द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961), जो अक्सर महालनोबिस मॉडल से जुड़ी होती है, भारत की विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। इस योजना का प्राथमिक फोकस क्या था?
- (a)अर्थव्यवस्था के 'कमांडिंग हाइट्स' में निजी क्षेत्र की भूमिका को अधिकतम करना।
- (b)हरित क्रांति के माध्यम से खाद्यान्न उत्पादन में तत्काल आत्मनिर्भरता प्राप्त करना।
- (c)एक निर्यात-उन्मुख अर्थव्यवस्था स्थापित करना ताकि वैश्विक व्यापार बाजारों के साथ तेजी से एकीकृत हो सके।
- (d)तीव्र औद्योगिकीकरण, विशेष रूप से बुनियादी और भारी उद्योगों के विकास पर जोर देना।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D. द्वितीय योजना (1956–61) सांख्यिकीविद् पी.सी. महालनोबिस के मॉडल पर बनी थी। इस मॉडल ने निवेश में पहला स्थान बुनियादी और भारी उद्योगों को दिया, यानी उन पूँजीगत वस्तुओं को जिन पर बाकी हर उद्योग टिका है।
इस अभियान की अगुवाई सार्वजनिक क्षेत्र ने की। भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला के इस्पात संयंत्र इसी योजना में सोवियत, ब्रिटिश और पश्चिमी जर्मन सहायता से बने। तीव्र औद्योगिकीकरण → विकल्प (d)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)अर्थव्यवस्था के 'कमांडिंग हाइट्स' में निजी क्षेत्र की भूमिका को अधिकतम करना। — यह विकल्प योजना को उलटा बताता है। NCERT के अनुसार इसकी नीति थी कि 'कमांडिंग हाइट्स', यानी अर्थव्यवस्था के लिए अहम उद्योगों पर सरकार का नियंत्रण रहे और सार्वजनिक क्षेत्र आगे चले।
- (b)हरित क्रांति के माध्यम से खाद्यान्न उत्पादन में तत्काल आत्मनिर्भरता प्राप्त करना। — हरित क्रांति 1960 के दशक के उत्तरार्ध में, सबसे पहले पंजाब में, शुरू हुई, जबकि यह योजना 1961 में ही ख़त्म हो चुकी थी। द्वितीय योजना की प्राथमिकता भारी उद्योग थी।
- (c)एक निर्यात-उन्मुख अर्थव्यवस्था स्थापित करना ताकि वैश्विक व्यापार बाजारों के साथ तेजी से एकीकृत हो सके। — महालनोबिस मॉडल एक बंद अर्थव्यवस्था मानकर चलता था और उद्योग देश के भीतर खड़े करता था। विश्व व्यापार के लिए अर्थव्यवस्था बहुत बाद में, 1991 के सुधारों के साथ खुली।
अवधारणा
प्रथम योजना (1951–56) हैरोड–डोमर मॉडल पर आधारित थी, और उसका ज़ोर कृषि और प्राथमिक क्षेत्र पर था।
द्वितीय योजना ने दिशा बदली। इसके मॉडल ने पूछा कि लंबे समय में सबसे ज़्यादा वृद्धि के लिए निवेश को क्षेत्रों के बीच कैसे बाँटा जाए, और जवाब दिया: पहले पूँजीगत वस्तुएँ बनाओ।
1956 का औद्योगिक नीति प्रस्ताव, जिसने प्रमुख उद्योग सरकार के लिए आरक्षित किए, इस योजना का आधार बना।
NCERT के अनुसार द्वितीय योजना ने समाजवादी ढंग के समाज (socialist pattern of society) की नींव रखने की कोशिश की। इसीलिए यहाँ उत्तर सरकार के नेतृत्व वाला भारी उद्योग है, निजी उद्यम या निर्यात नहीं।
मुख्य तथ्य
- द्वितीय पंचवर्षीय योजना: 1956–61, महालनोबिस मॉडल पर आधारित।
- प्रथम पंचवर्षीय योजना: 1951–56, हैरोड–डोमर मॉडल पर आधारित, ज़ोर कृषि पर।
- भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला के इस्पात संयंत्र द्वितीय योजना में क्रमशः सोवियत संघ, ब्रिटेन और पश्चिमी जर्मनी की सहायता से स्थापित हुए।
- 1956 का औद्योगिक नीति प्रस्ताव द्वितीय योजना का आधार बना।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- मॉडल आपस में बदल देना: हैरोड–डोमर पहली योजना का है, महालनोबिस दूसरी का।
- 'कमांडिंग हाइट्स' को निजी क्षेत्र का शब्द समझ लेना। भारतीय योजना में इसका अर्थ प्रमुख उद्योगों पर सरकार का नियंत्रण था।
11 Sep 2024, 16:00, GA Q.23 और 17 Sep 2025, 16:00, GA Q.19 पूछते हैं कि महालनोबिस मॉडल किस योजना में अपनाया गया, और 18 Sep 2024, 09:00, GA Q.12 हैरोड–डोमर को पहली योजना से जोड़ता है।
23 Sep 2024, 12:30, GA Q.15 द्वितीय योजना के बारे में गलत कथन पूछता है, और उसकी कुंजी वह दावा है कि यह योजना कीन्सवादी (Keynesian) थी।
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