लयनकाय (लाइसोसोम) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)वे कोशिका का अपशिष्ट निपटान तंत्र हैं
- (b)वे सभी अकार्बनिक पदार्थों का विघटन करते हैं
- (c)इन्हें “आत्मघाती थैली (सुसाइडल बैग)” भी कहा जाता है
- (d)लयनकाय बाहरी पदार्थों के प्रवेश को रोकते हैं
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, 'वे सभी अकार्बनिक पदार्थों का विघटन करते हैं'। यही असत्य कथन है (और प्रश्न यही पूछ रहा है कि कौन-सा कथन सही नहीं है)। लयनकाय झिल्ली-आबद्ध थैलियाँ हैं जिनमें अम्लीय जल-अपघटनी (एसिड हाइड्रोलेज़) एंजाइम भरे रहते हैं और जो अंतःकोशिकीय पाचन के दौरान कार्बनिक/जैविक पदार्थ — जीर्ण अंगक, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और न्यूक्लिक अम्ल — का पाचन करते हैं। वे 'अकार्बनिक पदार्थों' का विघटन नहीं करते, 'सभी' का तो बिलकुल नहीं; इसलिए विकल्प (b) असत्य है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)वे कोशिका का अपशिष्ट निपटान तंत्र हैं — यह एक सही कथन है, अतः यह उत्तर नहीं है। लयनकाय कोशिकीय मलबे को हटाते हैं तथा जीर्ण या क्षतिग्रस्त अंगकों का पाचन (स्वभक्षण/ऑटोफैगी) करते हैं — इसी कारण इन्हें 'कोशिका का अपशिष्ट-निपटान / सफ़ाई तंत्र' कहा जाता है।
- (c)इन्हें “आत्मघाती थैली (सुसाइडल बैग)” भी कहा जाता है — यह एक सही कथन है। जब कोशिका क्षतिग्रस्त होती है या वृद्ध हो जाती है, तब उसके लयनकाय फट सकते हैं और उनके एंजाइम स्वयं कोशिका की ही अंतर्वस्तु का पाचन कर देते हैं (स्वपाचन/ऑटोलिसिस) — इसीलिए लयनकायों को 'आत्मघाती थैली' कहा जाता है (यह नाम इनके खोजकर्ता क्रिश्चियन डी डुवे का दिया हुआ है)।
- (d)लयनकाय बाहरी पदार्थों के प्रवेश को रोकते हैं — यहाँ इसे सही/स्वीकार्य कथन माना गया है: लयनकाय भक्षकाणुओं (फैगोसोम) से जुड़कर कोशिका में प्रविष्ट बाहरी कणों (जीवाणु, विषाणु) का पाचन कर देते हैं और इस प्रकार एक रक्षात्मक सफ़ाई-तंत्र की भाँति कार्य करते हैं। इसकी शब्दावली ढीली अवश्य है, किंतु स्पष्ट रूप से असत्य कथन (b) है, अतः (d) अभीष्ट उत्तर नहीं है।
अवधारणा
लयनकाय एकल-झिल्ली वाले अंगक हैं जो मुख्यतः जंतु कोशिकाओं में पाए जाते हैं। इनका निर्माण गॉल्जी उपकरण द्वारा होता है और इनमें लगभग 40 अम्लीय पाचक एंजाइम (एसिड हाइड्रोलेज़) भरे रहते हैं जो लगभग pH 5 पर सर्वोत्तम कार्य करते हैं। इनका कार्य अंतःकोशिकीय पाचन है — जीर्ण अंगकों, वृहद्-अणुओं और निगले गए बाहरी पदार्थ को तोड़कर पुनः प्रयोग योग्य इकाइयों में बदलना।
'सही नहीं है' प्रकार का प्रश्न उस एक अतिरंजित दावे को पहचानने पर अंक देता है। तीन विकल्प लयनकाय की वास्तविक भूमिकाएँ बताते हैं (अपशिष्ट निपटान, स्वपाचन यानी 'आत्मघाती थैली', बाहरी पदार्थ का पाचन)। केवल (b) में तथ्यात्मक भूल है — 'कार्बनिक/जैविक' के स्थान पर 'अकार्बनिक' रख देना, और साथ में निर्णायक संकेत देने वाला निरपेक्ष शब्द 'सभी'। 'सभी' जैसे व्यापक शब्द एक क्लासिक जाल-संकेत हैं।
मुख्य तथ्य
- लयनकायों में एसिड हाइड्रोलेज़ एंजाइम होते हैं जो कार्बनिक वृहद्-अणुओं (प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, न्यूक्लिक अम्ल) का पाचन करते हैं।
- इन्हें 'आत्मघाती थैली' इसलिए कहते हैं क्योंकि क्षति या मृत्यु की स्थिति में इनके एंजाइम स्वयं कोशिका का ही पाचन (ऑटोलिसिस) कर सकते हैं।
- खोज क्रिश्चियन डी डुवे ने की (नोबेल पुरस्कार 1974); ये गॉल्जी उपकरण से मुकुलित होकर बनते हैं।
- ये कोशिका का 'अपशिष्ट-निपटान तंत्र' हैं — स्वभक्षण (ऑटोफैगी) द्वारा जीर्ण अंगकों को और परभक्षण (हेटरोफैगी) द्वारा बाहरी पदार्थ को हटाते हैं।
केवल 'अकार्बनिक पदार्थ' वाला दावा असत्य है — अतः जो कथन सही नहीं है वह (b) है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'सभी' / 'हमेशा' जैसे निरपेक्ष शब्द प्रायः 'सही नहीं है' प्रकार के प्रश्न में असत्य विकल्प का संकेत देते हैं।
- लयनकाय (पाचन) को राइबोसोम (प्रोटीन संश्लेषण) या सूत्रकणिका (ऊर्जा) से भ्रमित कर देना।
कोशिकांग 'कौन-सा कार्य किस अंगक का है' के रूप में या 'कौन-सा कथन सही नहीं है' के रूप में पूछे जाते हैं — प्रत्येक अंगक की एक-पंक्ति भूमिका याद रखें।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
लयनकायों को कोशिका की 'आत्मघाती थैली' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे
- (a)आनुवंशिक पदार्थ का संग्रहण करते हैं
- (b)क्षति होने पर स्वयं कोशिका की अंतर्वस्तु का पाचन कर सकते हैं
- (c)प्रकाश-संश्लेषण करते हैं
- (d)प्रोटीन का संश्लेषण करते हैं
उत्तर(b) क्षति होने पर स्वयं कोशिका की अंतर्वस्तु का पाचन कर सकते हैं — इनके एंजाइम ऑटोलिसिस कर देते हैं, इसीलिए 'आत्मघाती थैली'। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
लयनकाय के पाचक एंजाइमों का सर्वोत्तम वर्णन है
- (a)एसिड हाइड्रोलेज़
- (b)ऑक्सिडेज़
- (c)पॉलिमरेज़
- (d)लाइगेज़
उत्तर(a) एसिड हाइड्रोलेज़ — ये लयनकाय के अम्लीय (लगभग pH 5) आंतरिक भाग में कार्य करते हैं।