भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 106(2) के अंतर्गत ‘हिट एंड रन’ मामलों के संबंध में, यदि कोई अपराधी लापरवाह और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग से मृत्यु का कारण बनता है और ‘पुलिस अधिकारी’ या ‘न्यायिक मजिस्ट्रेट’ को सूचित करने में विफल रहता है, तो अधिकतम सजा क्या होगी?
- (a)10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
- (b)आजीवन कारावास
- (c)7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
- (d)5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A. BNS की धारा 106(2) उस मृत्यु पर लागू होती है, जो उतावलेपन और लापरवाही से वाहन चलाने (rash and negligent driving) से हुई हो और आपराधिक मानव वध (culpable homicide) की श्रेणी में न आती हो।
शर्त यह है कि चालक घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए बिना भाग जाए।
सज़ा: दोनों में से किसी भी प्रकार का कारावास, दस वर्ष तक, और जुर्माना।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)आजीवन कारावास — धारा 106 में आजीवन कारावास है ही नहीं। अपराध उपेक्षा से हुई मृत्यु का है, आपराधिक मानव वध का नहीं, और इसकी सबसे बड़ी सज़ा, उपधारा (2) में, दस वर्ष है।
- (c)7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना — धारा 106 में सात वर्ष कहीं नहीं है। इसकी अवधियाँ हैं: 106(1) में पाँच वर्ष, पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए दो वर्ष, और 106(2) में दस वर्ष।
- (d)5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना — पाँच वर्ष और जुर्माना उपधारा (1) की सज़ा है, जो किसी भी उतावले या लापरवाह कार्य से मृत्यु होने पर लगती है। चालक सूचना दिए बिना भाग जाए, तो उपधारा (2) इसे दोगुना कर देती है।
अवधारणा
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का अधिनियम 45) ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली।
इसकी धारा 106 उपेक्षा से मृत्यु के बारे में है। उपधारा (1) में पाँच वर्ष तक का कारावास और जुर्माना है, या किसी चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए दो वर्ष तक और जुर्माना।
उपधारा (2) हिट-एंड-रन का स्तर जोड़ती है: उतावलेपन और लापरवाही से वाहन चलाकर मृत्यु करना और फिर सूचना दिए बिना भाग जाना, इस पर दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना है।
जब BNS 1 जुलाई 2024 को लागू हुई, तो उसकी प्रारंभ अधिसूचना, 23 फरवरी 2024 की S.O. 850(E), ने धारा 106(2) को बाहर रखा। यह वही प्रावधान है, जिसके खिलाफ़ जनवरी 2024 में ट्रक चालकों ने विरोध किया था।
प्रश्न यह पूछता है कि धारा क्या सज़ा तय करती है, और वह दस वर्ष है।
हिन्दी प्रश्न में 'लापरवाह और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग' और 'न्यायिक मजिस्ट्रेट' छपा है, जबकि अंग्रेज़ी प्रश्न में rash and negligent driving और 'Magistrate' है। उत्तर इससे नहीं बदलता।
मुख्य तथ्य
- BNS धारा 106(2): उतावलेपन और लापरवाही से वाहन चलाकर मृत्यु, और फिर सूचना दिए बिना भाग जाना, इस पर 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना।
- BNS धारा 106(1): उतावले या लापरवाह कार्य से मृत्यु करने पर 5 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना।
- धारा 106(1) के तहत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए 2 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना है।
- BNS 1 जुलाई 2024 को लागू हुई, धारा 106(2) को छोड़कर (S.O. 850(E), 23 फरवरी 2024)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- उपधारा (1) की सज़ा, पाँच वर्ष, चुन लेना और 'सूचना दिए बिना भाग जाना' वाला वह तत्व चूक जाना, जो 106(2) की पहचान है।
- यह मान लेना कि 'हिट एंड रन' में आजीवन कारावास है, जबकि धारा 106 में यह सज़ा है ही नहीं।
यहाँ BNS की एक उपधारा की अधिकतम सज़ा जाँची गई है, और पास वाली उपधारा के पाँच वर्ष को जाल की तरह रखा गया है। संहिता अपने-आप में 14 Sep 2025, 09:00, GA Q.17 में पूछी गई है: BNS कानून की किस शाखा को समेकित करती है (मूल आपराधिक कानून, Criminal Substantive Law)।
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