MS-DOS निम्नलिखित में से किस प्रकार के यूजर इंटरफेस वाला एक ऑपरेटिंग सिस्टम है ?
- (a)ग्राफिकल यूजर इंटरफेस
- (b)स्पर्श-आधारित यूजर इंटरफेस
- (c)कमांड-आधारित इंटरफेस
- (d)आवाज (ध्वनि) आधारित इंटरफेस
सही उत्तर — (c) कमांड-आधारित इंटरफेस। MS-DOS (Microsoft Disk Operating System, 1981 से) में न कोई विंडो है, न आइकन और न ही माउस पॉइंटर। उपयोगकर्ता C:\> जैसे प्रॉम्प्ट पर निर्देश टाइप करता है — DIR, COPY, DEL, CD, FORMAT — और कमांड इंटरप्रेटर COMMAND.COM उन्हें क्रियान्वित करता है। यह एकल-उपयोगकर्ता, एकल-कार्य (single-tasking) कमांड-लाइन (CLI) ऑपरेटिंग सिस्टम है; ग्राफिकल डेस्कटॉप बाद में आया, जब Windows इसी के ऊपर चलता था।
- (a)ग्राफिकल यूजर इंटरफेस — GUI का अर्थ है विंडो, आइकन, मेन्यू और एक पॉइंटर — यह Windows, macOS या Linux डेस्कटॉप का वर्णन करता है। शुरुआती Windows संस्करण वास्तव में MS-DOS के ऊपर ही चलते थे, ठीक इसलिए ताकि वह ग्राफिकल परत मिल सके जो DOS में नहीं थी।
- (b)स्पर्श-आधारित यूजर इंटरफेस — स्पर्श-आधारित इंटरफेस 2000 के दशक के अंत से स्मार्टफोन व टैबलेट (Android, iOS) से संबंधित हैं; MS-DOS इनसे दशकों पहले का है और इसमें स्पर्श समर्थन नहीं था।
- (d)आवाज (ध्वनि) आधारित इंटरफेस — ध्वनि इंटरफेस आधुनिक वाक् पहचान (voice assistants) पर निर्भर करते हैं। MS-DOS केवल कीबोर्ड पर टाइप किए गए कमांड स्वीकार करता था।
यूजर इंटरफेस वह तरीका है जिससे कोई व्यक्ति किसी मशीन को निर्देश देता है, और सामान्यतः चार परिवार गिनाए जाते हैं: कमांड-लाइन (सटीक कमांड टाइप करना — MS-DOS, UNIX/Linux शेल, Windows cmd व PowerShell), ग्राफिकल (विंडो, आइकन, मेन्यू, पॉइंटर — Windows, macOS, GNOME), स्पर्श (Android, iOS) और ध्वनि (वाक् सहायक)। CLI सटीक वाक्य-रचना (syntax) की माँग करता है और शुरुआती लोगों के लिए कठोर है, लेकिन यह तेज़, स्क्रिप्ट-योग्य और हार्डवेयर पर बहुत हल्का है — इसीलिए ग्राफिकल सिस्टमों पर भी कमांड लाइन कभी गायब नहीं हुई।
लुभावना विकल्प (a) है, क्योंकि लोगों को याद है कि Windows 95/98 एक DOS आधार पर चलता था और वे मानसिक रूप से दोनों को मिला देते हैं। दोनों को अलग रखें: MS-DOS केवल-टेक्स्ट आधार है, Windows उसके ऊपर जोड़ी गई ग्राफिकल परत है। नाम स्वयं संकेत है — 1981 का एक 'डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम', जब पर्सनल कंप्यूटर के लिए मानक इंटरफेस एक टिमटिमाता प्रॉम्प्ट होता था।
- MS-DOS = Microsoft Disk Operating System; यह 1981 में पहले IBM PC के साथ (PC DOS के रूप में) आया और 16-बिट, एकल-उपयोगकर्ता व एकल-कार्य वाला है
- इंटरैक्शन एक प्रॉम्प्ट पर टाइप किए गए कमांड (DIR, COPY, DEL, CD, FORMAT) से होता है; COMMAND.COM कमांड इंटरप्रेटर है
- MS-DOS का उद्गम 86-DOS ('QDOS') से हुआ, जिसे सिएटल कंप्यूटर प्रोडक्ट्स के टिम पैटरसन ने लिखा और माइक्रोसॉफ्ट ने खरीदा
- GUI का अर्थ है विंडो, आइकन, मेन्यू और पॉइंटर; Windows ने वह परत DOS के ऊपर जोड़ी, और आधुनिक Windows आज भी एक कमांड लाइन (cmd / PowerShell) देता है

- यह मान लेना कि Microsoft की हर चीज़ ग्राफिकल होती है — MS-DOS केवल-टेक्स्ट है; Windows ने उसके ऊपर GUI जोड़ी
- शेल (जिससे आप बात करते हैं, कमांड इंटरप्रेटर) को कर्नल (ऑपरेटिंग सिस्टम का मूल भाग) के साथ गड्डमड्ड करना
MPPSC का पेपर-I कंप्यूटर खंड ऑपरेटिंग सिस्टम पर सीधे एक-पंक्ति प्रश्न पूछता है — MS-DOS का इंटरफेस, UNIX का केंद्रीय भाग, फ़ाइल एक्सटेंशन, सॉफ़्टवेयर के प्रकार। UPSC शायद ही कभी OS सामान्य ज्ञान पूछता है और इसके बजाय IT को अनुप्रयोगों, ई-गवर्नेंस व साइबर-सुरक्षा के माध्यम से परखता है।
यूनिक्स (UNIX) ऑपरेटिंग सिस्टम का केंद्रीय भाग है :
- (a) कमांड शैल
- (b) कर्नेल
- (c) डायरेक्टरीज़ और प्रोग्राम
- (d) फ़ाइलें
उत्तर(b) कर्नेल
एक वर्ष पहले वही ऑपरेटिंग-सिस्टम सूक्ष्म-विषय — यूनिक्स में कर्नेल बनाम शैल, यहाँ MS-DOS के लिए परखे गए कमांड-लाइन इंटरफेस का संरचनात्मक समकक्ष है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
MS-DOS में, कौन-सा कमांड वर्तमान डायरेक्टरी में फ़ाइलों की सूची प्रदर्शित करता है ?
- (a)DIR
- (b)LIST
- (c)SHOW
- (d)OPEN
उत्तर(a) DIR — डायरेक्टरी-सूची दिखाने वाला मानक DOS कमांड (Linux/UNIX में समकक्ष ls है)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ऑपरेटिंग सिस्टम का वह भाग, जो उपयोगकर्ता द्वारा टाइप किए गए कमांडों की व्याख्या करता है, कहलाता है :
- (a)कर्नल
- (b)शेल
- (c)कंपाइलर
- (d)डिवाइस ड्राइवर
उत्तर(b) शेल — यह उपयोगकर्ता के कमांड पढ़ता व समझता है; कर्नल वह मूल भाग है जो हार्डवेयर व संसाधनों का प्रबंधन करता है।