N₂ गैस के 0.5 ग्राम-अणु (मोल) का द्रव्यमान क्या है ?
- (a)7 g
- (b)14 g
- (c)21 g
- (d)28 g
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, 14 g। द्रव्यमान = मोलों की संख्या x मोलर द्रव्यमान। नाइट्रोजन अणु N2 में दो नाइट्रोजन परमाणु होते हैं, अतः उसका मोलर द्रव्यमान 2 x 14 = 28 g/mol है। इसलिए 0.5 मोल का द्रव्यमान 0.5 x 28 = 14 g होगा।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)7 g — इसमें N2 के आण्विक द्रव्यमान (28) के स्थान पर नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान (14) ले लिया गया है: 0.5 x 14 = 7 g। किंतु यह गैस द्विपरमाणुक है, अतः मोलर द्रव्यमान 28 है, 14 नहीं।
- (c)21 g — 21 g तो N2 के 0.75 मोल का द्रव्यमान होगा (0.75 x 28), 0.5 मोल का नहीं — यह दी गई मात्रा से मेल नहीं खाता।
- (d)28 g — 28 g N2 के पूरे एक मोल का द्रव्यमान है, जबकि प्रश्न में केवल आधा मोल पूछा गया है।
अवधारणा
मोल, मोलर द्रव्यमान के माध्यम से कणों की संख्या को मापने योग्य द्रव्यमान से जोड़ता है। किसी भी पदार्थ के लिए, द्रव्यमान (ग्राम में) = मोलों की संख्या x मोलर द्रव्यमान (g/mol में)। नाइट्रोजन गैस द्विपरमाणुक है, अतः N2 के एक मोल का द्रव्यमान 28 g होता है (14-14 के दो नाइट्रोजन परमाणु)।
क्लासिक जाल यह है कि आण्विक द्रव्यमान (28) के स्थान पर परमाणु द्रव्यमान (14) प्रयोग कर लिया जाए, जिससे गलत उत्तर 7 g मिलता है। दूसरा गलत उत्तर 28 g पूरे एक मोल का द्रव्यमान है। N2 की द्विपरमाणुक प्रकृति ध्यान में रखिए और बस 28 का आधा कर दीजिए।
मुख्य तथ्य
- द्रव्यमान (g) = मोलों की संख्या x मोलर द्रव्यमान (g/mol)।
- N2 का मोलर द्रव्यमान = 28 g/mol (नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 14 x 2)।
- N2 का 0.5 मोल = 0.5 x 28 = 14 g।
- किसी भी पदार्थ के एक मोल में 6.022 x 10^23 कण होते हैं (आवोगाद्रो संख्या)।
परमाणु द्रव्यमान (14) नहीं, आण्विक द्रव्यमान (28) प्रयोग कीजिए — आधा मोल 14 g होता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आण्विक द्रव्यमान 28 के स्थान पर परमाणु द्रव्यमान 14 प्रयोग कर लेना (जिससे गलत उत्तर 7 g मिलता है)।
- आधा मोल पूछे जाने पर एक मोल का द्रव्यमान (28 g) दे देना।
'किसी गैस/यौगिक के X मोल का द्रव्यमान' के रूप में, अथवा उल्टे क्रम में 'X ग्राम में अणुओं की संख्या' के रूप में पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
हाइड्रोकार्बनों के आण्विक भार के बढ़ते क्रम में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुक्रम सही है ?
- (a) मेथेन, एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन
- (b) प्रोपेन, ब्यूटेन, एथेन और मेथेन
- (c) ब्यूटेन, एथेन, प्रोपेन और मेथेन
- (d) ब्यूटेन, प्रोपेन, एथेन और मेथेन
उत्तर(a) मेथेन, एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन
वही अंतर्निहित विचार — मोलर (आण्विक) द्रव्यमान। वहाँ ऐल्केनों को आण्विक भार के क्रम में लगाना है; यहाँ N2 के 0.5 मोल को उसके मोलर द्रव्यमान की सहायता से ग्राम में बदलना है, अतः दोनों ही इस बात पर अंक देते हैं कि परमाणु द्रव्यमानों से मोलर द्रव्यमान कैसे बनता है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
44 g CO2 में उपस्थित मोलों की संख्या है : (CO2 का मोलर द्रव्यमान = 44 g/mol)
- (a)0.5
- (b)1
- (c)2
- (d)44
उत्तर(b) 1 — मोल = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान = 44 / 44 = 1 मोल। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
जल (H2O) के 2 मोल का द्रव्यमान है : (मोलर द्रव्यमान = 18 g/mol)
- (a)9 g
- (b)18 g
- (c)36 g
- (d)54 g
उत्तर(c) 36 g — द्रव्यमान = 2 x 18 = 36 g।