साथ)। लेकिन जो नाम मानक विवरण और आधिकारिक कुंजी फिरोज शाह की रजबवाह की पुनर्स्थापना से जोड़ती है, वह शहाब नहर है, जो इसके पुनर्स्थापक शिहाबुद्दीन खान के नाम पर है।
- (c)नहर-ए-बिहिश्त — नहर-ए-बिहिश्त ('स्वर्ग की नहर') शाहजहाँ काल की एक नई नहर थी, जो यमुना का जल दक्षिण में उसकी नई राजधानी शाहजहानाबाद (दिल्ली) तक ले जाती थी, जिसे 1630-1640 के दशक में खोदा गया (सामान्यतः इंजीनियर अली मर्दान खान से जोड़ा जाता है)। यह सबसे प्रसिद्ध मुगल नहर है — इसीलिए ललचाती है — लेकिन यह शाहजहाँ-कालीन एक नई रचना थी, फिरोज शाह की रजबवाह को हिसार तक पुनर्स्थापित करने वाली नहर नहीं।
- (d)नहर-ए-आगरा — नहर-ए-आगरा का नाम आगरा क्षेत्र की जलापूर्ति के नाम पर है, फिरोज शाह की यमुना-से-हिसार रजबवाह के नाम पर नहीं, इसलिए यह उस नहर के पुनर्स्थापन के वर्णन में फिट नहीं बैठती।
फिरोज शाह तुगलक को दिल्ली सल्तनत के सबसे बड़े नहर-निर्माता के रूप में स्मरण किया जाता है; उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाएँ रजबवाह और उलुगखानी नहरें हैं, जो यमुना से निकाली गई थीं और हिसार फिरोज़ा के आसपास के शुष्क क्षेत्र को सींचती थीं, जो उन्होंने स्वयं बसाया था। ये सल्तनतकालीन नहरें क्षीण हो गईं और मुगलों के अधीन पुनर्जीवित की गईं: अकबर के अधिकारियों ने यमुना रेखा को पुनर्स्थापित किया (शहाब नहर, 1568), और शाहजहाँ ने बाद में यमुना जल को दिल्ली तक लाने के लिए एक नई 'स्वर्ग की नहर' (नहर-ए-बिहिश्त) बनाई। यह वंशावली आज की पश्चिमी यमुना नहर की ऐतिहासिक पूर्वज है।
यह प्रश्न फिरोज शाह की स्वयं की नहर (रजबवाह, जिसे अकबर के शिहाबुद्दीन खान ने शहाब नहर के रूप में पुनर्जीवित किया) की पुनर्स्थापना को बाद की, अधिक प्रसिद्ध नई मुगल नहर दिल्ली तक (नहर-ए-बिहिश्त, शाहजहाँ के अधीन) से अलग पहचानने पर आधारित है। संकेत शब्द 'फिरोज शाह की रजबवाह को पुनर्जीवित करके' अकबर-कालीन शहाब नहर की ओर इशारा करते हैं, जिसका नाम इसके पुनर्स्थापक के नाम पर है।
- फिरोज शाह तुगलक (शासनकाल 1351-1388) ने रजबवाह नहर बनाई, जो यमुना का जल हिसार फिरोज़ा की ओर ले जाती थी।
- अकबर के काल में गाद से भरी रजबवाह को दिल्ली के सूबेदार शिहाबुद्दीन अहमद खान ने पुनर्स्थापित किया (1568 की सनद) — इसीलिए इसका नाम 'शहाब नहर' पड़ा।
- शाहजहाँ की अलग नहर, नहर-ए-बिहिश्त ('स्वर्ग की नहर'), यमुना का जल शाहजहानाबाद (दिल्ली) तक ले जाती थी।
- यह यमुना-नहर वंशावली आधुनिक पश्चिमी यमुना नहर की ऐतिहासिक पूर्वज है।

- फिरोज शाह की रजबवाह को वास्तव में पुनर्स्थापित करने वाली अकबर-कालीन शहाब नहर के बजाय अधिक प्रसिद्ध नहर-ए-बिहिश्त (शाहजहाँ की दिल्ली नहर) को चुनना।
- लगभग एक जैसे नाम 'शेखनू-नी' से भ्रमित होना, जो उसी नहर व्यवस्था को संदर्भित करता है लेकिन पुनर्स्थापन के लिए कुंजीबद्ध नाम नहीं है।
UPPSC प्रायः किसी सल्तनतकालीन/मुगलकालीन लोक-निर्माण कार्य को उसके पीछे के शासक या अधिकारी से जोड़ता है — फिरोज शाह को नहरों और हिसार फिरोज़ा से, अकबर के शिहाबुद्दीन खान को शहाब नहर से, और शाहजहाँ/अली मर्दान खान को नहर-ए-बिहिश्त से।
दिल्ली का वह सुल्तान जिसने भारत में नहरों के सबसे बड़े जाल का निर्माण किया माना जाता है, था
- (a) इल्तुतमिश
- (b) गियासुद्दीन तुगलक
- (c) फिरोज शाह तुगलक
- (d) सिकंदर लोदी
उत्तर(c) फिरोज शाह तुगलक — दिल्ली सल्तनत के राज्य द्वारा निर्मित सबसे बड़े नहर-जाल (यमुना-से-हिसार और सतलुज-से-घग्गर नहरें) के लिए प्रसिद्ध।
समान अवधारणा — फिरोज शाह तुगलक सल्तनत के महान नहर-निर्माता के रूप में; उनकी रजबवाह वही नहर थी जिसे मुगलों ने इस प्रश्न में शहाब नहर के रूप में बाद में पुनर्स्थापित किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
फिरोज शाह तुगलक ने किस नगर की स्थापना की, जिसे उसकी यमुना से निकाली गई नहर से सींचा जाता था?
- (a)हिसार फिरोज़ा
- (b)फतेहपुर सीकरी
- (c)दौलताबाद
- (d)तुगलकाबाद
उत्तर(a) हिसार फिरोज़ा — फिरोज शाह तुगलक ने इसकी स्थापना की और इसे यमुना से निकाली अपनी रजबवाह/उलुगखानी नहरों से सींचा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुगल 'नहर-ए-बिहिश्त', जो यमुना का जल शाहजहानाबाद तक लाती थी, सामान्यतः किस सरदार/इंजीनियर से जोड़ी जाती है?
- (a)अली मर्दान खान
- (b)राजा टोडरमल
- (c)राजा मान सिंह
- (d)आसफ खान
उत्तर(a) अली मर्दान खान — शाहजहाँ-कालीन सरदार/इंजीनियर, जिन्हें परंपरागत रूप से यमुना का जल दिल्ली तक लाने वाली नहर का श्रेय दिया जाता है।