भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: कथन 1: चंद्रपुरम पोनुसामी (सी.पी.) राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 12 सितंबर 2025 को पदभार ग्रहण किया। कथन 2: राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, उपराष्ट्रपति के लिए निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों के नामित सदस्य शामिल होते हैं। उपरोक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
- (a)दोनों कथन 1 और 2 सही हैं
- (b)केवल कथन 1 सही है
- (c)न तो कथन 1 सही है और न ही कथन 2
- (d)केवल कथन 2 सही है
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A. दोनों कथन सही हैं।
कथन 1: सी. पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। शपथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई।
कथन 2: अनुच्छेद 66(1) उपराष्ट्रपति का निर्वाचक मंडल संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बनाता है, नामित सदस्य भी इसमें शामिल हैं।
अनुच्छेद 54 राष्ट्रपति चुनाव में वोट केवल संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को देता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)केवल कथन 1 सही है — यह कथन 2 को नकारता है, जो सही है। अनुच्छेद 66(1) में दोनों सदनों के सदस्यों की बात है, 'निर्वाचित' की कोई शर्त नहीं, इसलिए नामित सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं, राष्ट्रपति के चुनाव में नहीं।
- (c)न तो कथन 1 सही है और न ही कथन 2 — दोनों कथन सही हैं: 12 सितंबर 2025 की शपथ दर्ज है, और अनुच्छेद 66(1) में नामित सदस्य शामिल हैं। 'न तो कथन 1 सही है और न ही कथन 2' तभी सही होता, जब दोनों कथन गलत होते।
- (d)केवल कथन 2 सही है — यह कथन 1 को नकारता है, जो सही है। सी. पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को शपथ ली, और उपराष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट उन्हें 15वाँ उपराष्ट्रपति बताती है।
अवधारणा
दोनों अप्रत्यक्ष चुनावों में फ़र्क इस बात का है कि वोट कौन देता है।
राष्ट्रपति को संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य चुनते हैं, और इसमें दिल्ली और पुडुचेरी को राज्य गिना जाता है (अनुच्छेद 54)।
उपराष्ट्रपति को दोनों सदनों के सभी सदस्य चुनते हैं, नामित सदस्य भी, और कोई राज्य विधायक वोट नहीं देता (अनुच्छेद 66)।
यह चुनाव एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से, गुप्त मतदान से होता है।
कथन 2 का 'संसद के दोनों सदनों के नामित सदस्य' आज की संसद के हिसाब से थोड़ा ढीला है। 104वें संशोधन से बदले गए अनुच्छेद 334 के तहत लोकसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्यों का नामांकन संविधान लागू होने के सत्तर वर्ष बाद समाप्त हो गया।
अब वोट देने वाले नामित सदस्य राज्यसभा के हैं, जहाँ राष्ट्रपति बारह सदस्य नामित करते हैं। कथन जो नियम जाँचता है, कि नामित सदस्य वोट देते हैं, वह अब भी लागू है।
ग्यारहवें संशोधन (1961) से पहले उपराष्ट्रपति को दोनों सदन संयुक्त बैठक में एकत्र होकर चुनते थे।
मुख्य तथ्य
- सी. पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
- उन्हें पद की शपथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई।
- अनुच्छेद 66(1): उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बना निर्वाचक मंडल करता है।
- अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का चुनाव दोनों सदनों और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों निर्वाचक मंडलों को एक जैसा मानकर कथन 2 को नकार देना।
- उपराष्ट्रपति वाला नियम राष्ट्रपति पर लगाकर यह मान लेना कि नामित सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में भी वोट देते हैं।
यह प्रश्न करेंट अफेयर्स के एक तथ्य को अनुच्छेद के नियम से जोड़ता है।
उपराष्ट्रपति की शपथ अपने-आप में 19 Sep 2024, 09:00, GA Q.12 में पूछी गई है (शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं), और 24 Sep 2024, 09:00, GA Q.15 पूछता है कि राष्ट्रपति का चुनाव किस अनुच्छेद के तहत होता है (अनुच्छेद 54)।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।