निम्नलिखित में से कौन-सा जिला वर्षा ऋतु में अधिक वर्षा प्राप्त करता है ?
- (a)नरसिंहपुर
- (b)मंदसौर
- (c)मंडला
- (d)छतरपुर
सही उत्तर — (c) मंडला। मंडला मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी महाकोशल क्षेत्र में, मैकाल-सतपुड़ा पट्टी के पहाड़ी, वनाच्छादित किनारे पर स्थित है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा को जल्दी और भारी मात्रा में प्राप्त करता है — यह पूर्वी पट्टी (मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी) राज्य का लगातार सबसे अधिक वर्षा वाला भाग है।
- (a)नरसिंहपुर — मध्य नर्मदा घाटी में स्थित है — इसे एक ठीक-ठाक, भरोसेमंद मानसून मिलता है, लेकिन उच्च-वर्षा वाली पूर्वी पहाड़ी पट्टी से काफी कम।
- (b)मंदसौर — उत्तर-पश्चिमी मालवा पठार में स्थित है — मध्यप्रदेश के तुलनात्मक रूप से शुष्क क्षेत्रों में से एक, जो अधिकांशतः बंगाल की खाड़ी शाखा की पहुँच से बाहर है।
- (d)छतरपुर — उत्तरी मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है — तुलनात्मक रूप से कम व अनियमित वर्षा वाला, सूखा-प्रवण क्षेत्र।
मध्यप्रदेश में वर्षा एक समान नहीं है: दक्षिण-पूर्वी महाकोशल जिलों (मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी) में मानसून की सबसे भारी वर्षा होती है, क्योंकि ये दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा के मार्ग में स्थित हैं और यहाँ का पहाड़ी, वनाच्छादित भूभाग नमी-युक्त हवा को ऊपर उठने और वर्षा गिराने के लिए विवश करता है। राज्य के दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने पर वर्षा सामान्यतः घटती जाती है।
जाल यह मान लेने में है कि कृषि की दृष्टि से प्रमुख, जाने-माने जिलों (जैसे नर्मदा घाटी का नरसिंहपुर) को एक कम-चर्चित पूर्वी जिले से अधिक वर्षा मिलनी ही चाहिए — वास्तविक निर्णायक तत्व किसी जिले की मानसून शाखा व उच्चावच के सापेक्ष स्थिति है, न कि उसका कृषि महत्व।
- मध्यप्रदेश का दक्षिण-पूर्वी महाकोशल पट्टी (मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी) राज्य का सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र है
- मध्यप्रदेश में वर्षा सामान्यतः दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर घटती जाती है
- दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए मुख्य नमी स्रोत है
- मालवा पठार (मंदसौर) और बुंदेलखंड (छतरपुर) तुलनात्मक रूप से कम वर्षा वाले क्षेत्र हैं
- यह मान लेना कि कृषि प्रधान जिला (नरसिंहपुर) एक कम प्रसिद्ध पूर्वी जिले से अधिक वर्षा प्राप्त करता है
- 'अधिक वर्षा' को 'अधिक सिंचित क्षेत्र' समझ बैठना — ये दोनों एक तथ्य नहीं हैं
MPPSC प्रायः विभिन्न क्षेत्रों के 4 जिलों को सूचीबद्ध कर पूछती है कि किसे सर्वाधिक/न्यूनतम वर्षा मिलती है — उत्तर को क्षेत्र से जोड़ें (महाकोशल = आर्द्र, मालवा/बुंदेलखंड = शुष्क), न कि केवल जिले के नाम से।
मध्यप्रदेश का दक्षिण-पूर्वी भाग को अधिकतम वर्षा किससे प्राप्त होती है :
- (a) मानसून की अरब सागर शाखा
- (b) मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा
- (c) लौटता मानसून
- (d) चक्रवात
उत्तर(b) मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा।
वही अंतर्निहित तथ्य तंत्र के दृष्टिकोण से — यह बताता है कि मध्यप्रदेश का दक्षिण-पूर्वी भाग (मंडला का महाकोशल क्षेत्र) राज्य के शेष भाग से अधिक वर्षा क्यों प्राप्त करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश का कौन-सा भौगोलिक प्रदेश सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है ?
- (a)मालवा पठार
- (b)बुंदेलखंड
- (c)महाकोशल (दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश)
- (d)निमाड़ मैदान
उत्तर(c) महाकोशल — पहाड़ी, वनाच्छादित दक्षिण-पूर्वी पट्टी जो बंगाल की खाड़ी मानसून शाखा को सबसे पहले और सबसे अधिक प्राप्त करती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश का दक्षिण-पूर्वी भाग मुख्यतः अपनी अधिकतम वर्षा किससे प्राप्त करता है ?
- (a)मानसून की अरब सागर शाखा
- (b)मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा
- (c)लौटता मानसून
- (d)पश्चिमी विक्षोभ
उत्तर(b) दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा।