सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर को चुनिए : सूची - I (अधिकारी) A. दीवान-ए-तन B. मुस्तार्फी C. मुशरिफ D. वकियानवीस सूची - II (विहित कर्तव्य) 1. कार्यालय को संभालने के लिए 2. प्रमुख घटनाओं व फरमानों को सूचिबद्ध करना 3. जागीर व वेतन को देखना 4. राज्य की आय-व्यय का निरीक्षण करना कूट :
- (a)A-2, B-4, C-1, D-3
- (b)A-3, B-4, C-1, D-2
- (c)A-1, B-3, C-2, D-4
- (d)A-4, B-1, C-2, D-3
सही उत्तर — (b), A-3, B-4, C-1, D-2। मुगल केन्द्रीय वित्त-सह-सचिवालय व्यवस्था में, (A) दीवान-ए-तन शाही दीवान की वह शाखा थी जो वेतन और जागीर आवंटन का प्रभार संभालती थी → 3 (जागीर व वेतन)। (B) मुस्तार्फी महालेखा परीक्षक (ऑडिटर-जनरल) था जो राज्य की आय और व्यय की जाँच करता था → 4। (C) मुशरिफ कार्यालय का लेखाकार/अभिलेख-रक्षक था → 1 (कार्यालय को संभालने के लिए)। (D) वकियानवीस (वाकिया-नवीस) आधिकारिक समाचार-लेखक था जो प्रमुख दरबारी घटनाओं व फरमानों (शाही आदेशों) का रजिस्टर रखता था → 2। केवल कूट (b) ही सभी चारों को सही रूप से जोड़ता है।
- (a)A-2, B-4, C-1, D-3 — यह B-4 और C-1 को सही रखता है, लेकिन बाकी दो को अदल-बदल देता है — यह वेतन/जागीर संभालने वाले दीवान-ए-तन को घटनाओं का लेखक (A-2) बना देता है और समाचार-लेखक वकियानवीस को वेतन अधिकारी (D-3) बना देता है।
- (c)A-1, B-3, C-2, D-4 — यह हर जोड़ी को गलत ढंग से जोड़ता है — उदाहरण के लिए, यह वेतन/जागीर संभालने वाले दीवान-ए-तन को केवल कार्यालय-प्रबंधन तक सीमित कर देता है (A-1) और समाचार-लेखक वकियानवीस को आय-व्यय का लेखा परीक्षक बना देता है (D-4), जो वास्तव में मुस्तार्फी का कार्य है।
- (d)A-4, B-1, C-2, D-3 — यह कर्तव्यों को उलझा देता है — यह वेतन/जागीर संभालने वाले दीवान-ए-तन को राज्य का लेखा परीक्षक बना देता है (A-4) और लेखा परीक्षक मुस्तार्फी को महज कार्यालय-रक्षक बना देता है (B-1)।
मुगल दीवान (वित्त मंत्री) के अधीन विशिष्ट अधिकारियों का एक समूह कागज़-आधारित राजस्व और अभिलेख व्यवस्था चलाता था: दीवान-ए-तन वेतन और जागीरों का प्रबंध करता था, मुस्तार्फी राज्य की आय और व्यय की लेखा-परीक्षा करता था, मुशरिफ कार्यालय का लेखाकार/अभिलेख-रक्षक था, और वाकिया-नवीस (वकियानवीस) समाचार-लेखक था जो दरबारी घटनाओं व फरमानों को दर्ज करता था।
प्रत्येक पदनाम को समझें। 'तन' का अर्थ वेतन/भुगतान है, इसलिए दीवान-ए-तन वेतन और जागीरों की देखरेख करता है; मुस्तार्फी शास्त्रीय अर्थ में लेखा-परीक्षक है; 'वाकिया' का अर्थ घटना/वृत्तांत है, इसलिए वाकिया-नवीस घटनाओं और फरमानों का समाचार लिखता है; इससे कार्यालय के लेखे-जोखे के लिए मुशरिफ शेष रह जाता है। दो आसान आधार बिंदुओं को स्थिर करने से (दीवान-ए-तन → वेतन, वाकिया-नवीस → घटनाएँ) (b) के अतिरिक्त हर विकल्प खारिज हो जाता है।
- दीवान-ए-तन (दीवान-ए-तन-ओ-जागीर): वेतन और जागीर आवंटन का प्रभार संभालता था।
- मुस्तार्फी: महालेखा परीक्षक — राज्य की आय और व्यय की जाँच करता था।
- मुशरिफ: लेखाकार/अधीक्षक जो कार्यालय के अभिलेख रखता था।
- वाकिया-नवीस (वकियानवीस): आधिकारिक समाचार-प्रतिवेदक जो दरबारी घटनाओं और फरमानों को दर्ज करता था।
उत्तर (b): A-3, B-4, C-1, D-2।
- मुस्तार्फी (लेखा परीक्षक) को मुशरिफ (लेखाकार) से भ्रमित करना।
- दीवान-ए-तन (वेतन/जागीर) को वाकिया-नवीस (घटनाओं के समाचार) से अदल-बदल करना।
सूची-मिलान 'पद ↔ कर्तव्य' या 'कौन-सा युग्म सही मिलान वाला है' के रूप में, जिसे प्रायः मीर बख्शी, मीर सामान और दीवान के साथ मिलाया जाता है।
अकबर के शासनकाल में प्रशासन की पुनर्गठित केन्द्रीय व्यवस्था के अन्तर्गत सैन्य विभाग का प्रमुख कौन था
- (a) दीवान
- (b) मीर बख्शी
- (c) मीर सामान
- (d) बख्शी
उत्तर(b) मीर बख्शी — सैन्य एवं गुप्तचर विभाग का प्रमुख; दीवान राजस्व/वित्त संभालता था और मीर सामान शाही घराने का।
यह समान अवधारणा की परीक्षा लेता है — मुगल केन्द्रीय प्रशासनिक पद और उनके कार्य; यह प्रश्न वित्त-सह-अभिलेख अधिकारियों (दीवान-ए-तन, मुस्तार्फी, मुशरिफ, वाकिया-नवीस) पर केन्द्रित है, वह प्रश्न सैन्य प्रमुख (मीर बख्शी) पर।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुगल प्रशासन में, मुस्तार्फी उत्तरदायी था:
- (a)शाही परिवार के भंडारों का प्रबंधन
- (b)राज्य की आय और व्यय की लेखा-परीक्षा
- (c)तोपखाने की कमान
- (d)शाही पत्राचार
उत्तर(b) राज्य की आय और व्यय की लेखा-परीक्षा — मुस्तार्फी साम्राज्य के लेखों का महालेखा परीक्षक था।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुगल व्यवस्था में वाकिया-नवीस (वकियानवीस) किस रूप में कार्य करता था:
- (a)प्रमुख राजस्व संग्राहक
- (b)आधिकारिक समाचार-लेखक / घटनाओं व फरमानों का अभिलेखक
- (c)सैन्य विभाग का प्रमुख
- (d)शाही कोषाध्यक्ष
उत्तर(b) आधिकारिक समाचार-लेखक / घटनाओं व फरमानों का अभिलेखक — वाकिया-नवीस दरबारी घटनाओं और शाही आदेशों का रजिस्टर रखता था।