पोषकीय (सस्टेनेबल) पर्यटन का मुख्य उद्देश्य है
- (a)पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
- (b)बड़े पैमाने पर पर्यटन और लघु पैमाने पर यात्राओं का प्रबन्ध करना
- (c)सांस्कृतिक अखण्डता और पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाये रखते हुए पर्यटन और पर्यावरण प्रबन्ध करना
- (d)उपरोक्त में से कोई नहीं
सही उत्तर — (c)। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) की परिभाषा के अनुसार, पोषकीय (सस्टेनेबल) पर्यटन वह पर्यटन है जो अपने वर्तमान व भविष्य के आर्थिक, सामाजिक व पर्यावरणीय प्रभावों का पूरा ध्यान रखते हुए आगन्तुकों, उद्योग, पर्यावरण व मेजबान समुदायों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसका मूल उद्देश्य पर्यावरणीय संसाधनों का इष्टतम उपयोग करना व आवश्यक पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाये रखना, मेजबान समुदायों की सामाजिक-सांस्कृतिक प्रामाणिकता (सांस्कृतिक अखण्डता) का सम्मान करना, तथा दीर्घकालिक व न्यायसंगत रूप से बँटे आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना है — अर्थात् सांस्कृतिक अखण्डता व पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाये रखते हुए पर्यटन व पर्यावरण को साथ-साथ प्रबन्धित करना। विकल्प (c) ठीक यही सन्तुलन बताता है।
- (a)पर्यटकों की संख्या में वृद्धि — गलत — पर्यटकों की संख्या को अधिकतम करना बड़े पैमाने के पर्यटन (mass tourism) के निकट है, जो पोषकीयता का उल्टा है। अनियंत्रित पदचाप से अति-पर्यटन (over-tourism), संसाधन क्षरण व सांस्कृतिक क्षय होता है, जिसे पोषकीय पर्यटन रोकने के लिए बनाया गया है।
- (b)बड़े पैमाने पर पर्यटन और लघु पैमाने पर यात्राओं का प्रबन्ध करना — गलत — यह यात्रा के पैमाने के प्रबन्धन का वर्णन करता है, उद्देश्य का नहीं। पोषकीयता पर्यावरणीय, सामाजिक-सांस्कृतिक व आर्थिक प्रभावों को सन्तुलित करने के बारे में है, न कि केवल बड़े व लघु पैमाने के पर्यटन के बीच तालमेल बैठाने के बारे में।
- (d)उपरोक्त में से कोई नहीं — गलत — विकल्प (c) पोषकीय पर्यटन की एक वैध, मानक परिभाषा है, अतः 'उपरोक्त में से कोई नहीं' सही नहीं हो सकता।
पोषकीय पर्यटन सतत विकास के सिद्धान्त — वर्तमान आवश्यकताओं को इस तरह पूरा करना कि भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता प्रभावित न हो — को यात्रा व पर्यटन पर लागू करता है। UNWTO इसे तीन स्तम्भों के इर्द-गिर्द रखता है: पर्यावरणीय (पारिस्थितिक प्रक्रियाओं व जैव-विविधता की रक्षा), सामाजिक-सांस्कृतिक (मेजबान समुदायों की विरासत व प्रामाणिकता का सम्मान) और आर्थिक (व्यवहार्य, दीर्घकालिक, न्यायसंगत रूप से बँटे लाभ)। इकोटूरिज्म, उत्तरदायी पर्यटन व सामुदायिक-आधारित पर्यटन इससे सम्बन्धित, अधिक विशिष्ट रूप हैं।
भ्रामक विकल्प 'अधिक पर्यटक' (विकास को ही लक्ष्य मानना) और एक पैमाना-सम्बन्धी चाल से लुभाते हैं। स्मरण रखने योग्य कुंजी-शब्द है सन्तुलन और बनाये रखना — पर्यावरण, संस्कृति व पारिस्थितिकी को साथ-साथ, न कि केवल आगन्तुकों की संख्या को अधिकतम करना।
- पोषकीय पर्यटन = ऐसा पर्यटन जो वर्तमान आवश्यकताओं को इस तरह पूरा करे कि भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताएँ प्रभावित न हों (ब्रुन्टलैंड तर्क का यात्रा पर प्रयोग)
- UNWTO के तीन स्तम्भ: पर्यावरणीय, सामाजिक-सांस्कृतिक व आर्थिक पोषकीयता
- उद्देश्य: पर्यावरणीय संसाधनों का इष्टतम उपयोग, मेजबान समुदायों की सामाजिक-सांस्कृतिक प्रामाणिकता का सम्मान, और दीर्घकालिक न्यायसंगत आर्थिक लाभ
- इकोटूरिज्म प्रकृति-संरक्षण-केन्द्रित उपसमूह है; केरल का थेनमला भारत का प्रथम नियोजित इकोटूरिज्म गन्तव्य बताया जाता है

- 'पोषकीय' को 'अधिक पर्यटक' या 'अधिक राजस्व' के बराबर मान लेना
- पोषकीय पर्यटन को विलासितापूर्ण या बड़े पैमाने के पर्यटन से भ्रमित करना
परिभाषा/उद्देश्य-आधारित MCQ, या पर्यटन के प्रकारों (इको-, उत्तरदायी, बड़े पैमाने) को उनकी परिभाषित विशेषताओं से जोड़ना।
सतत विकास को उस विकास के रूप में वर्णित किया जाता है जो वर्तमान की आवश्यकताओं को इस तरह पूरा करता है कि भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता प्रभावित न हो। इस दृष्टिकोण से, सतत विकास की अवधारणा स्वाभाविक रूप से निम्नलिखित में से किस अवधारणा से जुड़ी है ?
- (a) सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण
- (b) समावेशी विकास
- (c) भूमण्डलीकरण
- (d) वहन-क्षमता (Carrying capacity)
उत्तर(d) वहन-क्षमता (Carrying capacity)
वही अन्तर्निहित विचार। पोषकीय पर्यटन का उद्देश्य (पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाये रखते हुए पर्यावरण का प्रबन्धन) सतत विकास के सिद्धान्त व वहन-क्षमता की उसी अवधारणा पर टिका है जिसे यह UPSC प्रश्न सीधे परखता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से किसे पोषकीय पर्यटन के प्रकृति-संरक्षण-केन्द्रित उपसमूह के रूप में सर्वोत्तम वर्णित किया जा सकता है ?
- (a)बड़े पैमाने का पर्यटन (Mass tourism)
- (b)इकोटूरिज्म
- (c)चिकित्सा पर्यटन
- (d)MICE पर्यटन
उत्तर(b) इकोटूरिज्म — प्राकृतिक क्षेत्रों की उत्तरदायी यात्रा जो पर्यावरण का संरक्षण करती है और स्थानीय कल्याण को बनाये रखती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वे तीन स्तम्भ जिनके इर्द-गिर्द UNWTO पोषकीय पर्यटन को परिभाषित करता है, हैं
- (a)राजनीतिक, विधिक व प्रशासनिक
- (b)पर्यावरणीय, सामाजिक-सांस्कृतिक व आर्थिक
- (c)घरेलू, आवक व जावक
- (d)विलासितापूर्ण, बजट व साहसिक
उत्तर(b) पर्यावरणीय, सामाजिक-सांस्कृतिक व आर्थिक — इन तीनों का सन्तुलन ही पोषकीय पर्यटन को परिभाषित करता है।