'पारिस्थितिकी संक्रमण' अवधारणा का सर्वप्रथम प्रयोग किया गया
- (a)एल्टन द्वारा
- (b)बेनेट द्वारा
- (c)बर्कले द्वारा
- (d)रेटज़ेल द्वारा
सही उत्तर — (b) बेनेट द्वारा। 'पारिस्थितिकी संक्रमण' (Ecological Transition) की अवधारणा अमेरिकी सांस्कृतिक मानवशास्त्री जॉन डब्ल्यू. बेनेट (1915-2005) ने अपनी 1976 की पुस्तक 'The Ecological Transition: Cultural Anthropology and Human Adaptation' (Pergamon) में प्रतिपादित की थी। बेनेट ने इस पद का प्रयोग मानव-पर्यावरण सम्बन्ध में उस बदलाव के लिए किया जब समाज प्रकृति के क्रमशः अधिक गहन, प्रौद्योगिकी-चालित तथा साधनात्मक उपयोग की ओर बढ़ते हैं, तथा इस बात के लिए भी कि सामाजिक व सांस्कृतिक कारक मनुष्यों के अपने भौतिक परिवेश में अनुकूलन को किस प्रकार मध्यस्थ करते हैं।
- (a)एल्टन द्वारा — चार्ल्स एल्टन एक ब्रिटिश जन्तु पारिस्थितिकीविद् थे, जो 'पारिस्थितिक निकेत (ecological niche)', खाद्य श्रृंखलाओं व खाद्य जालों, तथा जैविक आक्रमणों के अध्ययन के लिए जाने जाते हैं — न कि 'पारिस्थितिकी संक्रमण' अवधारणा के लिए।
- (c)बर्कले द्वारा — यह अवधारणा के प्रवर्तक का नाम नहीं है। (कार्ल सावर के नेतृत्व वाला सांस्कृतिक भूगोल का बर्कले स्कूल सांस्कृतिक भूदृश्य का अध्ययन करता था, परन्तु 'पारिस्थितिकी संक्रमण' पद बेनेट का है।)
- (d)रेटज़ेल द्वारा — जर्मन भूगोलवेत्ता फ्रेडरिख रेटज़ेल मानवभूगोल (anthropogeography), पर्यावरणीय निश्चयवाद तथा 'लेबेन्सराउम' से जुड़े हैं — न कि पारिस्थितिकी-संक्रमण अवधारणा से।
'पारिस्थितिकी संक्रमण' मानव/सांस्कृतिक पारिस्थितिकी की एक अवधारणा है। जॉन डब्ल्यू. बेनेट ने इसे उस प्रक्रिया के रूप में गढ़ा जिसमें मानव समाज पर्यावरण के गहन, उद्देश्यपूर्ण व प्रौद्योगिकी-मध्यस्थ शोषण के चरण में प्रवेश करते हैं, जिसमें संस्कृति व सामाजिक संगठन यह आकार देते हैं कि लोग किस प्रकार अनुकूलन करते हैं। यह मानवशास्त्र, पारिस्थितिकी व समाजशास्त्र को मनुष्य-पर्यावरण सम्बन्ध के अध्ययन में जोड़ता है।
यह एक विचारक-से-अवधारणा स्मरण प्रश्न है। जाल यह है कि चारों में से तीन नाम वास्तव में प्रकृति या स्थान के मान्यता-प्राप्त विद्वान हैं: बेनेट (सांस्कृतिक मानवशास्त्री, 'पारिस्थितिकी संक्रमण') को एल्टन (प्राकृतिक-विज्ञान पारिस्थितिकी, निकेत) व रेटज़ेल (निश्चयवादी भूगोल) से अलग करें। युग्मन 'पारिस्थितिकी संक्रमण = बेनेट (1976)' को स्थिर करें।
- 'पारिस्थितिकी संक्रमण' — पद मानवशास्त्री जॉन डब्ल्यू. बेनेट द्वारा अपनी 1976 की उसी नाम की पुस्तक में गढ़ा गया।
- यह सांस्कृतिक मानवशास्त्र व मानव अनुकूलन से सम्बद्ध है — प्रकृति के प्रकृति के तीव्र, साधनात्मक मानवीय उपयोग से।
- जॉन डब्ल्यू. बेनेट वाशिंगटन विश्वविद्यालय, सेंट लुइस में मानवशास्त्र के प्रतिष्ठित प्रोफेसर थे (1915-2005)।
- तुलना: एल्टन = जन्तु पारिस्थितिकी व पारिस्थितिक निकेत; रेटज़ेल = पर्यावरणीय निश्चयवाद व मानवभूगोल।
- एल्टन को इसलिए चुनना कि वे एक प्रसिद्ध पारिस्थितिकीविद् हैं — उनका कार्य निकेत व खाद्य श्रृंखलाओं पर है, पारिस्थितिकी संक्रमण पर नहीं।
- रेटज़ेल को 'पर्यावरण' शब्द से जोड़ते हुए चुनना — वे निश्चयवादी भूगोलवेत्ता हैं, इस पद के स्रोत नहीं।
UPPSC व UPSC भौगोलिक चिंतन व मानव-पारिस्थितिकी में 'विचारक → अवधारणा' स्मरण पूछते हैं — विचार ('पारिस्थितिकी संक्रमण') को उसके लेखक (बेनेट) से जोड़ें तथा प्रतिद्वंद्वी सिद्धांतकारों के योगदान को स्पष्ट रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पारिस्थितिकी में 'पारिस्थितिक निकेत (ecological niche)' की अवधारणा सर्वाधिक निकटता से किससे सम्बद्ध है ?
- (a)चार्ल्स एल्टन
- (b)जॉन डब्ल्यू. बेनेट
- (c)फ्रेडरिख रेटज़ेल
- (d)कार्ल सावर
उत्तर(a) चार्ल्स एल्टन — ब्रिटिश जन्तु पारिस्थितिकीविद् जिन्होंने निकेत अवधारणा विकसित की तथा खाद्य-श्रृंखला/खाद्य-जाल अध्ययन के अग्रणी रहे।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भूगोल में पर्यावरणीय निश्चयवाद तथा 'लेबेन्सराउम' अवधारणा किस विद्वान से सम्बद्ध है ?
- (a)फ्रेडरिख रेटज़ेल
- (b)जॉन डब्ल्यू. बेनेट
- (c)चार्ल्स एल्टन
- (d)विडाल डी ला ब्लाश
उत्तर(a) फ्रेडरिख रेटज़ेल — जर्मन भूगोलवेत्ता जो मानवभूगोल, पर्यावरणीय निश्चयवाद व लेबेन्सराउम से जुड़े हैं; विडाल डी ला ब्लाश सम्भववादी प्रतिपक्ष हैं।