भारत में आने वाले निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को सबसे पहले से आरंभ करते हुए कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए : 1. पीटर मुंडी; 2. एंटोनियो मोनसेरेट; 3. अफानासी निकितिच निकितिन; 4. इब्न बतूता। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)2 – 1 – 4 – 3
- (b)2 – 3 – 4 – 1
- (c)4 – 3 – 2 – 1
- (d)3 – 4 – 1 – 2
उत्तर
क्यों
सही — C, क्रम 4 – 3 – 2 – 1 है। मोरक्को का यात्री इब्न बतूता 1330 के दशक में मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में भारत पहुँचा; रूसी व्यापारी अफानासी निकितिन लगभग 1470 में दक्कन गया; जेसुइट पादरी एंटोनियो मोनसेरेट लगभग 1580 में अकबर के दरबार में था; और अंग्रेज़ व्यापारी पीटर मुंडी 1630 के दशक में शाहजहाँ के शासनकाल में आया। अतः सबसे पहले से सबसे बाद तक क्रम बनता है — 4 (इब्न बतूता), 3 (निकितिन), 2 (मोनसेरेट), 1 (मुंडी)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)2 – 1 – 4 – 3 — यह सोलहवीं सदी के मोनसेरेट से आरंभ होकर पंद्रहवीं सदी के निकितिन पर समाप्त होता है, जिससे कई यात्री क्रम से बहुत बाहर चले जाते हैं।
- (b)2 – 3 – 4 – 1 — यह इब्न बतूता (1330 का दशक) से पहले मोनसेरेट (लगभग 1580) को रख देता है, जिससे सबसे आरंभिक और सबसे बाद वाले व्यक्ति उलट जाते हैं।
- (d)3 – 4 – 1 – 2 — यह निकितिन को पहले और मोनसेरेट को अंत में रख देता है, जबकि इन चारों में इब्न बतूता सबसे आरंभिक और पीटर मुंडी सबसे बाद के हैं।
अवधारणा
विदेशी यात्रियों ने मध्यकाल और आरंभिक आधुनिक शताब्दियों में भारत के बारे में मूल्यवान विवरण छोड़े। प्रत्येक को उस भारतीय शासक से जोड़कर, जिसका वह वर्णन करता है — मुहम्मद बिन तुगलक, बहमनी दक्कन, अकबर और शाहजहाँ — इन चारों का कालक्रम विश्वसनीय ढंग से नियत हो जाता है।
क्रम-निर्धारण के प्रश्न में सुरक्षित तरीका यह है कि सटीक वर्ष रटने के बजाय हर नाम को किसी वंश या शासक से जोड़ा जाए। ऐसा करने पर ये चारों क्रमशः लगभग 1330, 1470, 1580 और 1630 के दशकों में बैठ जाते हैं, और क्रम एक ही दृष्टि में स्पष्ट हो जाता है।
मुख्य तथ्य
- मोरक्को के इब्न बतूता ने मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी के रूप में सेवा की और अपनी यात्राओं का विवरण 'रिहला' (1330 का दशक) में लिखा।
- रूसी व्यापारी अफानासी निकितिन लगभग 1469-1474 में बहमनी दक्कन गया और 'तीन समुद्रों के पार की यात्रा' लिखी।
- जेसुइट पादरी एंटोनियो मोनसेरेट लगभग 1580 में अकबर के दरबार में पहले जेसुइट मिशन के साथ आया।
- अंग्रेज़ व्यापारी पीटर मुंडी 1630 के दशक में शाहजहाँ के समय भारत में घूमा और अकाल तथा मूल्यों का उल्लेख किया।
- 1330 का दशक — इब्न बतूता, मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन (मद 4)
- लगभग 1470 — अफानासी निकितिन, बहमनी दक्कन में (मद 3)
- लगभग 1580 — एंटोनियो मोनसेरेट, अकबर के दरबार में (मद 2)
- 1630 का दशक — पीटर मुंडी, शाहजहाँ के अधीन (मद 1)
सबसे पहले से सबसे बाद तक क्रम 4 – 3 – 2 – 1 बनता है, जो विकल्प (c) का क्रम है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रत्येक यात्री को किसी ज्ञात शासक या वंश से जोड़ने के बजाय वर्षों का अनुमान लगाना।
- आरंभिक यूरोपीय जेसुइट मोनसेरेट को सत्रहवीं सदी के बाद के व्यापारी-यात्रियों के साथ भ्रमित कर लेना।
यह कालक्रम-निर्धारण प्रश्न के रूप में, या किसी यात्री और उसके द्वारा देखे गए शासक अथवा काल के सुमेलन के रूप में पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने भारत के हीरों और हीरे की खानों की विस्तार से चर्चा की?
- (a) फ्रांस्वा बर्नियर
- (b) ज्याँ-बैप्टिस्ट तवर्नियर
- (c) ज्याँ द थेवेनो
- (d) आबे बार्थेलेमी कार्रे
उत्तर(b) ज्याँ-बैप्टिस्ट तवर्नियर
भारत आने वाले विदेशी यात्रियों और उनके विवरणों का वही विषय। वहाँ उस यात्री को पहचानना है जिसने भारत की हीरे की खानों का वर्णन किया (तवर्नियर); यहाँ ऐसे ही चार यात्रियों को, इब्न बतूता से पीटर मुंडी तक, उनके काल के अनुसार क्रम में रखना है।
NDA_GAT_2024_I_Q1342024इब्न बतूता द्वारा वर्णित भारत की डाक व्यवस्था की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएँ थीं? 1. पैदल डाक-वाहक एक हाथ में घंटी बजाते हुए चलता है। 2. घुड़सवार डाक को उलुक कहा जाता है, जो हर चार मील की दूरी पर तैनात रहती है। 3. पैदल डाक अथवा 'दावा' का हर चार कोस की दूरी पर एक ठिकाना होता है। 4. पैदल डाक घुड़सवार डाक से अधिक तेज़ होती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) 1, 2 और 4
- (b) केवल 1 और 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 3 और 4
उत्तर(a) 1, 2 और 4
वही विदेशी-यात्री स्रोत — इब्न बतूता, जो इस प्रश्न के चारों में सबसे आरंभिक है। वहाँ दिल्ली सल्तनत की डाक व्यवस्था पर उसका विवरण जाँचा जाता है; यहाँ वह भारत आने वाले यात्रियों के कालक्रम का नेतृत्व करता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में कौन-सा विदेशी यात्री भारत आया?
- (a)इब्न बतूता
- (b)अफानासी निकितिन
- (c)फ्रांस्वा बर्नियर
- (d)ज्याँ-बैप्टिस्ट तवर्नियर
उत्तर(a) इब्न बतूता — मोरक्को का वह यात्री जिसने मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी के रूप में सेवा की। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'तीन समुद्रों के पार की यात्रा' लिखने वाला अफानासी निकितिन किस देश से आया था?
- (a)रूस
- (b)फ्रांस
- (c)पुर्तगाल
- (d)मोरक्को
उत्तर(a) रूस — निकितिन एक रूसी व्यापारी था जो पंद्रहवीं सदी में दक्कन गया।