भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371-ञ के अन्तर्गत देश के किस क्षेत्र को विशेष स्थिति प्रदान की गई है ?
- (a)नागालैण्ड
- (b)हैदराबाद और कर्नाटक
- (c)महाराष्ट्र और गुजरात
- (d)लद्दाख
सही उत्तर — (b) हैदराबाद और कर्नाटक। अनुच्छेद 371-ञ को 98वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2012 द्वारा जोड़ा गया, जिससे हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र (2019 में कल्याण-कर्नाटक नाम दिया गया) को विशेष स्थिति प्रदान की गई। यह इस क्षेत्र के छह जिलों — कलबुर्गी (गुलबर्गा), बीदर, यादगिर, रायचूर, कोप्पल और बल्लारी (बेल्लारी) — के लिए एक पृथक विकास बोर्ड तथा शिक्षा एवं राज्य-सरकार की नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान करता है।
- (a)नागालैण्ड — नागालैण्ड के विशेष प्रावधान अनुच्छेद 371-क (नागा धार्मिक/सामाजिक प्रथाओं, प्रथागत विधि और भूमि की सुरक्षा) के अन्तर्गत हैं, 371-ञ के नहीं।
- (c)महाराष्ट्र और गुजरात — ये सामान्य अनुच्छेद 371 — विदर्भ/मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र/कच्छ के लिए राज्यपालों के विशेष उत्तरदायित्व और विकास बोर्ड — के अन्तर्गत आते हैं, 371-ञ के नहीं।
- (d)लद्दाख — लद्दाख के लिए कोई अनुच्छेद 371 प्रावधान नहीं है; यह 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के माध्यम से केन्द्रशासित प्रदेश बना, जो एक पूर्णतः भिन्न संवैधानिक मार्ग है।
अनुच्छेद 371 से 371-ञ तक 'विशेष प्रावधान' हैं जो विशिष्ट राज्यों या क्षेत्रों के लिए हैं, प्रत्येक को किसी विशेष स्थानीय आवश्यकता हेतु भिन्न समय पर जोड़ा गया। अनुच्छेद 371-ञ (2012) विशिष्ट है क्योंकि यह किसी राज्य के भीतर एक पिछड़े क्षेत्र — हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र — को लक्षित करता है, जिसमें क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने हेतु एक सांविधिक विकास बोर्ड तथा शिक्षा एवं लोक नियोजन में कोटा शामिल है।
'-ञ' प्रत्यय तथा 'क्षेत्र' शब्द (न कि सम्पूर्ण राज्य) हैदराबाद-कर्नाटक की ओर संकेत करते हैं। इसे 371-क (नागालैण्ड) तथा सामान्य अनुच्छेद 371 (महाराष्ट्र/गुजरात) से अलग रखें। लद्दाख एक भिन्न संवैधानिक घटना — 2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन — से लिया गया एक व्यर्थ विकल्प है।
- अनुच्छेद 371-ञ को 98वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2012 द्वारा जोड़ा गया
- यह हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र (2019 में कल्याण-कर्नाटक नाम दिया गया) को आच्छादित करता है
- छह जिले: कलबुर्गी, बीदर, यादगिर, रायचूर, कोप्पल, बल्लारी
- एक विकास बोर्ड के साथ-साथ शिक्षा और राज्य नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान करता है

- सामान्य अनुच्छेद 371 (महाराष्ट्र/गुजरात) को 371-ञ के साथ भ्रमित करना
- यह मान लेना कि कोई भी 'विशेष स्थिति' वाला क्षेत्र अवश्य पूर्वोत्तर में होगा
371 श्रृंखला से अनुच्छेद-से-राज्य/क्षेत्र सुमेल — प्रत्यय मानचित्र याद रखें (क = नागालैण्ड … ञ = हैदराबाद-कर्नाटक)।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारतीय संविधान में अनुच्छेद 371-क से 371-झ नागालैण्ड, असम, मणिपुर, आन्ध्र प्रदेश, सिक्किम, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश और गोवा की क्षेत्रीय माँगों को पूरा करने हेतु जोड़े गये थे। 2. भारत का संविधान तथा संयुक्त राज्य अमेरिका का संविधान दोहरी शासन-व्यवस्था (संघ और राज्य) की परिकल्पना कर सकते हैं, परन्तु एकल नागरिकता की। 3. भारत के किसी देशीयकृत नागरिक को कभी भी उसकी नागरिकता से वंचित नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) 1, 2 और 3
- (b) 1 और 3
- (c) केवल 3
- (d) केवल 1
उत्तर(d) केवल 1
समान अवधारणा — अनुच्छेद 371 श्रृंखला के विशेष संवैधानिक प्रावधान, विशिष्ट राज्यों/क्षेत्रों के लिए; इस प्रश्न में अनुच्छेद 371-ञ (हैदराबाद-कर्नाटक) उसी परिवार से सम्बन्धित है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 371-ञ किस क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान करता है ?
- (a)बुन्देलखण्ड
- (b)हैदराबाद-कर्नाटक (कल्याण-कर्नाटक)
- (c)सौराष्ट्र
- (d)बोडोलैण्ड
उत्तर(b) हैदराबाद-कर्नाटक — 98वें संशोधन, 2012 द्वारा जोड़ा गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अनुच्छेद 371-क के अन्तर्गत विशेष प्रावधान किस राज्य से सम्बन्धित है ?
- (a)असम
- (b)नागालैण्ड
- (c)मणिपुर
- (d)सिक्किम
उत्तर(b) नागालैण्ड — अनुच्छेद 371-क नागा प्रथागत विधि, भूमि और सामाजिक/धार्मिक प्रथाओं की रक्षा करता है।