सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गये कूट से सही उत्तर चुनिये : सूची - I (कोयला क्षेत्र) A. तालचिर B. कर्णपुरा C. सिंगरौली D. सिंगरेनी सूची - II (अवस्थिति) 1. दामोदर घाटी 2. सोन घाटी 3. गोदावरी घाटी 4. महानदी घाटी कूट :
- (a)A-4, B-1, C-2, D-3
- (b)A-3, B-2, C-1, D-4
- (c)A-2, B-4, C-3, D-1
- (d)A-1, B-3, C-2, D-4
सही उत्तर — (a) A-4, B-1, C-2, D-3। भारत का लगभग सारा कोयला गोंडवाना कोयला है, और गोंडवाना शैलें आज उन्हीं प्राचीन दरार-द्रोणियों में संरक्षित हैं जो अब प्रमुख नदियों की घाटियाँ हैं — इसीलिए भारत में हर कोयला क्षेत्र का 'पता' अमूमन किसी नदी घाटी के नाम से जाना जाता है। तालचिर (यहाँ 'तालचिर' लिखा गया है), ओडिशा के अंगुल जिले में, महानदी घाटी में स्थित है → 4। कर्णपुरा — झारखंड के हज़ारीबाग-चतरा क्षेत्र के उत्तरी व दक्षिणी कर्णपुरा क्षेत्र — रानीगंज, झरिया और बोकारो के साथ दामोदर घाटी समूह में आता है → 1। सिंगरौली (यहाँ 'सिंगरौली' लिखा गया है) मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर सोन घाटी में स्थित है, जो मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले तथा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में फैला है → 2। सिंगरेनी (यहाँ 'सिंगरेनी' लिखा गया है), जिसे तेलंगाना में सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है, गोदावरी घाटी का प्रमुख क्षेत्र है → 3। केवल विकल्प (a) ही चारों जोड़े सही रखता है।
- (b)A-3, B-2, C-1, D-4 — यह हर क्षेत्र को एक-एक स्थान खिसका देता है: तालचिर को गोदावरी घाटी में रख देता है (जो वास्तव में सिंगरेनी की घाटी है), कर्णपुरा को सोन घाटी में (जबकि यह दामोदर घाटी का क्षेत्र है), सिंगरौली को दामोदर घाटी में और सिंगरेनी को महानदी घाटी में। इसमें एक भी जोड़ी सही नहीं बचती।
- (c)A-2, B-4, C-3, D-1 — चारों में गलत — तालचिर को सोन घाटी में, कर्णपुरा को महानदी घाटी में, सिंगरौली को गोदावरी घाटी में और सिंगरेनी को दामोदर घाटी में रखा गया है। यह भूगोल का ठीक उलटा है: तालचिर ओडिशा का महानदी-द्रोणी क्षेत्र है और सिंगरेनी प्रायद्वीपीय भारत का गोदावरी-द्रोणी क्षेत्र।
- (d)A-1, B-3, C-2, D-4 — एक लुभावना निकट-चूक: इसमें C-2 सही है (सिंगरौली सोन घाटी में), परंतु शेष में हेरफेर है — तालचिर को दामोदर घाटी में, कर्णपुरा को गोदावरी घाटी में और सिंगरेनी को महानदी घाटी में रख दिया गया है। कर्णपुरा दामोदर घाटी का क्षेत्र है और सिंगरेनी गोदावरी घाटी का, अतः चार में से तीन जोड़े गलत हो जाते हैं।
भारत का कोयला दो बहुत भिन्न भूवैज्ञानिक समूहों में मिलता है। लगभग 98 प्रतिशत भंडार गोंडवाना कोयला है, जो पर्मियन काल में लंबी, संकरी दरार-द्रोणियों में बना, जो बाद में दामोदर, सोन, महानदी, गोदावरी और वर्धा नदियों के मार्ग बन गईं — इसीलिए भारत में किसी कोयला क्षेत्र का पता लगभग हमेशा किसी नदी घाटी के रूप में होता है। शेष हिस्सा उत्तर-पूर्व (असम, मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड) का कहीं अधिक नया टर्शियरी कोयला है, जो सल्फर में उच्च होता है और इस घाटी-योजना से बाहर है। गोंडवाना क्षेत्रों को घाटी-दर-घाटी याद कर लें तो सुमेलन प्रश्नों का पूरा परिवार एक ही मानचित्र में सिमट जाता है।
परीक्षक ने सूची में जान-बूझकर मिलते-जुलते नाम भरे हैं — 'सिंगरौली' और 'सिंगरेनी' केवल दो अक्षरों में भिन्न हैं परंतु अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग द्रोणियों में, 900 किलोमीटर दूर स्थित हैं। सूची को उन नामों से हल करें जिनके बारे में सबसे अधिक निश्चितता है: कर्णपुरा स्पष्टतः दामोदर घाटी का नाम है (दामोदर पट्टी भारत का कोयला-हृदय है), और सिंगरेनी स्पष्टतः तेलंगाना का नाम है, अतः गोदावरी घाटी। इससे B-1 और D-3 तय हो जाते हैं, और केवल विकल्प (a) ही दोनों प्रस्तुत करता है।
- दामोदर घाटी — भारत की सबसे समृद्ध कोयला पट्टी: रानीगंज, झरिया, बोकारो, उत्तरी व दक्षिणी कर्णपुरा, गिरिडीह (पश्चिम बंगाल व झारखंड)।
