निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए । I. रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन II. ब्रटलैण्ड आयोग रिपोर्ट का प्रकाशन III. मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल का प्रवर्तन IV. 'द लिमिट टु ग्रोथ' रिपोर्ट का प्रकाशन कूट :
- (a)I, IV, III, II
- (b)IV, II, III, I
- (c)IV, III, II, I
- (d)IV, I, III, II
सही उत्तर — (b) IV-II-III-I। वर्ष के अनुसार: (IV) क्लब ऑफ रोम की 'द लिमिट टु ग्रोथ' 1972 में प्रकाशित हुई; (II) ब्रटलैण्ड आयोग रिपोर्ट 'Our Common Future' 1987 में प्रकाशित हुई; (III) मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल, यद्यपि 1987 में अंगीकृत हुआ था, 1 जनवरी 1989 को प्रवृत्त हुआ (प्रवर्तित हुआ); तथा (I) रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (पर्यावरण एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन) 1992 में आयोजित हुआ। यह क्रम IV, II, III, I है।
- (a)I, IV, III, II — रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (1992) को सबसे पहले रखता है, जबकि रियो वास्तव में चारों में अंतिम है; 'द लिमिट टु ग्रोथ' (1972) सबसे पुरानी है।
- (c)IV, III, II, I — सही ढंग से 'द लिमिट टु ग्रोथ' (1972) से आरम्भ करता है, परन्तु फिर मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल के प्रवर्तन (1989) को ब्रटलैण्ड रिपोर्ट (1987) से पहले रख देता है, जिससे इन दोनों का क्रम उलट जाता है।
- (d)IV, I, III, II — गलत ढंग से रियो शिखर सम्मेलन (1992) को दूसरे स्थान पर रखता है तथा ब्रटलैण्ड रिपोर्ट पर समाप्त करता है; वास्तव में ब्रटलैण्ड (1987) पहले की है तथा रियो (1992) अंतिम है।
ये चारों सतत-विकास व वैश्विक-पर्यावरण एजेंडे के उदय के मील के पत्थर हैं। 'द लिमिट टु ग्रोथ' (1972) ने चेतावनी दी कि अनियंत्रित वृद्धि ग्रहीय सीमाओं पर दबाव डालेगी; ब्रटलैण्ड रिपोर्ट 'Our Common Future' (1987) ने सतत विकास की परिभाषा को लोकप्रिय बनाया; मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल (1987 में अंगीकृत, 1989 में प्रवृत्त) ने ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करना आरम्भ किया; तथा रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (1992) ने एजेंडा 21, UNFCCC व जैव विविधता अभिसमय दिये।
सूक्ष्म जाल है मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल: यह 1987 में अंगीकृत हुआ था (ब्रटलैण्ड रिपोर्ट के ही वर्ष), परन्तु प्रश्न जानबूझकर 'प्रवर्तन' कहता है, अर्थात् 1 जनवरी 1989 को प्रवृत्त होना — जो इसे ब्रटलैण्ड के बाद रखता है। पहले सिरों को स्थिर करें ('द लिमिट टु ग्रोथ' 1972 सबसे पुरानी, रियो 1992 सबसे नई), फिर ब्रटलैण्ड 1987 को मॉन्ट्रियाल के 1989 प्रवर्तन से पहले क्रमबद्ध करें।
- 'द लिमिट टु ग्रोथ' (क्लब ऑफ रोम) — 1972।
- ब्रटलैण्ड आयोग (WCED) रिपोर्ट 'Our Common Future' — 1987; सतत विकास की शास्त्रीय परिभाषा दी।
- मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल — 1987 में अंगीकृत परन्तु 1 जनवरी 1989 को प्रवृत्त (प्रवर्तित) हुआ।
- रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (UNCED) — जून 1992; एजेंडा 21, UNFCCC व CBD दिये।
- 1972 — 'द लिमिट टु ग्रोथ' (IV)
- 1987 — ब्रटलैण्ड रिपोर्ट 'Our Common Future' (II)
- 1989 — मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल प्रवृत्त हुआ (III)
- 1992 — रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन / UNCED (I)
