केन्द्रीय बजट 2020-21 के द्वारा उत्कृष्ट कार्पोरेट बाँड में विदेशी पोर्टफोलियों निवेश की सीमा बढ़ा दी गयी है
- (a)9% तक
- (b)10% तक
- (c)12% तक
- (d)15% तक
सही उत्तर — (d) 15%। केन्द्रीय बजट 2020-21 (1 फरवरी 2020 को प्रस्तुत) में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्कृष्ट (outstanding) कार्पोरेट बाँड में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की सीमा को उत्कृष्ट कार्पोरेट बाँड के भण्डार के 9% से बढ़ाकर 15% करने का प्रस्ताव रखा। भारतीय रिज़र्व बैंक ने इसे वित्त वर्ष 2020-21 हेतु 30 मार्च 2020 को प्रभावी किया, जिसका उद्देश्य कार्पोरेट बाँड बाजार को गहरा करना व अधिक विदेशी ऋण निवेश आकर्षित करना था।
- (a)9% तक — गलत — 9% बजट 2020-21 से पूर्व की पिछली सीमा थी; बजट ने इसे बढ़ाया, अतः 9% पुरानी सीमा है, बढ़ी हुई नहीं।
- (b)10% तक — गलत — 10% कुछ पूर्व-बजट चर्चाओं में उछाला गया था परन्तु यह घोषित आँकड़ा नहीं था; सीमा को बढ़ाकर 15% किया गया था।
- (c)12% तक — गलत — 12% पुरानी (9%) व नई (15%) सीमा के बीच का एक भ्रामक विकल्प है; यह कभी भी अधिसूचित सीमा नहीं रही।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) विदेशी निवेशक हैं — कोष, संस्थाएँ व व्यक्ति — जो सेबी के साथ पंजीकृत होते हैं और भारतीय प्रतिभूतियों में, ऋण बाजार सहित, निवेश करते हैं। भारतीय कार्पोरेट बाँड में उनका निवेश ऐसे बाँड के उत्कृष्ट भण्डार के प्रतिशत के रूप में सीमित होता है। केन्द्रीय बजट 2020-21 ने इस सीमा को 9% से बढ़ाकर 15% किया, ताकि कार्पोरेट बाँड बाजार जितनी विदेशी पूँजी अवशोषित कर सके, उसका दायरा बढ़ाया जा सके।
यह बजट 2020-21 का एक विशिष्ट स्मरण-आधारित प्रश्न है। परिवर्तन को अपनी स्मृति में '9% से 15%' की छलांग के रूप में स्थिर करें: 9% पुरानी सीमा है (एक सामान्य जाल), 15% बढ़ी हुई सीमा है। RBI ने इसे वित्त वर्ष 2020-21 हेतु 30 मार्च 2020 को क्रियान्वित किया।
- केन्द्रीय बजट 2020-21 ने कार्पोरेट बाँड में FPI सीमा को उत्कृष्ट भण्डार के 9% से बढ़ाकर 15% किया
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2020 को घोषित; RBI द्वारा 30 मार्च 2020 को लागू
- उद्देश्य: कार्पोरेट बाँड बाजार को गहरा करना व अधिक विदेशी ऋण निवेश आकर्षित करना
- FPI सेबी-पंजीकृत विदेशी निवेशक हैं जो ऋण सहित भारतीय प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं

- 9% चुनना — यह बजट 2020-21 द्वारा बढ़ाए जाने से पहले की पुरानी सीमा है
- कार्पोरेट-बाँड FPI सीमा को जी-सेक सीमा या FAR मार्ग से भ्रमित करना
UPPSC/UPSC इसे बजट-विशिष्ट आँकड़े के रूप में या FPI सीमाओं व कार्पोरेट बाँड बाजार पर अवधारणा-आधारित प्रश्न के रूप में पूछते हैं — बजट 2020-21 में '9% से 15%' की छलांग स्मरण रखें।
निम्नलिखित में से कौन-सा पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा उन विदेशी निवेशकों को जारी किया जाता है जो सीधे स्वयं को पंजीकृत किए बिना भारतीय शेयर बाजार का हिस्सा बनना चाहते हैं ?
- (a) जमा प्रमाण-पत्र (Certificate of Deposit)
- (b) वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper)
- (c) वचन-पत्र (Promissory Note)
- (d) सहभागी पत्र (Participatory Note)
उत्तर(d) सहभागी पत्र (Participatory Note)
वही पात्र — विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक; यह FPI द्वारा जारी P-Notes की परीक्षा लेता है, ठीक वही निवेशक वर्ग जिसकी कार्पोरेट-बाँड सीमा से यह प्रश्न सम्बन्धित है।
भारत में, निम्नलिखित में से कौन कार्पोरेट बाँड व सरकारी प्रतिभूतियों में व्यापार कर सकता है ? 1. बीमा कम्पनियाँ 2. पेंशन कोष 3. खुदरा निवेशक। नीचे दिये गये कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3
वही लिखत — कार्पोरेट बाँड बाजार; यह परखता है कि कौन कार्पोरेट बाँड में व्यापार कर सकता है, वही बाजार जिसकी FPI निवेश सीमा को यह बजट प्रश्न बढ़ाकर 15% करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
केन्द्रीय बजट 2020-21 ने कार्पोरेट बाँड में FPI निवेश सीमा को बढ़ाकर कितना कर दिया ?
- (a)उत्कृष्ट भण्डार का 9%
- (b)उत्कृष्ट भण्डार का 12%
- (c)उत्कृष्ट भण्डार का 15%
- (d)उत्कृष्ट भण्डार का 20%
उत्तर(c) उत्कृष्ट भण्डार का 15% — 9% से बढ़ाकर।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) किसके साथ पंजीकृत होते हैं और किसके द्वारा विनियमित होते हैं ?
- (a)RBI
- (b)SEBI
- (c)IRDAI
- (d)नीति आयोग
उत्तर(b) SEBI — जो भारतीय प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले FPI को पंजीकृत व विनियमित करता है।