नेटवर्क पर डेटा इन ट्रांज़िट के लिए एन्क्रिप्शन सक्षम करने का मुख्य लाभ क्या है?
- (a)यह ट्रांसमिशन के दौरान हमलावरों के लिए डेटा को अपठनीय बना देता है
- (b)यह उपकरणों की भौतिक चोरी से सुरक्षा करता है
- (c)यह डेटा ट्रांसफ़र की समग्र गति को बेहतर बनाता है
- (d)यह अनधिकृत उपयोगकर्ताओं को नेटवर्क तक पहुँचने से रोकता है
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A. एन्क्रिप्शन इन ट्रांज़िट डेटा को नेटवर्क पार करते समय सुरक्षित रखता है। रास्ते में पैकेट पकड़ने वाले को केवल साइफ़रटेक्स्ट (ciphertext) दिखता है, जो कुंजी (key) के बिना बेकार है।
HTTPS के पीछे का प्रोटोकॉल, TLS, इसे अपनी गोपनीयता (confidentiality) की विशेषता के रूप में लिखता है: चैनल पर भेजा गया डेटा केवल दोनों सिरों (endpoints) को दिखता है → विकल्प (a)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)यह उपकरणों की भौतिक चोरी से सुरक्षा करता है — लैपटॉप या फ़ोन की चोरी से खतरा डेटा एट रेस्ट को है, यानी डिवाइस में रखे डेटा को। उसके लिए स्टोरेज एन्क्रिप्शन चाहिए, जैसे फ़ुल-डिस्क एन्क्रिप्शन, नेटवर्क ट्रैफ़िक का एन्क्रिप्शन नहीं।
- (c)यह डेटा ट्रांसफ़र की समग्र गति को बेहतर बनाता है — एन्क्रिप्शन काम बढ़ाता है: डेटा भेजने से पहले एन्क्रिप्ट और पहुँचने पर डीक्रिप्ट होता है, और TLS पहले कुंजियाँ तय करने के लिए एक हैंडशेक चलाता है। गति बढ़ाना इसका फ़ायदा नहीं है।
- (d)यह अनधिकृत उपयोगकर्ताओं को नेटवर्क तक पहुँचने से रोकता है — बाहरी लोगों को नेटवर्क से दूर रखना एक्सेस कंट्रोल है: लॉगिन, नेटवर्क प्रमाणीकरण (authentication), फ़ायरवॉल। ट्रांज़िट एन्क्रिप्शन मानकर चलता है कि ट्रैफ़िक पकड़ा जा सकता है और उसे अपठनीय बना देता है, पर यह तय नहीं करता कि नेटवर्क से कौन जुड़ेगा।
अवधारणा
डेटा को दो अवस्थाओं में सुरक्षा चाहिए। इन ट्रांज़िट वह नेटवर्क पर चल रहा होता है, और TLS जैसे प्रोटोकॉल उसे दोनों सिरों के बीच एन्क्रिप्ट करते हैं। एट रेस्ट वह डिस्क या फ़ोन में रखा होता है, और वहाँ स्टोरेज एन्क्रिप्शन उसे बचाता है।
RFC 8446, TLS 1.3 को एक सुरक्षित चैनल बताता है, जिसके तीन गुण हैं: प्रमाणीकरण (authentication), गोपनीयता (confidentiality) और अखंडता (integrity)।
इसके सारांश (abstract) के अनुसार यह छिपकर सुनने (eavesdropping), छेड़छाड़ (tampering) और संदेश की जालसाज़ी (message forgery) को रोकने के लिए बनाया गया है।
मुख्य तथ्य
- TLS 1.3 को RFC 8446 में परिभाषित किया गया है।
- RFC 8446 TLS के तीन गुण बताता है: प्रमाणीकरण (authentication), गोपनीयता (confidentiality) और अखंडता (integrity)।
- एन्क्रिप्शन इन ट्रांज़िट नेटवर्क पर चल रहे डेटा को बचाता है, जबकि एन्क्रिप्शन एट रेस्ट रखे हुए (stored) डेटा को।
- NIST SP 800-111 उपयोगकर्ता के उपकरणों (end-user devices) के स्टोरेज एन्क्रिप्शन पर है, जिसमें फ़ुल-डिस्क एन्क्रिप्शन भी शामिल है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'यह अनधिकृत उपयोगकर्ताओं को नेटवर्क तक पहुँचने से रोकता है' चुन लेना, जबकि एन्क्रिप्शन पहुँच का फ़ैसला प्रमाणीकरण और फ़ायरवॉल पर छोड़ता है।
- इन-ट्रांज़िट और एट-रेस्ट सुरक्षा को मिला देना: डिवाइस की चोरी एट-रेस्ट की समस्या है।
एन्क्रिप्शन 19 Jan 2026, 11:00 AM, Computer Knowledge Q.5 (ईमेल के लिए S/MIME) और 19 Jan 2026, 11:00 AM, Computer Knowledge Q.20 (सममित एन्क्रिप्शन में कुंजी बाँटने की समस्या) में भी आता है।
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