- सोन घाटी — सिंगरौली और सोहागपुर; सिंगरौली क्षेत्र मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में फैला है।
- महानदी घाटी — तालचिर (अंगुल जिला) और इब घाटी क्षेत्र, दोनों ओडिशा में।
- गोदावरी घाटी — सिंगरेनी, तेलंगाना में सिंगरेनी कोलियरीज़ द्वारा संचालित (कोठागुडेम, रामागुंडम पट्टी); यह प्रायद्वीपीय दक्षिण भारत का प्रमुख कोयला स्रोत है।
- उत्तर प्रदेश से संबंध: NTPC का सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन, सोनभद्र जिले के शक्तिनगर में, निगम का पहला बिजलीघर था, जो इसी कोयला क्षेत्र के निकट बनाया गया।
उत्तर (a): A-4, B-1, C-2, D-3। उभारी गई पंक्ति उत्तर प्रदेश की कड़ी है — सोन घाटी का सिंगरौली सोनभद्र जिले तक पहुँचता है।
- सिंगरौली (सोन घाटी) और सिंगरेनी (गोदावरी घाटी) — लगभग एक जैसे नाम, देश के विपरीत छोरों पर; पूरा प्रश्न इसी जाल पर बना है।
- यह मान लेना कि कर्णपुरा छत्तीसगढ़ में है: छत्तीसगढ़ का बड़ा क्षेत्र कोरबा है, जबकि कर्णपुरा झारखंड का दामोदर घाटी क्षेत्र है।
- कोयला क्षेत्र 'तालचिर' को 'तालचिर संरचना' से भ्रमित करना, जो गोंडवाना अनुक्रम की सबसे निचली (हिमानी) इकाई है और उसी स्थान के नाम पर रखी गई है।
UPPSC बार-बार कोयला-क्षेत्र से घाटी या राज्य तक का सुमेलन पूछता है; UPSC उसी अंतर्निहित मानचित्र को खनिज-और-स्थान युग्मों, उत्तर-पूर्वी टर्शियरी क्षेत्रों और कोयला नीति संबंधी प्रश्नों के रूप में पसंद करता है।
निम्नलिखित में से किस राज्य में नामचिक-नामफुक कोयला क्षेत्र स्थित हैं?
- (a) अरुणाचल प्रदेश
- (b) मेघालय
- (c) मणिपुर
- (d) मिज़ोरम
उत्तर(a) अरुणाचल प्रदेश
वही कौशल — किसी नामित भारतीय कोयला क्षेत्र को मानचित्र पर रखना — कहानी के दूसरे आधे हिस्से से पूछा गया, अर्थात् गोंडवाना घाटी क्षेत्रों की बजाय उत्तर-पूर्व के टर्शियरी कोयला क्षेत्रों से।
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए: सूची I (खनिज) I. कोयला II. सोना III. अभ्रक IV. मैंगनीज़ सूची II (प्राप्ति के विशिष्ट क्षेत्र) A) भंडारा B) कर्णपुरा C) हुट्टी D) नेल्लोर कूट:
- (a) I-A, II-C, III-B, IV-D
- (b) I-B, II-C, III-D, IV-A
- (c) I-C, II-D, III-B, IV-A
- (d) I-B, II-A, III-D, IV-C
उत्तर(b) I-B, II-C, III-D, IV-A
UPSC ने कर्णपुरा को ठीक इसी सुमेलन प्रारूप में कोयले के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया — यह जानना कि कर्णपुरा का अर्थ दामोदर पट्टी में कोयला है, दोनों प्रश्नपत्रों का उत्तर देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यूक्रेन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक केंद्र है?
- (a) डोनेत्स्क
- (b) कीव
- (c) खारकीव
- (d) ज़ापोरिज्ज़िया
उत्तर(a) डोनेत्स्क
वही स्मरण-प्रतिरूप — किसी कोयला क्षेत्र की मूल द्रोणी बताना — विश्व भूगोल में भी दोहराया गया, जहाँ डोनेत्स्क डोनबास कोयला द्रोणी का प्रतीक है, ठीक वैसे ही जैसे कर्णपुरा दामोदर का प्रतीक है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
झरिया कोयला क्षेत्र, जो भारत का कोकिंग कोयले का प्रमुख स्रोत है, किस नदी घाटी में स्थित है?
- (a)दामोदर घाटी
- (b)सोन घाटी
- (c)महानदी घाटी
- (d)गोदावरी घाटी
उत्तर(a) दामोदर घाटी — झारखंड के धनबाद जिले में स्थित झरिया, रानीगंज, बोकारो और कर्णपुरा के साथ दामोदर पट्टी का हिस्सा है, और भारत के अधिकांश धात्विक कोयले की आपूर्ति करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिंगरौली कोयला क्षेत्र मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के किस जिले तक फैला हुआ है?
- (a)मिर्जापुर
- (b)सोनभद्र
- (c)चंदौली
- (d)बलिया
उत्तर(b) सोनभद्र — सोन घाटी का यह कोयला क्षेत्र राज्य सीमा के आर-पार फैला है, और NTPC का पहला बिजलीघर, शक्तिनगर स्थित सिंगरौली STPS, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र हिस्से में है।