नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) के अंतर्गत कितने दिनों के भीतर जन्म तथा मृत्यु की घटना को भारत में रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है ?
- (a)15 दिन
- (b)21 दिन
- (c)26 दिन
- (d)30 दिन
सही उत्तर — (b) 21 दिन। पंजीकरण अधिनियम, 1969 — जो भारत की नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) को संचालित करता है — के अंतर्गत, प्रत्येक जन्म और प्रत्येक मृत्यु की सूचना घटना के 21 दिनों के भीतर स्थानीय रजिस्ट्रार को दी जानी चाहिए, और इस अवधि के भीतर पंजीकरण निःशुल्क होता है। (सटीक रूप से: अधिनियम की धारा 8(1) कहती है कि सूचना 'ऐसी अवधि के भीतर' दी जाएगी 'जो निर्धारित की जाए'; 21-दिन की अवधि तथा शुल्क-मुक्ति का नियम अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा तय होते हैं, अधिनियम के मूल पाठ द्वारा नहीं।) इसके बाद अधिनियम विलंबित पंजीकरण के क्रमिक चरण प्रदान करता है: 21 दिन की अवधि के बाद सूचित घटना पर विलंब शुल्क लगता है, 30 दिनों के बाद और एक वर्ष तक सूचित घटना हेतु निर्धारित प्राधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होती है, तथा एक वर्ष से अधिक विलंब से सूचित घटना केवल मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही पंजीकृत हो सकती है। यह प्रश्न 21-दिन के आँकड़े के बारे में पूछता है, क्योंकि यही एकमात्र अवधि है जिसके भीतर पंजीकरण एक सीधा अधिकार है, न कि कोई रियायत।
- (a)15 दिन — जन्म या मृत्यु की सूचना देने हेतु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में पंद्रह दिन की कोई अवधि मान्य नहीं है। यह एक विश्वसनीय-सी लगने वाली गोल संख्या है जिसका यहाँ कोई सांविधिक आधार नहीं है।
- (c)26 दिन — एक मनमाना आँकड़ा जिसका अधिनियम में कोई स्थान नहीं है — यह विकल्पों में केवल इसलिए है ताकि यह उन दो महत्वपूर्ण संख्याओं, 21 और 30, के बीच बैठ सके।
- (d)30 दिन — सबसे लुभावना गलत उत्तर, क्योंकि 30 दिन अधिनियम की योजना में वास्तव में आता है — परंतु सामान्य सूचना-अवधि के रूप में नहीं, बल्कि विलंबित पंजीकरण की बाहरी सीमा के रूप में। 21 से 30 दिनों के बीच किसी घटना का पंजीकरण विलंब शुल्क देकर अब भी कराया जा सकता है; केवल 21 दिनों के भीतर ही पंजीकरण सामान्यतः अधिकार के रूप में और निःशुल्क देय होता है।
नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) भारत में महत्वपूर्ण घटनाओं — प्रत्येक जन्म और प्रत्येक मृत्यु — का सतत, अनिवार्य व स्थायी अभिलेखन है, जैसे-जैसे वे घटित होती हैं। यह पंजीकरण अधिनियम, 1969 पर आधारित है, और एक शृंखला में प्रशासित होती है: भारत के महापंजीयक राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करते हैं, प्रत्येक राज्य में जन्म-मृत्यु का एक मुख्य रजिस्ट्रार होता है, तथा वास्तविक प्रविष्टियाँ स्थानीय रजिस्ट्रारों — पंचायत सचिव, नगरपालिका अधिकारी, या अस्पताल के नामित अधिकारी — द्वारा की जाती हैं। यह जनगणना से काफी भिन्न है, जो संपूर्ण जनसंख्या का दशकीय आकलन है, और नमूना पंजीकरण प्रणाली (SRS) से भी भिन्न है, जो प्रत्येक घटना दर्ज करने के बजाय एक बड़े नमूने से जन्म व मृत्यु दर का आकलन करती है।
परीक्षा को केवल एक संख्या चाहिए, इसलिए इसे याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका एक जोड़े के रूप में है: पंजीकरण हेतु 21 दिन, और 1 वर्ष जिसके बाद केवल मजिस्ट्रेट ही पंजीकरण का आदेश दे सकता है। यह पहचानें कि पेपर पंजीकरण अधिनियम, 1969 की परीक्षा ले रहा है, न कि किसी अस्पताल या नगरपालिका नियम की — सही उत्तर एक सांविधिक अवधि है जो पूरे भारत में समान रूप से लागू होती है। यह भी ध्यान रखें कि 'जन्म व मृत्यु के पंजीकरण सहित महत्वपूर्ण आँकड़े' सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में आते हैं, यही कारण है कि संघ अधिनियम बनाता है जबकि राज्य तंत्र चलाते हैं और नियम बनाते हैं।
- किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण हेतु दी जानी चाहिए; इस अवधि के भीतर पंजीकरण निःशुल्क है।
