सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए : सूची I (तत्व) : A. फास्फोरस; B. नाइट्रोजन; C. निऑन; D. सल्फर। सूची II (परमाणुकता) : 1. 2; 2. 1; 3. 8; 4. 4। कूट :
- (a)A-4, B-1, C-2, D-3
- (b)A-4, B-2, C-1, D-3
- (c)A-3, B-2, C-1, D-4
- (d)A-3, B-1, C-2, D-4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, A-4, B-1, C-2, D-3। परमाणुकता किसी तत्व के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या है। श्वेत फॉस्फोरस P4 के रूप में रहता है (परमाणुकता 4, सूची II का मद 4), नाइट्रोजन N2 के रूप में (परमाणुकता 2, मद 1), निऑन एक एकपरमाणुक उत्कृष्ट गैस है (परमाणुकता 1, मद 2), और सल्फर S8 वलयों के रूप में रहता है (परमाणुकता 8, मद 3)। प्रत्येक तत्व को उसकी परमाणुकता से मिलाने पर A-4, B-1, C-2, D-3 प्राप्त होता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)A-4, B-2, C-1, D-3 — यह नाइट्रोजन और निऑन को आपस में बदल देता है, जिससे नाइट्रोजन एकपरमाणुक और निऑन द्विपरमाणुक हो जाता है। वास्तव में नाइट्रोजन द्विपरमाणुक है (N2) और निऑन एकपरमाणुक, इसलिए यह सुमेलन गलत है।
- (c)A-3, B-2, C-1, D-4 — यह फॉस्फोरस को परमाणुकता 8 और सल्फर को 4 देता है, अर्थात् दोनों को उलट देता है, और नाइट्रोजन तथा निऑन को भी गलत ढंग से रखता है। फॉस्फोरस P4 है (4) और सल्फर S8 (8)।
- (d)A-3, B-1, C-2, D-4 — नाइट्रोजन और निऑन तो सही सुमेलित हैं, किंतु यह फॉस्फोरस को परमाणुकता 8 और सल्फर को 4 देता है — जो उलटा है, क्योंकि P4 में 4 परमाणु हैं और S8 में 8।
अवधारणा
परमाणुकता किसी तत्व के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या है। हीलियम और निऑन जैसी उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक होती हैं (परमाणुकता 1); हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसे अधिकांश सामान्य गैसीय तत्व द्विपरमाणुक होते हैं (परमाणुकता 2); जबकि कुछ अधातुएँ बड़े अणु बनाती हैं — फॉस्फोरस P4 के रूप में और सल्फर S8 के रूप में।
प्रत्येक तत्व के लिए केवल उसका आणविक सूत्र चाहिए — P4, N2, Ne (एक ही परमाणु) और S8। सूत्र के अधोलिखित अंक को पढ़ लेने से परमाणुकता सीधे मिल जाती है। ध्यान केवल इतना रखना है कि इन मानों को सूची II से मिलाया जाए, जहाँ मद-संख्याएँ 1 से 4 केवल लेबल हैं और उन परमाणुकता-मानों के समान नहीं हैं जिनका वे प्रतिनिधित्व करती हैं।
मुख्य तथ्य
- परमाणुकता किसी तत्व के एक अणु में परमाणुओं की संख्या है।
- हीलियम, निऑन और आर्गन जैसी उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक हैं; हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और हैलोजन द्विपरमाणुक हैं।
- श्वेत फॉस्फोरस P4 के रूप में रहता है (परमाणुकता 4) और सल्फर सामान्यतः S8 वलयों के रूप में (परमाणुकता 8)।
- ओज़ोन (O3) त्रिपरमाणुक है — यह स्मरण कराता है कि परमाणुकता अणु पर निर्भर करती है, केवल तत्व पर नहीं।
प्रत्येक आणविक सूत्र पढ़ने से परमाणुकता मिल जाती है — Ne 1, N2 2, P4 4, S8 8 — अतः A-4, B-1, C-2, D-3, जो विकल्प (a) है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- परमाणुकता का अर्थ है किसी तत्व के प्रति अणु परमाणुओं की संख्या — यह संयोजकता या परमाणु क्रमांक नहीं है।
- सुमेलन वाले प्रश्न में सूची II की क्रम-संख्याएँ केवल लेबल हैं; लेबल ‘1’ को उस परमाणुकता-मान के साथ न मिला दें जिसकी ओर वह संकेत करता है।
परमाणुकता ‘कौन-सा तत्व एकपरमाणुक, द्विपरमाणुक या बहुपरमाणुक है’ के रूप में या सुमेलन प्रश्न के रूप में पूछी जाती है — आणविक सूत्र स्मरण कीजिए और परमाणुओं की संख्या पढ़ लीजिए।
संबंधित PYQ
NDA_GAT_2024_II_Q582024निम्नलिखित तत्वों में से कौन-सा बहुपरमाणुक है ?
- (a) फॉस्फोरस
- (b) सल्फर
- (c) क्लोरीन
- (d) ऐलुमिनियम
उत्तर(b) सल्फर — यह S8 अणुओं के रूप में रहता है, इसलिए इसकी परमाणुकता 8 है (बहुपरमाणुक)।
परमाणुकता की वही अवधारणा। वहाँ कार्य द्विपरमाणुक क्लोरीन और चतुष्परमाणुक फॉस्फोरस के बीच बहुपरमाणुक तत्व (सल्फर, S8) को पहचानना है; यहाँ उन्हीं परमाणुकताओं (P4, N2, Ne, S8) को उनके मानों से सुमेलित करना है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व एकपरमाणुक है ?
- (a)नाइट्रोजन
- (b)ऑक्सीजन
- (c)हीलियम
- (d)क्लोरीन
उत्तर(c) हीलियम — उत्कृष्ट गैसें एकल परमाणुओं के रूप में रहती हैं, इसलिए उनकी परमाणुकता 1 है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
सल्फर के सामान्य ठोस रूप में उसकी परमाणुकता है
- (a)1
- (b)2
- (c)4
- (d)8
उत्तर(d) 8 — सल्फर S8 वलय अणुओं के रूप में रहता है।