निम्नलिखित में से किसका उपयोग सामान्यतः पेन्ट में ‘प्रति-त्वचन कर्मक (एन्टी-स्किनिंग एजेंट)’ के रूप में किया जाता है ?
- (a)जिलेटिन
- (b)एन-मेथिल पिरोलीडोन
- (c)पिरीडीन
- (d)पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल। 'त्वचन' (स्किनिंग) वह कठोर परत है जो आंशिक रूप से प्रयुक्त डिब्बे में रखे तैल/एल्किड पेन्ट पर इसलिए बन जाती है क्योंकि वायु के संपर्क वाली सतह पर शुष्कन तेल का ऑक्सीकरण होने लगता है। पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल प्रति-ऑक्सीकारक हैं: भंडारण के दौरान वे इस सतही ऑक्सीकरण को रोक देते हैं, और वाष्पशील होने के कारण पेन्ट लगाते समय उड़ जाते हैं, जिससे परत सामान्य रूप से सूख जाती है। इसी कारण फीनॉलीय प्रति-ऑक्सीकारक मानक प्रति-त्वचन कर्मक है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)जिलेटिन — जिलेटिन एक प्रोटीन है जिसका उपयोग रक्षी कोलॉइड, गाढ़ा करने वाले पदार्थ अथवा पायस-स्थायीकारक के रूप में होता है — यह प्रति-ऑक्सीकारक की तरह काम नहीं करता, अतः पेन्ट के ऑक्सीकारी त्वचन को रोक नहीं सकता।
- (b)एन-मेथिल पिरोलीडोन — एन-मेथिल पिरोलीडोन (NMP) एक प्रबल ध्रुवीय विलायक तथा पेन्ट उतारने वाला पदार्थ है, प्रति-ऑक्सीकारक नहीं; यह परत बनने से रोकने के बजाय लेप को घोल देता है।
- (c)पिरीडीन — पिरीडीन एक क्षारकीय, दुर्गंधयुक्त कार्बनिक विलायक तथा अभिकर्मक है। इसका उपयोग विलायक/क्षारक के रूप में होता है, पेन्ट में प्रति-त्वचन प्रति-ऑक्सीकारक के रूप में नहीं।
अवधारणा
तैल-आधारित (एल्किड) पेन्ट बंधक में उपस्थित शुष्कन तेल के ऑक्सीकारी बहुलकीकरण से सूखते हैं। भंडारण के दौरान यही ऑक्सीकरण पेन्ट-वायु अंतरापृष्ठ पर आरंभ हो जाता है और एक अवांछित 'त्वचा' बना देता है। प्रति-त्वचन कर्मक वाष्पशील प्रति-ऑक्सीकारक होते हैं — फीनॉलीय यौगिक (जैसे पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल) तथा कीटॉक्सिम — जो डिब्बे के भीतर इस ऑक्सीकरण को रोक देते हैं।
जाल यह है कि NMP और पिरीडीन वास्तव में पेन्ट उद्योग के विलायक हैं, इसलिए वे 'सही लगते' हैं। किंतु प्रति-त्वचन कर्मक का काम प्रति-ऑक्सीकारक का है, विलायक का नहीं — ऐसा पदार्थ चाहिए जो ऑक्सीकरण रोके और फिर चला जाए। फीनॉलीय प्रति-ऑक्सीकारक ठीक यही करते हैं, और लगाते समय वे खर्च हो जाते हैं या उड़ जाते हैं, जिससे परत फिर भी जम सके।
मुख्य तथ्य
- प्रति-त्वचन कर्मक प्रति-ऑक्सीकारक होते हैं जो भंडारण के दौरान तैल/एल्किड पेन्ट पर परत बनने से रोकते हैं।
- पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल (जैसे हाइड्रोक्विनोन, कैटेकॉल) तथा ऑक्सिम (जैसे मेथिल एथिल कीटॉक्सिम) सामान्य प्रति-त्वचन कर्मक हैं।
- ये वाष्पशील होते हैं — पेन्ट लगाते ही उड़ जाते हैं, जिससे परत फिर भी सूख जाती है।
