एक तापदीप्त विद्युत बल्ब अपने विद्युत खपत का 20% प्रकाश में रूपांतरित कर देता है, और शेष विद्युत ऊष्मा के रूप में क्षय हो जाती है । बल्ब के फिलामेंट का प्रतिरोध 200 Ω है और इसमें से 2 A धारा प्रवाहित होती है । यदि बल्ब 10 h के लिए ऑन रहता है और विद्युत प्रभार की दर ₹5/यूनिट है, तो विद्युत उत्पादन पर व्यय किए गए धन के लिए निम्नलिखित में से सही धन-राशि कौन-सी है ?
- (a)₹ 5
- (b)₹ 6
- (c)₹ 7
- (d)₹ 8
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, ₹ 8। फिलामेंट द्वारा ली गई शक्ति P = I²R = (2)² × 200 = 800 W = 0.8 kW। 10 h में प्रयुक्त ऊर्जा = 0.8 kW × 10 h = 8 kWh = 8 यूनिट। कुल लागत = 8 यूनिट × ₹5 = ₹40। इसका केवल 20% प्रकाश में जाता है, अतः प्रकाश उत्पन्न करने पर व्यय हुआ धन = ₹40 का 20% = ₹8। ध्यान दें — मूल प्रश्नपत्र के हिन्दी संस्करण में अंतिम पंक्ति 'विद्युत उत्पादन पर व्यय किए गए धन' के रूप में मुद्रित है, जबकि उसी प्रश्नपत्र का अंग्रेज़ी संस्करण 'money spent on producing light' (प्रकाश उत्पादन पर व्यय धन) कहता है और प्रश्न का पहला वाक्य भी 20% प्रकाश-रूपांतरण को ही रेखांकित करता है। यहाँ आयोग द्वारा मुद्रित पाठ ही यथावत् रखा गया है, क्योंकि परीक्षा में अभ्यर्थी को यही दिखाई दिया था; किंतु अभीष्ट अर्थ प्रकाश उत्पादन का ही है — पूरी विद्युत खपत की लागत ₹40 होती, जो विकल्पों में है ही नहीं। इससे उत्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)₹ 5 — यह तो केवल 1 यूनिट की लागत है; इसमें कुल 8 kWh ऊर्जा और 20% प्रकाश-अंश दोनों की उपेक्षा हो जाती है।
- (b)₹ 6 — P = 800 W, 8 kWh, कुल ₹40 और 20% प्रकाश-अंश (जिनसे ₹8 मिलता है) — इनसे यह मान निकलता ही नहीं।
- (c)₹ 7 — दिए गए आँकड़ों के किसी भी संयोजन से ₹7 नहीं मिलता; प्रकाश की लागत ₹40 का 20% = ₹8 है।
अवधारणा
किसी प्रतिरोधक में क्षयित विद्युत शक्ति P = I²R होती है (समकक्ष रूप में VI अथवा V²/R)। ऊर्जा = शक्ति × समय, जिसका बिल किलोवाट-घंटे में बनता है (1 यूनिट = 1 kWh)। लागत = ऊर्जा (यूनिट में) × दर। यहाँ एक अतिरिक्त चरण ऊर्जा को बाँट देता है: केवल 20% प्रकाश बनता है और शेष 80% ऊष्मा के रूप में व्यर्थ जाता है, अतः 'प्रकाश' की लागत कुल बिल का 20% होती है।
चरणों को शृंखला में जोड़िए: शक्ति (I²R) -> kWh में ऊर्जा (× समय) -> कुल लागत (× दर) -> प्रकाश का अंश (× 20%)। मात्रकों पर ध्यान दीजिए: 800 W = 0.8 kW, अतः 10 घंटे में ठीक 8 kWh मिलता है। 20%/80% का विभाजन ही वह मोड़ है जो 'प्रकाश पर व्यय धन' को पूरे बिल से अलग करता है।
मुख्य तथ्य
- प्रतिरोधक में शक्ति: P = I²R = 2² × 200 = 800 W = 0.8 kW।
- ऊर्जा = P × t = 0.8 kW × 10 h = 8 kWh (8 यूनिट)।
- विद्युत की 1 यूनिट = 1 kWh; कुल लागत = 8 × ₹5 = ₹40।
- केवल 20% प्रकाश में रूपांतरित होता है -> 0.20 × ₹40 = ₹8।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- घंटों से गुणा करने से पहले वाट को किलोवाट में बदलना भूल जाना (800 W = 0.8 kW)।
- विशेष रूप से प्रकाश पर व्यय 20% के बजाय पूरा बिल (₹40) लिख देना।
संख्यात्मक प्रश्न के रूप में: I, R, समय और दर से शक्ति/ऊर्जा/लागत निकालिए, कभी-कभी किसी दक्षता-अंश के साथ।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
एक विद्युत हीटर 220 V पर 2 घंटे तक 5 A धारा लेता है। खपत हुई ऊर्जा है
- (a)1.1 kWh
- (b)2.2 kWh
- (c)4.4 kWh
- (d)11 kWh
उत्तर(b) 2.2 kWh — P = 220 × 5 = 1100 W = 1.1 kW; ऊर्जा = 1.1 × 2। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक 'यूनिट' बराबर है
- (a)1 वाट के
- (b)1 जूल के
- (c)1 किलोवाट-घंटे के
- (d)1 वोल्ट के
उत्तर(c) 1 किलोवाट-घंटे के — 1 यूनिट = 1 kWh।