- शासी कानून पंजीकरण अधिनियम, 1969 है, जिसने पूरे भारत में पंजीकरण को अनिवार्य बनाया।
- विलंबित पंजीकरण क्रमिक है: 21 दिनों के बाद विलंब शुल्क, 30 दिनों के बाद और एक वर्ष तक निर्धारित प्राधिकारी की लिखित अनुमति, तथा एक वर्ष से अधिक होने पर मजिस्ट्रेट का आदेश।
- यह प्रणाली केंद्र में भारत के महापंजीयक, प्रत्येक राज्य में जन्म-मृत्यु के मुख्य रजिस्ट्रार, तथा ज़मीनी स्तर पर स्थानीय रजिस्ट्रारों के माध्यम से चलती है।
- 'जन्म व मृत्यु के पंजीकरण सहित महत्वपूर्ण आँकड़े' सातवीं अनुसूची के अंतर्गत समवर्ती सूची का विषय है।
- 2026 के पाठक के लिए वर्तमान टिप्पणी: पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023, जिसे अक्टूबर 2023 में लागू किया गया, ने प्रणाली को एक डिजिटल राष्ट्रीय डेटाबेस में स्थानांतरित किया तथा जन्म प्रमाण-पत्र को स्कूल प्रवेश व आधार जैसी सेवाओं हेतु एकल प्रमाण-दस्तावेज़ बनाया — परंतु इसने 21-दिन की सूचना-अवधि में कोई परिवर्तन नहीं किया।
- जन्म या मृत्यु होती है
- 21 दिनों के भीतर — स्थानीय रजिस्ट्रार को सूचित करें; पंजीकरण निःशुल्क है
- 21 दिनों के बाद — पंजीकरण अब भी संभव है, परंतु विलंब शुल्क लागू होता है
- 30 दिनों के बाद, एक वर्ष तक — निर्धारित प्राधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक है
- एक वर्ष से अधिक विलंब — केवल मजिस्ट्रेट के आदेश पर
उत्तर (b): 21 दिन सांविधिक सूचना-अवधि है। विकल्प (d) का 30-दिन का आँकड़ा विलंबित-पंजीकरण की सीढ़ी का भाग है, सामान्य अवधि का नहीं।
- 30 दिन चुनना क्योंकि यह अधिक जानी-पहचानी प्रशासनिक समय-सीमा है — 30 दिन विलंबित-पंजीकरण की सीढ़ी का भाग है, सूचना-अवधि नहीं।
- जनगणना और नागरिक पंजीकरण प्रणाली को एक ही मान लेना: जनगणना दशक में एक बार सभी की गणना करती है, CRS प्रत्येक घटना को उसके घटित होते ही दर्ज करती है।
- यह मान लेना कि किसी अस्पताल की अपनी सूचना-प्रथा या कोई राज्य नियम सांविधिक अवधि को अधिक्रमित कर देता है — 21-दिन की अवधि एक केंद्रीय अधिनियम से आती है तथा समान रूप से लागू होती है।
UPPSC इस तरह के एकल-संख्या सांविधिक स्मरण को पसंद करता है — दिन, वर्ष, प्रतिशत — जबकि UPSC इसी क्षेत्र को अवधारणात्मक रूप से देखता है, यह पूछते हुए कि भारत का जनसंख्या डेटा कैसे उत्पन्न होता है और कौन-सा स्रोत कौन-सा संकेतक देता है।
भारत में जनगणना कार्य पहली बार कब किया गया था?
- (a) वर्ष 1861 में
- (b) वर्ष 1850 में
- (c) वर्ष 1871 में
- (d) वर्ष 1881 में
उत्तर(c) वर्ष 1871 में (आधिकारिक UPPSC कुंजी के अनुसार)
उसी पाठ्यक्रम खंड का दूसरा आधा भाग — भारत की आधिकारिक जनसंख्या-आँकड़ा प्रणालियाँ। UPPSC वहाँ जनगणना के मील के पत्थर की तथा यहाँ नागरिक पंजीकरण प्रणाली की अवधि की परीक्षा लेता है, और दोनों प्रायः एक-दूसरे से भ्रमित कर दी जाती हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा प्राधिकरण भारत में राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक पंजीकरण प्रणाली का समन्वय करता है?
- (a)भारत के महापंजीयक
- (b)राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
- (c)नीति आयोग
- (d)स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
उत्तर(a) भारत के महापंजीयक — महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक पंजीकरण का समन्वय करता है, जबकि प्रत्येक राज्य अपने स्वयं के मुख्य जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के माध्यम से कार्य करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से किसे भारत में महत्वपूर्ण घटनाओं के सतत, अनिवार्य व स्थायी अभिलेखन के रूप में सर्वोत्तम रूप से वर्णित किया जा सकता है?
- (a)भारत की जनगणना
- (b)नमूना पंजीकरण प्रणाली
- (c)नागरिक पंजीकरण प्रणाली
- (d)राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण
उत्तर(c) नागरिक पंजीकरण प्रणाली — यह प्रत्येक जन्म व मृत्यु को उसके घटित होते ही दर्ज करती है; जनगणना दशकीय गणना है, नमूना पंजीकरण प्रणाली एक बड़े नमूने से दरों का आकलन करती है, और NFHS एक आवधिक नमूना सर्वेक्षण है।