निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी मिश्रण नहीं है ?
- (a)कार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर
- (b)चीनी (शर्करा) और नमक (लवण) क्रिस्टलों का मिश्रण
- (c)बलुई जल
- (d)जल में सल्फर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, कार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर। सल्फर कार्बन डाइसल्फाइड में सहज ही घुलकर एक स्वच्छ, समान विलयन देता है, इसलिए यह मिश्रण समांगी है — पूरे में एक जैसा, जिसमें घटकों के बीच कोई दृश्य सीमा नहीं होती। शेष हर विकल्प में घटक भौतिक रूप से अलग और पहचानने योग्य बने रहते हैं, अतः कार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर का विलयन ही एकमात्र ऐसा है जो विषमांगी नहीं है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)चीनी (शर्करा) और नमक (लवण) क्रिस्टलों का मिश्रण — दो भिन्न ठोस अलग-अलग क्रिस्टलों के रूप में साथ-साथ पड़े रहते हैं जिन्हें आप दाना-दाना करके छाँट सकते हैं, इसलिए संघटन समान नहीं होता — यह विषमांगी मिश्रण है।
- (c)बलुई जल — बालू जल में अघुलनशील है और एक दृश्य, पृथक् प्रावस्था के रूप में बैठ जाती है या तैरती रहती है, जिससे असमान मिश्रण बनता है — यह पाठ्यपुस्तक का विषमांगी निलंबन है।
- (d)जल में सल्फर — सल्फर जल में नहीं घुलता; यह अघुले कणों के रूप में रहकर अलग प्रावस्था बनाता है, इसलिए यह मिश्रण विषमांगी है।
अवधारणा
समांगी मिश्रण, या वास्तविक विलयन, का संघटन पूरे में समान होता है और उसके कण इतने छोटे होते हैं कि घटकों के बीच कोई सीमा दिखाई नहीं देती — नमकीन जल इसका परिचित उदाहरण है। विषमांगी मिश्रण का संघटन असमान होता है और उसके अलग-अलग भाग देखे या आसानी से पृथक् किए जा सकते हैं, जैसे जल में बालू। कौन-सा प्रकार बनेगा, यह प्रायः विलेयता पर निर्भर करता है : जो विलेय किसी दिए गए विलायक में घुल जाए वह समांगी विलयन देता है, जबकि अघुलनशील विलेय विषमांगी मिश्रण देता है।
प्रश्न पूछता है कि कौन-सा मिश्रण विषमांगी नहीं है, इसलिए उत्तर वही होगा जो समांगी है। निर्णायक तथ्य विलेयता है — सल्फर जल में अघुलनशील है (विषमांगी) किंतु कार्बन डाइसल्फाइड में अत्यधिक घुलनशील (समांगी)। यह पहचानना कि सल्फर दोनों विलायकों में भिन्न व्यवहार करता है, पूरा प्रश्न यही है।
मुख्य तथ्य
- समांगी मिश्रण का संघटन पूरे में समान होता है; विषमांगी मिश्रण का नहीं।
- सल्फर कार्बन डाइसल्फाइड में सरलता से घुलनशील है किंतु जल में व्यावहारिक रूप से अघुलनशील।
- कोई मिश्रण समांगी है या विषमांगी, यह इस पर निर्भर करता है कि विलेय उस विशेष विलायक में घुलता है या नहीं।
- दो भिन्न ठोसों को मिलाने पर, जैसे चीनी और नमक के क्रिस्टल, विषमांगी मिश्रण बनता है।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ‘विषमांगी नहीं’ का अर्थ है ‘समांगी वाला ढूँढ़िए’ — नकारात्मक शब्द को गलत पढ़ने पर उत्तर उलट जाता है।
- एक ही विलेय विलायक के अनुसार समांगी या विषमांगी मिश्रण दे सकता है — कार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर बनाम जल में सल्फर।
मिश्रणों पर प्रश्न ‘कौन-सा समांगी या विषमांगी है’ या ‘कौन-सा वास्तविक विलयन है’ के रूप में पूछे जाते हैं — प्रत्येक स्थिति का निर्णय उस विलायक में विलेय की विलेयता से कीजिए।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा एक समांगी मिश्रण है ?
- (a)बालू और लोहे का बुरादा
- (b)तेल और जल
- (c)जल में घुली चीनी
- (d)जल में चॉक का चूर्ण
उत्तर(c) जल में घुली चीनी — यह बिना किसी दृश्य पृथक् प्रावस्था के समान विलयन बनाती है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
सल्फर निम्नलिखित में से किसमें सर्वाधिक घुलनशील है ?
- (a)जल
- (b)कार्बन डाइसल्फाइड
- (c)तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- (d)साधारण नमक का विलयन
उत्तर(b) कार्बन डाइसल्फाइड — सल्फर इसमें सहज ही घुलकर समांगी विलयन देता है।