भारत सरकार द्वारा अक्टूबर 10, 2019 को प्रतिभाशाली बच्चों के कौशल समृद्धि के प्रोत्साहन हेतु प्रारंभ किया गया राष्ट्रीय कार्यक्रम है
- (a)लक्ष्य
- (b)प्रतिभा
- (c)ध्रुव
- (d)परिवर्तन
सही उत्तर — (C) ध्रुव। औपचारिक रूप से 'प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम' (PMILP) कहलाने वाला ध्रुव कार्यक्रम केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (जिसका नाम 2020 में शिक्षा मंत्रालय रखा गया) द्वारा अक्टूबर 2019 में असाधारण प्रतिभाशाली स्कूली बच्चों की पहचान करने और उन्हें उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने में मार्गदर्शन देने हेतु शुरू किया गया था। पहले बैच में कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी व निजी स्कूलों से चुने गए 60 विद्यार्थी थे — 30 विज्ञान में और 30 प्रदर्शन कला (परफॉर्मिंग आर्ट्स) में — जिन्हें विशेषज्ञ मार्गदर्शकों (मेंटर्स) से जोड़ा गया। यह कार्यक्रम ध्रुव तारे के नाम पर रखा गया है, और चयनित बच्चों को 'ध्रुव तारा' कहा जाता है।
- (a)लक्ष्य — 'लक्ष्य' का अर्थ है उद्देश्य या निशाना, और सरकार ने यह नाम अन्य पहलों के लिए भी प्रयोग किया है, परंतु यह अक्टूबर 2019 में शुरू किया गया प्रतिभा-पोषण कार्यक्रम नहीं है — वह ध्रुव है।
- (b)प्रतिभा — सबसे लुभावना विकल्प, क्योंकि 'प्रतिभा' का शाब्दिक अर्थ ही टैलेंट है और प्रश्न प्रतिभाशाली बच्चों के बारे में है। परंतु प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम को दिया गया वास्तविक नाम ध्रुव तारे के नाम पर ध्रुव है — प्रतिभा नहीं।
- (d)परिवर्तन — 'परिवर्तन' का अर्थ है बदलाव या रूपांतरण; यह अक्टूबर 2019 के स्कूली-प्रतिभा कार्यक्रम का नाम नहीं है।
ध्रुव भारतीय शिक्षा नीति की 'प्रतिभाशाली बालक' श्रेणी से संबंधित है — ऐसे कार्यक्रम जो स्कूल या फीस पर खर्च नहीं करते, बल्कि पहले से उत्कृष्ट विद्यार्थियों को संरचित मार्गदर्शन देते हैं। इसकी डिज़ाइन जान-बूझकर संकुचित है: बहुत छोटा समूह (पहले बैच में 60), विज्ञान और प्रदर्शन कला में दो-धारा विभाजन, और कक्षा-शिक्षण के बजाय सिद्ध व्यक्तियों के साथ जोड़ी बनाना। नाम ही इसकी शिक्षण-युक्ति है — ध्रुव वह ध्रुव तारा है, वह स्थिर बिंदु जिससे अन्य दिशा पाते हैं, और विद्यार्थियों को 'ध्रुव तारा' कहा जाता है।
योजना-नाम वाले प्रश्न प्रत्येक नाम को एक ठोस संकेत से जोड़कर जीते जाते हैं। यहाँ संकेत है तारा: 'प्रतिभाशाली बच्चे जो औरों का मार्गदर्शन करेंगे' → ध्रुव तारा → ध्रुव। प्रतिभा को जान-बूझकर शाब्दिक भुलावे के रूप में रखा गया है — जो विकल्प ठीक वही अर्थ देता है जो प्रश्न में वर्णित है, इस प्रारूप में प्रायः गलत उत्तर होता है, क्योंकि भारत में वास्तविक योजना-नाम प्रायः शाब्दिक न होकर रूपकात्मक होते हैं।
- ध्रुव = प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम (PMILP), अक्टूबर 2019 में प्रारंभ
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा प्रारंभ किया गया
- पहला बैच: कक्षा 9-12 के 60 विद्यार्थी — सरकारी व निजी स्कूलों से 30 विज्ञान में और 30 प्रदर्शन कला में
- ध्रुव तारे के नाम पर रखा गया नाम; चयनित विद्यार्थियों को 'ध्रुव तारा' कहा जाता है
- उद्देश्य: असाधारण प्रतिभाशाली बच्चों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन देना, न कि छात्रवृत्ति या ढाँचागत सुविधा
उत्तर (c): अक्टूबर 2019 में प्रतिभाशाली बच्चों के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम ध्रुव है, शाब्दिक-लगने वाला प्रतिभा नहीं।
- प्रतिभा को इसलिए चुनना क्योंकि शब्द का अर्थ ही 'टैलेंट' है — योजना का नाम रूपकात्मक है, शाब्दिक नहीं
- इस ध्रुव को नाम के अन्य सरकारी प्रयोगों से भ्रमित करना, जैसे HAL का ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर
- इसे छात्रवृत्ति योजना समझना — ध्रुव मार्गदर्शन देता है, फीस सहायता नहीं
UPPSC योजना के नामों को सीधे स्मरण-प्रश्न के रूप में पूछता है ('<तिथि> को <उद्देश्य> हेतु शुरू किया गया कार्यक्रम है') या योजना-से-वर्ष / योजना-से-मंत्रालय मिलान सूची के रूप में; UPSC प्रायः 'योजना X के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें' पूछता है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम, ध्रुव, किस मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था?
- (a)विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- (b)मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा)
- (c)युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
- (d)संस्कृति मंत्रालय
उत्तर(b) मानव संसाधन विकास मंत्रालय, जिसका नाम बाद में शिक्षा मंत्रालय रखा गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ध्रुव कार्यक्रम के तहत चुने गए पहले बैच के विद्यार्थी किन दो क्षेत्रों से लिए गए थे?
- (a)विज्ञान और प्रदर्शन कला
- (b)विज्ञान और खेल
- (c)गणित और साहित्य
- (d)प्रौद्योगिकी और ललित कला
उत्तर(a) विज्ञान और प्रदर्शन कला — कक्षा 9 से 12 तक के प्रत्येक क्षेत्र से 30-30 विद्यार्थी।