20 m ऊँचे भवन के शिखर से एक पत्थर 12 m/s की चाल से क्षैतिज रूप से फेंका जाता है । यह भवन से R दूरी पर भूमितल से टकराता है । g = 10 m/s² लेते हुए और वायु प्रतिरोध की उपेक्षा करते हुए, कौन-सा मान प्राप्त होगा ?
- (a)R = 12 m
- (b)R = 18 m
- (c)R = 24 m
- (d)R = 30 m
उत्तर
क्यों
सही — C, R = 24 m। क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर गतियाँ एक-दूसरे से स्वतंत्र होती हैं। ऊर्ध्वाधर दिशा में पत्थर की प्रारंभिक अधोमुखी चाल शून्य होती है और यह गुरुत्व के अधीन 20 m ऊँचाई तक गिरता है: 20 = ½ × 10 × t², जिससे t² = 4, अतः t = 2 s प्राप्त होता है।
क्षैतिज दिशा में कोई त्वरण नहीं होता, इसलिए पत्थर अपनी प्रक्षेपण चाल 12 m/s बनाए रखता है। क्षैतिज दूरी R = चाल × समय = 12 × 2 = 24 m होती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)R = 12 m — यह केवल प्रक्षेपण चाल (12 m/s) को दूरी के रूप में पढ़ लेना है, या 1 सेकंड के गिरने पर मिलने वाला परिसर है। पत्थर 2 s तक हवा में रहता है, इसलिए R = 12 × 2 = 24 m होता है, 12 m नहीं।
- (b)R = 18 m — यह दिए गए मानों से नहीं निकलता; इसके लिए उड़ान समय 1.5 s होना चाहिए था, जबकि g = 10 m/s² के अधीन 20 m गिरने में 2 s लगता है, जिससे 24 m प्राप्त होता है।
- (d)R = 30 m — यह उड़ान समय को बढ़ाकर 2.5 s मान लेता है। 20 = ½ × 10 × t² से सही समय 2 s आता है, अतः R = 24 m होता है।
अवधारणा
प्रक्षेप्य गति (projectile motion) में क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर गतियाँ एक-दूसरे से स्वतंत्र होती हैं। क्षैतिज रूप से फेंका गया पिंड स्थिर क्षैतिज वेग बनाए रखता है, जबकि वह गुरुत्व के अधीन नीचे की ओर त्वरित होता है। हवा में रहने का समय केवल गिरने की ऊँचाई से तय होता है; क्षैतिज परिसर उसी समय को प्रक्षेपण चाल से गुणा करने पर मिलता है।
इसे दो चरणों में हल कीजिए: पहले h = ½gt² से गिरने का समय निकालिए (क्षैतिज चाल इस बात को प्रभावित नहीं करती कि वह कितनी देर गिरता है), फिर परिसर R = uₓ × t निकालिए। ऊँचाई समय तय करती है; क्षैतिज चाल दूरी तय करती है।
मुख्य तथ्य
- क्षैतिज प्रक्षेपण के लिए, उड़ान का समय केवल ऊँचाई पर निर्भर करता है: t = √(2h/g)।
- यहाँ t = √(2 × 20 / 10) = √4 = 2 s।
- क्षैतिज वेग 12 m/s पर स्थिर रहता है (कोई क्षैतिज बल नहीं है)।
- परिसर R = क्षैतिज चाल × समय = 12 × 2 = 24 m।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह सोचना कि तेज़ क्षैतिज फेंक अधिक समय तक हवा में रहती है — उड़ान का समय केवल ऊँचाई पर निर्भर करता है।
- गलत g का प्रयोग करना, या h = ½gt² में समय का वर्ग करना भूल जाना।
किसी पिंड को ज्ञात ऊँचाई से ज्ञात चाल पर क्षैतिज रूप से फेंका जाता है और यह पूछा जाता है कि वह कहाँ गिरता है — पहले ऊँचाई से गिरने का समय निकालिए, फिर उसे क्षैतिज चाल से गुणा कीजिए।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक गेंद 5 m ऊँची मेज़ से 15 m/s की चाल से क्षैतिज रूप से फेंकी जाती है (g = 10 m/s²) । यह मेज़ के आधार से कितनी दूरी पर गिरती है ?
- (a)7.5 m
- (b)15 m
- (c)10 m
- (d)22.5 m
उत्तर(b) 15 m — गिरने का समय t = √(2 × 5 / 10) = 1 s, अतः R = 15 × 1 = 15 m। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दो पत्थर समान ऊँचाई से क्षैतिज रूप से फेंके जाते हैं, एक 10 m/s की चाल से और दूसरा 20 m/s की चाल से । वे भूमि पर पहुँचते हैं :
- (a)एक ही समय पर
- (b)तेज़ वाला पहले
- (c)धीमा वाला पहले
- (d)निर्णय नहीं किया जा सकता
उत्तर(a) एक ही समय पर — उड़ान का समय केवल गिरने की ऊँचाई पर निर्भर करता है, क्षैतिज चाल पर नहीं।