अखरानी और मथवार पहाड़ियों के मध्य निम्नलिखित में से किस नदी ने गहरी कन्दरा बनाई है ?
- (a)चंबल
- (b)सोन
- (c)केन
- (d)नर्मदा
सही उत्तर — (d) नर्मदा। अमरकंटक से अरब सागर तक अपने पश्चिम दिशा वाले मार्ग में, नर्मदा मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–गुजरात सीमा क्षेत्र के निकट निचले नर्मदा क्षेत्र के पहाड़ी, वनाच्छादित भूभाग से होकर गुज़रती है, और अखरानी व मथवार पहाड़ियों के बीच एक गहरी कन्दरा बनाती है।
- (a)चंबल — चंबल उत्तर-पूर्व दिशा में उत्तरी मध्यप्रदेश व राजस्थान से होकर यमुना में बहती है — यह एक अलग नदी तंत्र है, जो अखरानी-मथवार पहाड़ी क्षेत्र के आसपास कहीं नहीं है।
- (b)सोन — सोन नर्मदा की तरह अमरकंटक के निकट उद्गमित होती है, परंतु पूर्व दिशा में बहकर बिहार में गंगा से मिलती है — यह अखरानी-मथवार क्षेत्र से बिल्कुल विपरीत दिशा है।
- (c)केन — केन उत्तरी मध्यप्रदेश की बुंदेलखंड नदी है, जो यमुना की एक सहायक नदी है — इस कन्दरा वाले पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र से इसका कोई संबंध नहीं है।
नर्मदा उन केवल दो प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों में से एक है (तापी के साथ) जो पूर्व के बजाय पश्चिम दिशा में बहती हैं, और अरब सागर में खंभात की खाड़ी के माध्यम से गिरने से पहले विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियों के बीच एक रेखीय दरार घाटी (rift valley) से होकर गुज़रती है। इस मार्ग में यह कई स्थानों पर पहाड़ी भूभाग से होकर गुज़रती है, जिसमें अखरानी व मथवार पहाड़ियों के बीच की कन्दरा भी शामिल है।
जाल केवल दिशा के आधार पर नदी चुन लेना है — 'पश्चिम-वाहिनी' जानना पर्याप्त नहीं है; यह प्रश्न यह भी परखता है कि क्या विद्यार्थी नर्मदा के वास्तविक मार्ग को विशिष्ट, नामित स्थानीय पहाड़ी क्षेत्रों में रख सकता है, जिसे MPPSC सूक्ष्म मध्यप्रदेश भूगोल के रूप में परखना पसंद करता है।
- नर्मदा — केवल दो प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों में से एक जो पश्चिम दिशा में बहती है (तापी के साथ)
- यह विंध्य (उत्तर) व सतपुड़ा (दक्षिण) श्रेणियों के बीच एक दरार घाटी से होकर गुज़रती है
- यह अमरकंटक में उद्गमित होकर खंभात की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर में गिरती है
- यह अपने मार्ग में कई स्थानों पर पहाड़ी भूभाग से होकर गुज़रती है, जिसमें अखरानी व मथवार पहाड़ियों के निकट का क्षेत्र भी शामिल है
- केवल इसलिए चंबल, सोन या केन चुन लेना क्योंकि वे प्रसिद्ध मध्यप्रदेश नदियाँ हैं, बिना दिशा व स्थान जाँचे
- केवल यह जानना कि नर्मदा 'पश्चिम में बहती है', बिना अखरानी-मथवार कन्दरा जैसे इसके विशिष्ट स्थानीय स्थलों को जाने
MPPSC नर्मदा के मार्ग पर नामित स्थानीय स्थलों (कन्दराओं, पहाड़ी क्षेत्रों) को परखना पसंद करता है; UPSC विशिष्ट स्थान-नामों के बजाय नर्मदा के पश्चिम दिशा में बहने के वैचारिक कारण (दरार घाटी) को अधिक परखता है।
नर्मदा नदी पश्चिम दिशा में बहती है, जबकि अधिकांश अन्य बड़ी प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व दिशा में बहती हैं। क्यों? 1. यह एक रेखीय दरार घाटी में स्थित है। 2. यह विंध्य व सतपुड़ा के बीच बहती है। 3. मध्य भारत से भूमि पश्चिम की ओर ढाल रखती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) कोई नहीं
उत्तर(a) केवल 1 — दरार घाटी ही निर्णायक संरचनात्मक कारण है; केवल विंध्य व सतपुड़ा के बीच बहना अकेले पश्चिम दिशा प्रवाह की व्याख्या नहीं करता, और क्षेत्रीय ढाल वास्तव में पूर्व की ओर है, पश्चिम की ओर नहीं।
वही नदी, वही संरचनात्मक विषय — नर्मदा का विंध्य-सतपुड़ा दरार घाटी से होकर गुज़रने वाला मार्ग, जिसके कारण ही यह इस प्रश्न में पूछी गई अखरानी-मथवार जैसी पहाड़ी कन्दराएँ काट सकती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत की कौन-सी दो प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व के बजाय पश्चिम दिशा में अरब सागर में बहती हैं?
- (a)नर्मदा और तापी
- (b)गोदावरी और कृष्णा
- (c)महानदी और कावेरी
- (d)सोन और केन
उत्तर(a) नर्मदा और तापी — दोनों दरार घाटियों से होकर पश्चिम दिशा में अरब सागर में बहती हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नर्मदा नदी मुख्यतः पश्चिम दिशा में इसलिए बहती है क्योंकि यह:
- (a)विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियों के बीच एक रेखीय दरार घाटी में स्थित है
- (b)मुख्यतः पश्चिम की ओर बहने वाली पवनों से पोषित होती है
- (c)दक्कन पठार की पश्चिमी ढलान पर उद्गमित होती है
- (d)प्रायद्वीप की सामान्य पूर्व दिशा वाली ढाल का अनुसरण करती है
उत्तर(a) यह विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियों के बीच एक रेखीय दरार घाटी में स्थित है — यह संरचनात्मक नियंत्रण, न कि सामान्य ढाल, इसके पश्चिम दिशा में बहने को निर्धारित करता है।