निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए : 1. मुल्तान के सूर्य मन्दिर का उल्लेख ह्वेनसांग, आबूजईद, अल्मसूदी तथा अल्बेरुनी ने किया है । 2. साम्बपुर यात्रोत्सव सूर्यपूजा से सम्बन्धित था । कूट :
- (a)केवल 1 सही है
- (b)केवल 2 सही है
- (c)1 और 2 दोनों सही हैं
- (d)न तो 1 न ही 2 सही है
सही उत्तर — (c) 1 और 2 दोनों सही हैं। कथन 1: मुल्तान का प्रसिद्ध आदित्य (सूर्य) मन्दिर यात्रियों की एक शृंखला द्वारा दर्ज किया गया है — चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग (शुआनज़ांग, 641 ई.) ने इसे उस क्षेत्र का प्रमुख सौर मन्दिर बताया, और अरब लेखक आबूजईद (अल-सिराफी), अल्मसूदी (10वीं शताब्दी) तथा अल्बेरुनी (अल-बिरूनी, 11वीं शताब्दी की शुरुआत, जिन्होंने इसके खण्डहर देखे) सभी ने इसका वर्णन किया है। कथन 2: साम्ब परम्परा में, कृष्ण के पुत्र साम्ब को सूर्य की उपासना से कोढ़ से मुक्ति मिली, और कहा जाता है कि उन्होंने साम्बपुर में पहला सूर्य मन्दिर स्थापित किया, अतः साम्बपुर यात्रोत्सव सूर्य (सूर्य देव) उपासना से जुड़ा है। दोनों कथन सत्य हैं, अतः उत्तर (c) है।
- (a)केवल 1 सही है — यह कमतर आँकता है — कथन 2 भी सही है, क्योंकि साम्बपुर का यात्रोत्सव साम्ब गाथा के माध्यम से वास्तव में सूर्य उपासना से जुड़ा है।
- (b)केवल 2 सही है — यह कमतर आँकता है — कथन 1 भी सही है; मुल्तान के सूर्य मन्दिर की पुष्टि ह्वेनसांग, अल्मसूदी व अल्बेरुनी सहित अन्य लोगों से भली-भाँति होती है।
- (d)न तो 1 न ही 2 सही है — वास्तव में दोनों कथन सही हैं, अतः 'न तो' गलत है।
सूर्य (सूर्य देव) उपासना प्रारम्भिक-मध्यकालीन भारत में एक प्रमुख सम्प्रदाय था। मुल्तान का आदित्य मन्दिर इसके सबसे प्रसिद्ध व समृद्ध केन्द्रों में से एक था, जिसे विदेशी यात्रियों ने इसकी मूर्ति व अर्पणों के लिए बार-बार उल्लेखित किया। इससे सम्बद्ध साम्ब की गाथा — जो सूर्य की उपासना से कोढ़ से मुक्त हुए और साम्बपुर में एक सौर मन्दिर स्थापित किया — साम्ब पुराण में संरक्षित है और मग (शाकद्वीपी) ब्राह्मण पुरोहिती को सूर्य उपासना से जोड़ती है।
यह एक 'दो-कथन' संस्कृति-प्रश्न है। जो छात्र मुल्तान के सूर्य मन्दिर के यात्री-विवरणों व साम्ब–सूर्य कथा को पहचानते हैं वे दोनों को सही चिह्नित करते हैं; जाल यह है कि साम्बपुर का सटीक स्थान विवादित होने के कारण छात्र कथन 2 पर सन्देह करें। ध्यान दें कि कथन 2 केवल साम्बपुर के यात्रोत्सव को सूर्य उपासना से जोड़ता है, जो उस भौगोलिक बहस से निरपेक्ष, भली-भाँति समर्थित है।
- मुल्तान के आदित्य (सूर्य) मन्दिर का वर्णन ह्वेनसांग (641 ई.), अल्मसूदी व अल्बेरुनी (और अरब यात्री आबूजईद) ने किया है।
- साम्ब पुराण में, साम्ब सूर्य की उपासना से कोढ़ से मुक्त होते हैं व साम्बपुर में पहला सूर्य मन्दिर स्थापित करते हैं।
- अतः साम्बपुर यात्रोत्सव सूर्य (सूर्य देव) उपासना से सम्बद्ध है।
- मग/शाकद्वीपी ब्राह्मण परम्परागत रूप से सूर्य सम्प्रदाय के पुरोहित थे।

- कथन 2 को गलत चिह्नित करना क्योंकि विद्वान इस बात पर बहस करते हैं कि साम्बपुर मुल्तान है या नहीं — कथन केवल साम्बपुर को सूर्य उपासना से जोड़ता है, जो सही है
- मुल्तान का वर्णन करने वाले यात्रियों (ह्वेनसांग व अरब भूगोलवेत्ता) को उन यात्रियों से गड्डमड्ड करना जिन्होंने ऐसा नहीं किया
UPPSC कला व संस्कृति पर दो-कथन सही/गलत प्रश्न प्रयोग करता है; UPSC प्रायः किसी विदेशी यात्री को उसके विवरण के साथ जोड़ता है या पूछता है कि कौन-से स्थल सूर्य मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा/से सूर्य मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है/हैं ? 1. अरसावल्ली 2. अमरकंटक 3. ओंकारेश्वर। नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(a) केवल 1
वही विषय परखता है — भारत में सूर्य मन्दिर व सूर्य उपासना (अरसावल्ली में एक प्रमुख सूर्य नारायण मन्दिर है)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ह्वेनसांग व अल्बेरुनी द्वारा प्रसिद्ध रूप से वर्णित समृद्ध आदित्य (सूर्य) मन्दिर कहाँ स्थित था ?
- (a)मुल्तान
- (b)कोणार्क
- (c)मोढेरा
- (d)थानेसर
उत्तर(a) मुल्तान — इसके सूर्य मन्दिर को ह्वेनसांग, अल्मसूदी व अल्बेरुनी ने दर्ज किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
साम्ब गाथा के अनुसार, कृष्ण के पुत्र साम्ब किस देवता की उपासना से कोढ़ से मुक्त हुए ?
- (a)शिव
- (b)विष्णु
- (c)सूर्य
- (d)गणेश
उत्तर(c) सूर्य — जिसके बाद कहा जाता है कि उन्होंने साम्बपुर में एक सूर्य मन्दिर स्थापित किया।