क्रम IV-II-III-I (विकल्प b)। नोट: मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल 1987 में अंगीकृत हुआ परन्तु 1 जनवरी 1989 को प्रवर्तित हुआ, अतः यह 1987 की ब्रटलैण्ड रिपोर्ट के बाद आता है।
- मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल के अंगीकरण वर्ष (1987) को इसके प्रवर्तन वर्ष (1989) से भ्रमित करना — प्रश्न विशेष रूप से प्रवर्तन पूछता है।
- स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) को 'द लिमिट टु ग्रोथ' (भी 1972) या रियो शिखर सम्मेलन (1992) से मिश्रित करना।
UPSC/UPPSC इन्हें कालक्रम या सुमेलन प्रश्नों के रूप में पूछते हैं — प्रत्येक शिखर सम्मेलन/रिपोर्ट को उसके वर्ष व परिणाम से जोड़ें (ब्रटलैण्ड को 'सतत विकास' से, मॉन्ट्रियाल को ओजोन से, रियो को एजेंडा 21/UNFCCC/CBD से)।
सतत विकास को उस विकास के रूप में वर्णित किया जाता है जो वर्तमान आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करता है कि भावी पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता से समझौता न हो। इस परिप्रेक्ष्य में, सतत विकास की अवधारणा स्वाभाविक रूप से निम्नलिखित में से किस अवधारणा से जुड़ी है ?
- (a) सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण
- (b) समावेशी विकास
- (c) वैश्वीकरण
- (d) वहन क्षमता
उत्तर(d) वहन क्षमता — सतत विकास की ब्रटलैण्ड परिभाषा स्वाभाविक रूप से पर्यावरण की वहन क्षमता से अधिक न जाने से जुड़ी है।
इस UPPSC कालक्रम की घटना II — ब्रटलैण्ड आयोग की सतत विकास परिभाषा — की सीधे परीक्षा लेता है।
निम्नलिखित में से कौन ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के नियंत्रण व चरणबद्ध समापन के मुद्दे से सम्बद्ध है ?
- (a) ब्रेटन वुड्स सम्मेलन
- (b) मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल
- (c) क्योटो प्रोटोकॉल
- (d) नागोया प्रोटोकॉल
उत्तर(b) मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल — यह CFCs व HCFCs जैसे ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को विनियमित व चरणबद्ध रूप से समाप्त करता है।
इस UPPSC कालक्रम की घटना III — मॉन्ट्रियाल प्रोटोकॉल — को ओजोन-क्षयकारी पदार्थों की संधि के रूप में परखता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सतत विकास लक्ष्य सर्वप्रथम 1972 में 'क्लब ऑफ रोम' नामक एक वैश्विक थिंक टैंक द्वारा प्रस्तावित किये गये थे। 2. सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक प्राप्त किया जाना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 न ही 2
उत्तर(b) केवल 2 — सतत विकास लक्ष्य 2030 तक पूरे किये जाने हैं; क्लब ऑफ रोम ने 1972 में 'द लिमिट टु ग्रोथ' प्रकाशित की थी (SDGs नहीं)।
क्लब ऑफ रोम व उसकी 1972 की 'द लिमिट टु ग्रोथ' रिपोर्ट को स्थिर करता है — इस UPPSC कालक्रम की घटना IV, सबसे पुराना बिन्दु।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वर्तमान आवश्यकताओं को भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता किये बिना पूरा करने की 'सतत विकास' की शास्त्रीय परिभाषा को किसने लोकप्रिय बनाया ?
- (a)ब्रटलैण्ड आयोग रिपोर्ट (Our Common Future)
- (b)रियो घोषणा
- (c)स्टॉकहोम घोषणा
- (d)क्योटो प्रोटोकॉल
उत्तर(a) ब्रटलैण्ड आयोग रिपोर्ट (Our Common Future), 1987।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा 1992 के रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन का परिणाम था ? 1. एजेंडा 21 2. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय 3. जैव विविधता अभिसमय
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3 — एजेंडा 21, UNFCCC तथा CBD, सभी रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन से उत्पन्न हुए।