नीचे दिए गए कथनों को पढ़ें: 1. नासा (NASA) ने ब्रह्मांड की "कॉस्मिक ग्लो" (cosmic glow) का अध्ययन करने के लिए एक अंतरिक्ष टेलीस्कोप, SPHEREx लॉन्च किया।. 2. लद्दाख के हनले में मेजर एटमोस्फेरिक चेरेनकोव एक्सपेरिमेंट (MACE) टेलीस्कोप का उद्घाटन किया गया। उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
- (a)केवल कथन 2
- (b)न तो कथन 1 और न ही 2
- (c)कथन 1 और 2 दोनों
- (d)केवल कथन 1
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C. दोनों कथन सही हैं।
कथन 1: नासा ने SPHEREx को 11 मार्च 2025 (अमेरिकी पैसिफ़िक समय) को वैंडेनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस से Falcon 9 रॉकेट पर लॉन्च किया।
यह पूरे आकाश का निकट-अवरक्त (near-infrared) प्रकाश में नक्शा बनाता है, और लगभग 450 मिलियन आकाशगंगाओं का डेटा जुटाएगा।
कथन 2: लद्दाख के हनले के पास MACE टेलीस्कोप का औपचारिक उद्घाटन 4 अक्टूबर 2024 को हुआ।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल कथन 2 — यह कथन 1 को नकारता है, जो सही है। नासा का SPHEREx 11 मार्च 2025 को PUNCH उपग्रहों के साथ एक ही Falcon 9 पर लॉन्च हुआ।
- (b)न तो कथन 1 और न ही 2 — दोनों कथन सही हैं: SPHEREx मार्च 2025 में लॉन्च हुआ, और MACE का उद्घाटन अक्टूबर 2024 में हनले में हुआ।
- (d)केवल कथन 1 — यह कथन 2 को नकारता है, जो सही है। BARC द्वारा ECIL के सहयोग से बनाया गया MACE हनले में लगभग 4,300 मीटर की ऊँचाई पर है, और उसका औपचारिक उद्घाटन 4 अक्टूबर 2024 को हुआ।
अवधारणा
दो टेलीस्कोप, और दोनों के काम बहुत अलग।
SPHEREx का पूरा नाम है Spectro-Photometer for the History of the Universe, Epoch of Reionization and Ices Explorer।
यह पूरे आकाश का नक्शा बनाकर अध्ययन करता है कि आरंभिक ब्रह्मांड के प्रसार (inflation) के पीछे क्या था, आकाशगंगाएँ कैसे बनीं, और ग्रह-प्रणालियों में पानी कहाँ से आया।
MACE (Major Atmospheric Cherenkov Experiment) ज़मीन से काम करता है। यह अति-उच्च ऊर्जा वाली गामा किरणों को उस हल्के चेरेनकोव प्रकाश से पकड़ता है, जो उनकी कण-बौछारें वायुमंडल में पैदा करती हैं।
SPHEREx ने 11 मार्च 2025 को रात 8:10 बजे (PDT) उड़ान भरी, जब UTC में और भारत में 12 मार्च हो चुका था। इनमें से किसी भी तारीख वाली रिपोर्ट इसी एक लॉन्च की बात करती है।
मुख्य तथ्य
- SPHEREx 11 मार्च 2025 (UTC में 12 मार्च) को वैंडेनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस से SpaceX के Falcon 9 पर लॉन्च हुआ।
- SPHEREx का पेलोड नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) ने Caltech के साथ मिलकर विकसित किया।
- MACE लद्दाख के हनले में लगभग 4,300 मीटर पर है, और इसे BARC ने ECIL के सहयोग से स्वदेशी रूप से बनाया।
- MACE का औपचारिक उद्घाटन 4 अक्टूबर 2024 को हुआ, और यह अति-उच्च ऊर्जा वाली गामा किरणें पकड़ता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- गामा किरणों का अध्ययन करने के कारण MACE को अंतरिक्ष में मान लेना, जबकि यह ज़मीन पर लगा टेलीस्कोप है, जो वायुमंडल में उनके निशान पढ़ता है।
- SPHEREx को इसरो का या संयुक्त मिशन समझना, जबकि यह नासा का है।
यहाँ एक अंतरिक्ष प्रक्षेपण और एक भारतीय टेलीस्कोप को कथनों के रूप में जोड़ा गया है, और दोनों सही हैं। इसरो–नासा का संयुक्त NISAR मिशन 19 Jan 2026, 11:00 AM, GA Q.10 में पूछा गया है।
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