निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज और भारत में उसका प्रमुख उत्पादक राज्य सही रूप से मेल खाता है?
- (a)बॉक्साइट – ओडिशा
- (b)ताँबा – उत्तर प्रदेश
- (c)अभ्रक – राजस्थान
- (d)चूना पत्थर – झारखंड
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A. भारतीय खान ब्यूरो (Indian Bureau of Mines, IBM) की Indian Minerals Yearbook 2023 के अनुसार 2022-23 में बॉक्साइट का उत्पादन 23.84 मिलियन टन था।
इसमें ओडिशा का हिस्सा 73% था, उसके बाद झारखंड (9%) और गुजरात (7%)।
NCERT की कक्षा 10 की भूगोल पुस्तक भी ओडिशा को सबसे बड़ा बॉक्साइट उत्पादक राज्य बताती है, और कोरापुट के पंचपटमाली निक्षेपों को सबसे महत्वपूर्ण।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)ताँबा – उत्तर प्रदेश — उत्तर प्रदेश इसमें कहीं नहीं है। ईयरबुक के अनुसार 2022-23 में भारत का ताँबा सांद्र (copper concentrate) उत्पादन मध्य प्रदेश (57%) और राजस्थान (43%) में बँटा था। NCERT में ताँबे के केंद्र बालाघाट, खेतड़ी और सिंहभूम हैं।
- (c)अभ्रक – राजस्थान — NCERT के अनुसार अभ्रक का प्रमुख उत्पादक झारखंड की कोडरमा–गया–हज़ारीबाग पेटी है, और राजस्थान का अजमेर एक प्रमुख क्षेत्र है। IBM की अधूरी तालिका 2020-21 में राजस्थान को पहले स्थान पर रखती है, इसलिए यह जोड़ी बहस योग्य है, बॉक्साइट – ओडिशा नहीं।
- (d)चूना पत्थर – झारखंड — ईयरबुक के अनुसार 2022-23 में चूना पत्थर का सबसे बड़ा उत्पादक राजस्थान था (23%), उसके बाद आंध्र प्रदेश (13%) और मध्य प्रदेश (12%)। झारखंड बाकी 12% में आता है, जो दस राज्यों में बँटा है।
अवधारणा
खनिज–राज्य की जोड़ी तभी सही है, जब वह राज्य उस खनिज की उत्पादन तालिका में सबसे ऊपर हो।
ताज़ा आँकड़ों का स्रोत भारतीय खान ब्यूरो की Indian Minerals Yearbook है, जो राज्यवार हिस्सा देती है। NCERT कक्षा 10 का अध्याय खनिज तथा ऊर्जा संसाधन (Minerals and Energy Resources) पाठ्यपुस्तक वाली तस्वीर देता है।
चूना पत्थर वाली जोड़ी ईयरबुक पर ही गलत ठहरती है: वहाँ राजस्थान आगे है। अभ्रक वाली जोड़ी स्रोत पर निर्भर है, क्योंकि NCERT झारखंड को पहले रखती है और IBM के अधूरे आँकड़े राजस्थान को।
अभ्रक के उत्पादन का रिकॉर्ड कमज़ोर है। 2015 में अभ्रक के गौण खनिज (minor mineral) बनने के बाद उत्पादक IBM को नहीं, राज्यों को रिपोर्ट करने लगे।
इसलिए Indian Minerals Yearbook 2021 में केवल आंध्र प्रदेश और राजस्थान के आँकड़े छपे हैं: 2020-21 में 16,717 टन और 17,719 टन। झारखंड तालिका में है ही नहीं।
बॉक्साइट में ऐसी कोई कमी नहीं। ओडिशा का 73% हिस्सा (a) को सुरक्षित उत्तर बनाता है।
मुख्य तथ्य
- 2022-23 में भारत के बॉक्साइट का 73% ओडिशा ने उत्पादित किया (IBM, Indian Minerals Yearbook 2023)।
- 2022-23 में भारत का ताँबा सांद्र मध्य प्रदेश (57%) और राजस्थान (43%) ने उत्पादित किया।
- 2022-23 में चूना पत्थर उत्पादन में राजस्थान राष्ट्रीय उत्पादन के 23% के साथ सबसे आगे था।
- अभ्रक का क्रम स्रोत के साथ बदलता है: NCERT झारखंड की कोडरमा–गया–हज़ारीबाग पेटी का नाम लेती है, जबकि IBM की 2020-21 की तालिका राजस्थान (17,719 टन) को आंध्र प्रदेश (16,717 टन) से आगे रखती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- बॉक्साइट – ओडिशा की जगह अभ्रक – राजस्थान चुन लेना, जबकि अभ्रक का क्रम स्रोत पर निर्भर है और बॉक्साइट में ओडिशा की बढ़त स्रोत पर निर्भर नहीं है।
- चूना पत्थर को झारखंड से जोड़ना, जिसे 2022-23 की तालिका राजस्थान से बहुत पीछे, छोटे उत्पादकों में रखती है।
यहाँ राज्य-जोड़ियों के ज़रिए चार उत्पादन तालिकाएँ एक साथ जाँची गई हैं। ताँबा 14 Sep 2025, 12:30, GA Q.13 में फिर आता है, जो पूछता है कि भारत में कौन-से अलौह खनिज कम हैं (ताँबा, जस्ता और सीसा)।
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