निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ? 1. अकबर ने लड़कों और लड़कियों के विवाह की आयु निर्धारित करने का प्रयास किया था । 2. अकबर ने लड़कियों को अभिभावकों के दबाव से अलग स्वयं की इच्छा से विवाह करने की स्वतंत्रता दी थी । नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए । कूट :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1 न ही 2
सही उत्तर — (c), 1 और 2 दोनों। अकबर के उदार सामाजिक नियमों में (अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी में दर्ज) विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने का प्रयास शामिल था — जिसे सामान्यतः लड़कों के लिए लगभग 16 और लड़कियों के लिए 14 वर्ष बताया जाता है — और बाल विवाह पर अंकुश लगाना, जो उस समय हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों में सामान्य था; अतः कथन 1 सही है। उसके नियमों में पक्षों की सहमति भी आवश्यक थी, बलपूर्वक/अभिभावकों के दबाव में विवाह को हतोत्साहित किया जाता था और विवाह स्थानीय कोतवाल के समक्ष पंजीकृत कराए जाते थे, जिससे विवाह में लड़की की स्वयं की इच्छा को मान्यता मिलती थी; अतः कथन 2 भी सही है। दोनों सत्य होने के कारण उत्तर (c) है।
- (a)केवल 1 — यह कथन 2 को छोड़ देता है, जबकि अकबर का पक्षों की सहमति पर बल और बलपूर्वक विवाह को हतोत्साहित करना कथन 2 को भी सही बनाता है — इसलिए 'केवल 1' अधूरा है।
- (b)केवल 2 — यह कथन 1 को छोड़ देता है, जबकि विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने और बाल विवाह का विरोध करने का उसका प्रयास सुप्रमाणित है, इसलिए कथन 1 भी सही है।
- (d)न तो 1 न ही 2 — दोनों कथन ऐतिहासिक रूप से समर्थित हैं, इसलिए दोनों को अस्वीकार करना गलत है — यह सही 'दोनों' विकल्प के विपरीत है।
अकबर का शासनकाल (1556-1605) धर्म से परे सामाजिक सुधारों के लिए स्मरणीय है। विवाह के संबंध में उसने न्यूनतम आयु बढ़ाने/निर्धारित करने का प्रयास किया (सामान्यतः लड़कों के लिए 16 और लड़कियों के लिए 14 बताई जाती है), निकट रक्त-संबंधियों के बीच विवाह पर प्रतिबंध लगाया, बाल विवाह और सती प्रथा को हतोत्साहित किया, विधवा पुनर्विवाह की अनुमति दी, और दोनों पक्षों की सहमति आवश्यक की, तथा विवाह कोतवाल के समक्ष पंजीकृत कराए जाते थे। ये उपाय अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी में दर्ज हैं।
दोनों कथन एक ही सुधारवादी प्रवृत्ति का वर्णन करते हैं — राज्य द्वारा निजी क्षेत्र में हस्तक्षेप करके न्यूनतम आयु निर्धारित करना और व्यक्ति (विशेषकर लड़की) की सहमति की रक्षा करना। चूंकि अकबर के नियम आयु-निर्धारण और जबरन विवाह-विरोधी/सहमति दोनों बिंदुओं को शामिल करते हैं, इन कथनों को परस्पर-विरोधी नहीं बल्कि पूरक मानें, और 'दोनों' विकल्प स्वतः अनुसरण करता है।
- अकबर ने विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित/बढ़ाने का प्रयास किया — सामान्यतः लड़कों के लिए 16 और लड़कियों के लिए 14 वर्ष बताई जाती है।
- उसने बाल विवाह का विरोध किया, जो उस समय हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों में सामान्य था।
- उसके नियमों में पक्षों की सहमति आवश्यक थी और बलपूर्वक/अभिभावकों के दबाव में विवाह को हतोत्साहित किया जाता था।
- विवाह स्थानीय कोतवाल के समक्ष पंजीकृत कराए जाते थे; उसने निकट संबंधियों के बीच विवाह पर भी प्रतिबंध लगाया। स्रोत: अबुल फजल, आइन-ए-अकबरी।

- यह मान लेना कि एक मध्यकालीन शासक विवाह की आयु निर्धारित करने का प्रयास नहीं कर सकता था — और इस तरह कथन 1 को गलत तरीके से अस्वीकार करना।
- कथन 1 और 2 को परस्पर-विरोधी मानना, जबकि दोनों एक ही सुधार से उत्पन्न होते हैं।
UPPSC और UPSC अकबर के गैर-धार्मिक ('सामाजिक') सुधारों की परीक्षा कथन-युग्मों या मिलान मदों के रूप में लेते हैं, जिन्हें प्रायः उसके धार्मिक उपायों (दीन-ए-इलाही, सुलह-ए-कुल) के साथ मिलाया जाता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक उपाय सही रूप से अकबर से संबद्ध है?
- (a)गैर-मुसलमानों पर जज़िया का पुनः आरोपण
- (b)विधवा पुनर्विवाह पर विधिक प्रतिबंध
- (c)बाल विवाह को हतोत्साहित करना और विवाह के लिए सहमति आवश्यक करना
- (d)सती प्रथा को अनिवार्य बनाना
उत्तर(c) बाल विवाह को हतोत्साहित करना और विवाह के लिए सहमति आवश्यक करना — अकबर ने विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने का प्रयास किया, बाल विवाह व बलपूर्वक विवाह को हतोत्साहित किया, और विधवा पुनर्विवाह की अनुमति दी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अकबर के प्रशासनिक और सामाजिक नियम, जिनमें विवाह संबंधी नियम भी शामिल हैं, मुख्यतः किस रचना से ज्ञात होते हैं?
- (a)तारीख-ए-फिरोजशाही
- (b)अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी
- (c)तुज़ुक-ए-बाबरी
- (d)पादशाहनामा
उत्तर(b) अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी — प्रशासनिक विवरण-ग्रंथ जो अकबरनामा का तीसरा खंड है।