निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ऊष्मा की संकल्पना को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है ?
- (a)ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण
- (b)तापांतर के कारण ऊर्जा का द्रव्यमान में और विलोमतः संपरिवर्तन
- (c)तापांतर के कारण ऊर्जा का अंतरण
- (d)तापमान के साथ किसी पदार्थ के आयतन में परिवर्तन
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, 'तापांतर के कारण ऊर्जा का अंतरण'। ऊष्मा संक्रमण में विद्यमान ऊर्जा है: यह उच्च ताप वाले पिंड से निम्न ताप वाले पिंड की ओर केवल उनके बीच के तापांतर के कारण बहती है, और दोनों के तापीय साम्य (समान ताप) पर पहुँचते ही रुक जाती है। यह वह ऊर्जा नहीं है जो किसी पिंड में 'निहित' रहती है (वह आंतरिक/तापीय ऊर्जा है), बल्कि वह ऊर्जा है जो तापांतर के कारण सीमा पार करती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण — यह सामान्य रूप से ऊर्जा-रूपांतरण की परिभाषा है (जैसे विद्युत से प्रकाश); ऊष्मा तो ऊर्जा-अंतरण का एक विशिष्ट प्रकार है, ऊर्जा का कोई भी रूपांतरण नहीं।
- (b)तापांतर के कारण ऊर्जा का द्रव्यमान में और विलोमतः संपरिवर्तन — यह द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता (E = mc^2) का वर्णन है, जो एक नाभिकीय/आपेक्षिकीय विचार है; दैनिक जीवन में ताप-प्रवणता के साथ बहने वाली ऊष्मा से इसका कोई संबंध नहीं।
- (d)तापमान के साथ किसी पदार्थ के आयतन में परिवर्तन — यह तापीय प्रसार है — वह प्रभाव जो ऊष्मा उत्पन्न कर सकती है, स्वयं ऊष्मा की परिभाषा नहीं।
अवधारणा
ऊष्मा और ताप भिन्न हैं। ऊष्मा वह ऊर्जा है जो तापांतर के कारण पिंडों के बीच अंतरित होती है; ताप यह मापता है कि कोई पिंड कितना गर्म है (उसके कणों की औसत गतिज ऊर्जा)। ऊष्मा सदैव स्वतः उच्च ताप से निम्न ताप की ओर बहती है और तापीय साम्य पर रुक जाती है। यह चालन, संवहन और विकिरण द्वारा स्थानांतरित होती है।
विकल्प जान-बूझकर 'ऊर्जा/ताप जैसे' लगने वाले बनाए गए हैं — सामान्य ऊर्जा-रूपांतरण (a), E = mc^2 (b) और तापीय प्रसार (d)। केवल (c) ऊष्मा की परिभाषक विशेषता पकड़ता है: तापांतर से संचालित ऊर्जा-अंतरण।
मुख्य तथ्य
- ऊष्मा संक्रमण में विद्यमान ऊर्जा है; यह स्वतः उच्च ताप से निम्न ताप की ओर बहती है और तापीय साम्य पर रुक जाती है।
- ताप किसी पदार्थ के कणों की औसत गतिज ऊर्जा मापता है; ऊष्मा वह ऊर्जा है जो तापांतर के कारण विनिमय होती है।
- ऊष्मा का SI मात्रक जूल (J) है; पुराना मात्रक कैलोरी है (1 cal लगभग 4.186 J)।
- ऊष्मा का स्थानांतरण तीन प्रकारों से होता है: चालन, संवहन और विकिरण।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ऊष्मा (संक्रमण में ऊर्जा) को ताप (गर्मी का माप) से भ्रमित कर देना।
- तापीय प्रसार अथवा सामान्य ऊर्जा-रूपांतरण को ऊष्मा की 'परिभाषा' कह देना।
'सर्वोत्तम परिभाषा' वाले प्रश्न के रूप में, जो ऊष्मा को ताप से अलग करता है, अथवा ऊष्मा स्थानांतरण के तीनों प्रकारों के सुमेलन के रूप में पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
ऊष्मा का SI मात्रक है
- (a)न्यूटन
- (b)जूल
- (c)पास्कल
- (d)वाट
उत्तर(b) जूल — ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है, जिसे जूल में मापा जाता है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
वह ऊष्मा-स्थानांतरण जो माध्यम के कणों की किसी गति के बिना होता है (और निर्वात से भी हो सकता है) कहलाता है
- (a)चालन
- (b)संवहन
- (c)विकिरण
- (d)विसरण
उत्तर(c) विकिरण — ऊर्जा विद्युत्-चुंबकीय तरंगों के रूप में चलती है, जिसके लिए माध्यम आवश्यक नहीं।