- एन-मेथिल पिरोलीडोन और पिरीडीन विलायक हैं; जिलेटिन एक कोलॉइड/गाढ़ा करने वाला पदार्थ है।
फीनॉलीय प्रति-ऑक्सीकारक डिब्बे में त्वचन रोकता है और फिर वाष्पित हो जाता है, जिससे लगाई गई परत जम सके।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- NMP या पिरीडीन इसलिए चुन लेना कि वे सुपरिचित पेन्ट विलायक हैं — प्रति-त्वचन कर्मक को प्रति-ऑक्सीकारक होना चाहिए।
- प्रति-त्वचन कर्मक (डिब्बे में ऑक्सीकरण को टालता है) को शुष्कक/सिकेटिव (परत के ऑक्सीकारी जमाव को तेज़ करता है) से भ्रमित कर देना।
योजक-कार्य के मिलान के रूप में पूछा जाता है — 'कौन प्रति-त्वचन कर्मक / प्रति-ऑक्सीकारक / शुष्कक का काम करता है'।
संबंधित PYQ
आहार में ताजे फलों और सब्जियों के नियमित सेवन की संस्तुति की जाती है, क्योंकि वे प्रति-ऑक्सीकारकों के अच्छे स्रोत हैं। प्रति-ऑक्सीकारक किस प्रकार किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य बनाए रखने और दीर्घायु होने में सहायता करते हैं ?
- (a) वे शरीर में विटामिन-संश्लेषण के लिए आवश्यक एंजाइमों को सक्रिय करते हैं और विटामिन की कमी रोकने में सहायक होते हैं
- (b) वे शरीर में कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के अत्यधिक ऑक्सीकरण को रोकते हैं और ऊर्जा के अनावश्यक ह्रास से बचाते हैं
- (c) वे उपापचय के दौरान शरीर में उत्पन्न मुक्त मूलकों को उदासीन कर देते हैं
- (d) वे शरीर की कोशिकाओं में कुछ जीनों को सक्रिय करते हैं और वृद्धावस्था की प्रक्रिया को विलंबित करने में सहायक होते हैं
उत्तर(c) वे उपापचय के दौरान शरीर में उत्पन्न मुक्त मूलकों को उदासीन कर देते हैं
वही मूल विचार — प्रति-ऑक्सीकारक कैसे काम करता है। UPSC ने इसे आहार/स्वास्थ्य के संदर्भ में पूछा (प्रति-ऑक्सीकारक मुक्त मूलकों को उदासीन करते हैं), और ठीक यही गुण पॉलीहाइड्रॉक्सी फीनॉल को प्रति-त्वचन कर्मक बनाता है, क्योंकि वह उस ऑक्सीकरण को रोक देता है जो अन्यथा पेन्ट पर परत बना देता।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
तैल-आधारित पेन्ट में शुष्कक (सिकेटिव) मुख्यतः किसलिए मिलाए जाते हैं ?
- (a)सूखने की क्रिया धीमी करने के लिए
- (b)परत के ऑक्सीकारी शुष्कन को तेज़ करने के लिए
- (c)वर्णक को घोलने के लिए
- (d)डिब्बे में त्वचन रोकने के लिए
उत्तर(b) परत के ऑक्सीकारी शुष्कन को तेज़ करने के लिए — शुष्कक प्रति-त्वचन कर्मक से ठीक उल्टा काम करते हैं। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
प्रति-ऑक्सीकारक किस प्रकार कार्य करता है ?
- (a)ऑक्सीजन प्रदान करके
- (b)मुक्त मूलकों को उदासीन करके / ऑक्सीकरण को संदमित करके
- (c)अम्लीयता बढ़ाकर
- (d)जल अवशोषित करके
उत्तर(b) मुक्त मूलकों को उदासीन करके / ऑक्सीकरण को संदमित करके — यही वह गुण है जिससे फीनॉलीय प्रति-ऑक्सीकारक त्वचन रोक पाता है।