ज्ञान भारतम मिशन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- (a)भारतीय भाषाओं को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना
- (b)भारत भर में नए पुस्तकालयों का विकास करना
- (c)शास्त्रीय ग्रंथों का आधुनिक भाषाओं में अनुवाद करना
- (d)भारत की हस्तलिखित विरासत का संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार करना
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D. यह मिशन केंद्रीय बजट 2025–26 में घोषित हुआ। बजट भाषण इसे भारत की पांडुलिपि (हस्तलिखित) विरासत के सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण का काम बताता है।
यह काम शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ होगा, और इसमें 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियाँ शामिल हैं।
भाषण के उसी पैराग्राफ़ में ज्ञान साझा करने के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों का एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार (National Digital Repository) भी जुड़ता है। संरक्षण, डिजिटलीकरण, प्रसार → विकल्प (d)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)भारतीय भाषाओं को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना — मिशन का विषय पांडुलिपियाँ हैं, विदेश में भाषाओं का प्रचार नहीं। बजट की पंक्ति पांडुलिपि विरासत के सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण की बात करती है।
- (b)भारत भर में नए पुस्तकालयों का विकास करना — पुस्तकालय साझेदार हैं, जिनका नाम संग्रहालयों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ आता है। काम मौजूदा संग्रहों की पांडुलिपियों पर है, नए पुस्तकालय भवनों पर नहीं।
- (c)शास्त्रीय ग्रंथों का आधुनिक भाषाओं में अनुवाद करना — अनुवाद घोषित उद्देश्य नहीं है। बजट की पंक्ति सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण गिनाती है, और साथ में जो मिले उसे साझा करने के लिए एक डिजिटल भंडार।
अवधारणा
भारत की पांडुलिपि विरासत शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास बिखरी हुई है। जिस पांडुलिपि की न सूची बनी हो, न संरक्षण हुआ हो, वह यूँ ही खो सकती है।
ज्ञान भारतम मिशन का लक्ष्य इन पांडुलिपियों को खोजना, दर्ज करना, संरक्षित करना और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के राष्ट्रीय डिजिटल भंडार के ज़रिए साझा करना है।
इसी क्षेत्र में एक पुरानी संस्था, राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (National Mission for Manuscripts), फ़रवरी 2003 से काम कर रही है।
हर गलत विकल्प पास का कोई विचार उधार लेता है: भाषाएँ, पुस्तकालय, अनुवाद। बजट के अपने शब्द, सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण, संरक्षण, और साथ में डिजिटल भंडार, केवल विकल्प (d) से मेल खाते हैं।
मुख्य तथ्य
- ज्ञान भारतम मिशन की घोषणा केंद्रीय बजट 2025–26 के भाषण में हुई।
- इसका उद्देश्य पांडुलिपि विरासत का सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियाँ शामिल हैं।
- उसी बजट में ज्ञान साझा करने के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों के राष्ट्रीय डिजिटल भंडार की घोषणा हुई।
- राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन फ़रवरी 2003 में शुरू हुआ, और IGNCA इसकी नोडल एजेंसी है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- नाम ज्ञान से जुड़ी योजना जैसा लगता है, इसलिए अनुवाद या भाषा-प्रचार चुन लेना। इसका विषय पांडुलिपियाँ हैं।
- ज्ञान भारतम (बजट 2025–26) को राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (2003) समझ लेना।
12 Sep 2025, 16:00, GA Q.24 बजट में घोषित एक और योजना पूछता है: मैंग्रोव से जुड़ी MISHTI योजना (बजट 2023–24) के बारे में कौन-से कथन सही हैं।
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