निम्नलिखित में से कौन-से दो कोशिका अंगकों का अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है ?
- (a)अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम) और लवक (प्लैस्टिड)
- (b)अंतर्द्रव्यी जालिका और सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया)
- (c)सूत्रकणिका और लवक
- (d)लयनकाय (लाइसोसोम) और गॉल्जी उपकरण
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, सूत्रकणिका और लवक। यूकैरियोटी कोशिका में केवल यही दो अंगक ऐसे हैं जिनके पास अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है — एक छोटा वृत्ताकार DNA अणु तथा अपने राइबोसोम — जिनके बल पर वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं और केंद्रक से स्वतंत्र रूप से विभाजित हो सकते हैं। यही अर्ध-स्वायत्तता अंतःसहजीवन सिद्धांत की आधारशिला है (माना जाता है कि ये दोनों कभी स्वतंत्र रूप से जीने वाले जीवाणुओं से उत्पन्न हुए हैं)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम) और लवक (प्लैस्टिड) — लवक में DNA अवश्य होता है, किंतु अंतर्द्रव्यी जालिका में नहीं — यह संश्लेषण और परिवहन के लिए बना झिल्ली-जाल है जिसका अपना कोई जीनोम नहीं होता। अतः यह युग्म गलत है।
- (b)अंतर्द्रव्यी जालिका और सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) — सूत्रकणिका में DNA होता है, किंतु अंतर्द्रव्यी जालिका में कोई DNA नहीं होता। युग्म का एक सदस्य सही और दूसरा गलत होने से पूरा युग्म गलत हो जाता है।
- (d)लयनकाय (लाइसोसोम) और गॉल्जी उपकरण — न लयनकाय में DNA होता है और न गॉल्जी उपकरण में — दोनों ही अंतःझिल्ली तंत्र से बने एकल-झिल्ली वाले अंगक हैं, जिनका अपना कोई जीनोम नहीं होता।
अवधारणा
यूकैरियोटी कोशिका का अधिकांश DNA केंद्रक में रहता है, किंतु सूत्रकणिका और लवक (पादपों में हरितलवक) के पास इसके अतिरिक्त अपना छोटा वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम भी होते हैं। इसी कारण इन्हें 'अर्ध-स्वायत्त' अंगक कहा जाता है — ये कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकते हैं और स्वयं का प्रतिकृतिकरण भी कर सकते हैं।
निराकरण से हल कीजिए: DNA केवल सूत्रकणिका और लवक में होता है, इसलिए जो भी विकल्प इन्हें अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी या लयनकाय के साथ जोड़ता है, वह गलत ही होगा। (c) के अतिरिक्त प्रत्येक विकल्प में कम-से-कम एक DNA-रहित अंगक है। यह प्रश्न अंतःसहजीवन सिद्धांत से जुड़ता है — जो एक प्रिय अनुवर्ती प्रश्न है।
मुख्य तथ्य
- सूत्रकणिका और हरितलवक (लवक) में अपना वृत्ताकार DNA तथा 70S राइबोसोम होते हैं।
- यही अर्ध-स्वायत्तता अंतःसहजीवन सिद्धांत (लिन मार्गुलिस) का आधार है — दोनों निगले गए प्रोकैरियोटों से विकसित हुए।
- अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी उपकरण और लयनकाय में अपना कोई DNA नहीं होता।
- मनुष्यों में सूत्रकणिका का DNA मातृ-वंशानुगत होता है।
केवल सूत्रकणिका और लवक 'अर्ध-स्वायत्त' हैं — अतः सही युग्म (c) है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि DNA 'केवल' केंद्रक में होता है — सूत्रकणिका और लवक में भी DNA होता है।
- DNA-युक्त किसी अंगक को अंतर्द्रव्यी जालिका/गॉल्जी/लयनकाय के साथ जोड़कर उसे सही मान लेना।
सीधे पूछा जाता है ('केंद्रक के अतिरिक्त किस अंगक में DNA होता है') अथवा अंतःसहजीवन सिद्धांत पर आधारित तर्क-प्रश्न के रूप में।
संबंधित PYQ
केंद्रक के अतिरिक्त, कोशिका के किस अंगक में DNA होता है ?
- (a) तारककाय (सेंट्रिओल)
- (b) गॉल्जी उपकरण
- (c) लयनकाय (लाइसोसोम)
- (d) सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया)
उत्तर(d) सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया)
वही संकल्पना — केंद्रक के अतिरिक्त किस अंगक में DNA होता है। UPSC का उत्तर सूत्रकणिका है; NDA का यह प्रश्न इसे DNA-युक्त पूरे युग्म (सूत्रकणिका + लवक) तक विस्तारित कर देता है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
सूत्रकणिका और हरितलवक में अपने DNA की उपस्थिति किस सिद्धांत का मुख्य प्रमाण है ?
- (a)कोशिका सिद्धांत
- (b)अंतःसहजीवन सिद्धांत
- (c)जीवाणु सिद्धांत (जर्म थ्योरी)
- (d)तरल-मोज़ेक मॉडल
उत्तर(b) अंतःसहजीवन सिद्धांत — माना जाता है कि दोनों अंगक कभी स्वतंत्र रूप से जीने वाले जीवाणुओं से उत्पन्न हुए हैं। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
मनुष्यों में सूत्रकणिका का DNA वंशागत होता है
- (a)केवल पिता से
- (b)केवल माता से
- (c)दोनों जनकों से समान रूप से
- (d)किसी भी जनक से नहीं
उत्तर(b) केवल माता से — सूत्रकणिकाएँ अंड-कोशिका के माध्यम से मातृ-वंशानुगत होती हैं।