एटलस और अक्ष के मध्य पाए जाने वाले जोड़ (पिवोट) को कहते हैं
- (a)सेडल जोड़
- (b)फायब्रस जोड़
- (c)कार्टिलेजिनस जोड़
- (d)सिनोवियल जोड़
सही उत्तर — (d) सिनोवियल जोड़। एटलस (C1) और अक्ष (C2) कशेरुकाएँ एटलांटो-एक्सियल जोड़ (atlanto-axial joint) पर जुड़ती हैं, जो एक पिवोट जोड़ है — और पिवोट जोड़ स्वतंत्र रूप से गतिशील सिनोवियल जोड़ों (द्रव-भरी जोड़-गुहा, आर्टिकुलर कार्टिलेज, आवरणी कैप्सूल सहित) के ही एक उप-प्रकार हैं। अक्ष का ओडोन्टॉइड प्रवर्ध (डेंस) एटलस द्वारा बनी वलय के भीतर घूमता है, जिससे सिर बाएँ-दाएँ घूम पाता है।
- (a)सेडल जोड़ — यह एक भिन्न सिनोवियल उप-प्रकार है (जैसे अँगूठे का कार्पोमेटाकार्पल जोड़) जो आगे-पीछे व दाएँ-बाएँ गति की अनुमति देता है, घूर्णन की नहीं — यह एटलस-अक्ष जोड़ नहीं है।
- (b)फायब्रस जोड़ — फायब्रस जोड़ (जैसे खोपड़ी की सिवनियाँ) स्थिर/अचल होते हैं, सघन संयोजी ऊतक द्वारा जुड़े होते हैं और इनमें कोई जोड़-गुहा नहीं होती — यह स्वतंत्र रूप से घूमने वाले एटलस-अक्ष जोड़ से बिल्कुल विपरीत है।
- (c)कार्टिलेजिनस जोड़ — कार्टिलेजिनस जोड़ (जैसे कशेरुक-कायों के बीच इंटरवर्टीब्रल डिस्क द्वारा, या प्यूबिक सिम्फिसिस) केवल थोड़ी-सी गति की अनुमति देते हैं और इनमें सिनोवियल गुहा नहीं होती — ये पिवोट जोड़ नहीं हैं।
जोड़ों को संरचना के आधार पर फायब्रस (अचल), कार्टिलेजिनस (थोड़ा गतिशील) और सिनोवियल (स्वतंत्र रूप से गतिशील) में वर्गीकृत किया जाता है। सिनोवियल जोड़ों को आकार के आधार पर आगे हिंज, पिवोट, बॉल-एंड-सॉकेट, सेडल, ग्लाइडिंग और कॉन्डिलॉइड प्रकारों में बाँटा जाता है। पिवोट जोड़ एक हड्डी को दूसरी हड्डी के चारों ओर घूमने देता है — इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण एटलांटो-एक्सियल जोड़ है, जो सिर को घूमने देता है।
MPPSC 'हड्डी X और हड्डी Y के बीच जोड़ का प्रकार बताइए' पूछना पसंद करता है — जाल यह है कि 'पिवोट' को 'सिनोवियल' से अलग एक श्रेणी मान लिया जाए, जबकि पिवोट वास्तव में सिनोवियल का ही एक उप-प्रकार है। छात्रों को यह जानना चाहिए कि गति (घूर्णन) पिवोट की ओर संकेत करती है, और पिवोट सदैव सिनोवियल ही होता है।
- एटलस (C1) और अक्ष (C2) एटलांटो-एक्सियल जोड़ बनाते हैं — एक पिवोट जोड़
- पिवोट जोड़ सिनोवियल (स्वतंत्र रूप से गतिशील) जोड़ों का एक उप-प्रकार हैं
- अक्ष का ओडोन्टॉइड प्रवर्ध (डेंस) एटलस की वलय के भीतर घूमता है, जिससे सिर घूम पाता है
- पिवोट जोड़ का अन्य उदाहरण: प्रॉक्सिमल रेडियो-अलना जोड़ (अग्रबाहु का घूर्णन)
एटलस-अक्ष पिवोट जोड़ एक सिनोवियल जोड़ है जो सिर को घूमने देता है।
- 'पिवोट' को 'सिनोवियल' से अलग श्रेणी मानना, न कि उसका उप-प्रकार
- एटलस-अक्ष पिवोट जोड़ को हिंज जोड़ (जैसे कोहनी या घुटना) से भ्रमित करना
MPPSC व UPSC-संबद्ध परीक्षाएँ या तो किसी नामित शरीर-भाग जोड़ी के लिए 'जोड़ का प्रकार बताइए' पूछती हैं, या छात्रों से जोड़ प्रकार को उदाहरण से मिलाने को कहती हैं (कोहनी-हिंज, कंधा-बॉल-एंड-सॉकेट, एटलस-अक्ष-पिवोट)।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किस प्रकार का सिनोवियल जोड़ कंधे में पाया जाता है, जो लगभग सभी दिशाओं में गति की अनुमति देता है?
- (a)हिंज जोड़
- (b)पिवोट जोड़
- (c)बॉल-एंड-सॉकेट जोड़
- (d)सेडल जोड़
उत्तर(c) बॉल-एंड-सॉकेट जोड़ — कंधे व कूल्हे में पाया जाता है, गति की सबसे व्यापक सीमा प्रदान करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
घुटने का जोड़, जो दरवाज़े के हिंज की तरह एक ही तल में गति की अनुमति देता है, किसका उदाहरण है?
- (a)पिवोट जोड़
- (b)हिंज जोड़
- (c)ग्लाइडिंग जोड़
- (d)फायब्रस जोड़
उत्तर(b) हिंज जोड़ — घुटने व कोहनी की तरह एक तल में फ्लेक्सन व एक्सटेंशन की अनुमति देता है।