खगोलीय मात्रक (A.U.) में एक पारसेक (parsec) लगभग कितना होता है ?
- (a)2 × 10³ A.U.
- (b)2 × 10⁴ A.U.
- (c)2 × 10⁵ A.U.
- (d)2 × 10⁶ A.U.
उत्तर
क्यों
सही — C, लगभग 2 × 10⁵ A.U.। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय मात्रक (पृथ्वी–सूर्य दूरी) एक आर्कसेकंड का कोण अंतरित करता है। इसकी गणना करने पर 1 पारसेक ≈ 206,265 A.U. आता है, जो लगभग 2 × 10⁵ खगोलीय मात्रक बनता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)2 × 10³ A.U. — यह सौ गुना कम है — 2,000 A.U. एक पारसेक के लगभग 206,000 A.U. से बहुत पीछे रह जाता है।
- (b)2 × 10⁴ A.U. — 20,000 A.U. लगभग दस गुना कम है; एक पारसेक 200,000 A.U. की कोटि का होता है, 20,000 की नहीं।
- (d)2 × 10⁶ A.U. — 20,00,000 A.U. लगभग दस गुना अधिक है — यह एक पारसेक बनाने वाले लगभग 206,000 A.U. से कहीं आगे निकल जाता है।
अवधारणा
खगोलशास्त्री दूरी के कई मात्रक प्रयोग करते हैं। खगोलीय मात्रक (A.U.) पृथ्वी–सूर्य की औसत दूरी है, लगभग 1.5 × 10⁸ km। पारसेक को लंबन (parallax) से परिभाषित किया जाता है: यह वह दूरी है जहाँ से एक A.U. एक आर्कसेकंड का कोण घेरता प्रतीत हो। यही ज्यामिति इसे लगभग 206,265 A.U. पर नियत करती है।
यह प्रश्न वस्तुतः परिमाण की कोटि का है। चूँकि पारसेक एक बहुत छोटे कोण (एक आर्कसेकंड, अर्थात् एक डिग्री का 1/3600 भाग) से निकलता है, इसलिए A.U. में यह दूरी बहुत बड़ी होनी चाहिए — 10⁵ की कोटि की। केवल विकल्प (c) उसी परास में है; शेष दस से हज़ार गुना तक चूक जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- एक पारसेक लगभग 206,265 खगोलीय मात्रक होता है, अर्थात् मोटे तौर पर 2 × 10⁵ A.U.।
- पारसेक वह दूरी है जिस पर एक A.U. एक आर्कसेकंड का कोण अंतरित करता है (लंबन परिभाषा)।
- एक पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश-वर्ष, या लगभग 3.09 × 10¹³ km के भी बराबर है।
- एक खगोलीय मात्रक पृथ्वी–सूर्य की औसत दूरी है, लगभग 1.496 × 10⁸ km।
पारसेक एक आर्कसेकंड के लंबन कोण से निकलता है, जिससे यह लगभग 2 × 10⁵ खगोलीय मात्रक बनता है — अतः विकल्प (c)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- परिमाण की कोटि से निर्णय कीजिए — पारसेक लगभग 10⁵ A.U. का होता है, इसलिए दस या हज़ार गुना चूकने वाले विकल्प गलत हैं।
- पारसेक (लगभग 3.26 प्रकाश-वर्ष) को प्रकाश-वर्ष के साथ भ्रमित न करें।
दूरी के मात्रक 'A.U., प्रकाश-वर्ष और पारसेक को बदलिए या क्रम में रखिए' के रूप में पूछे जाते हैं, और प्रायः उनकी परिमाण-कोटि की समझ को ही पुरस्कृत करते हैं।
संबंधित PYQ
एक खगोलीय मात्रक किनके बीच की औसत दूरी है?
- (a) पृथ्वी और सूर्य
- (b) पृथ्वी और चंद्रमा
- (c) बृहस्पति और सूर्य
- (d) प्लूटो और सूर्य
उत्तर(a) पृथ्वी और सूर्य
अवधारणाओं का वही कुल — खगोलीय मात्रक, जो वह मापदंड ही है जिससे पारसेक बनता है। UPSC ने A.U. को पृथ्वी–सूर्य दूरी से जोड़कर पूछा; NDA का यह प्रश्न आगे पूछता है कि ऐसे कितने A.U. मिलकर एक पारसेक बनाते हैं।
खगोलीय दूरियों को प्रकाश-वर्ष में मापे जाने का निम्नलिखित में से कौन-सा एक कारण है?
- (a) तारकीय पिंडों के बीच की दूरियाँ बदलती नहीं हैं।
- (b) तारकीय पिंडों का गुरुत्वाकर्षण बदलता नहीं है।
- (c) प्रकाश सदैव सीधी रेखा में चलता है।
- (d) प्रकाश की चाल सदैव एक-सी रहती है।
उत्तर(d) प्रकाश की चाल सदैव एक-सी रहती है।
दूरी-मात्रक की एक सहचर अवधारणा — प्रकाश-वर्ष। UPSC ने पूछा कि प्रकाश-वर्ष क्यों प्रयुक्त होता है (प्रकाश की अचर चाल); पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश-वर्ष का होता है, इसलिए ये दोनों मात्रक साथ-साथ चलते हैं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक पारसेक लगभग किसके बराबर होता है?
- (a)1 प्रकाश-वर्ष
- (b)3.26 प्रकाश-वर्ष
- (c)0.5 प्रकाश-वर्ष
- (d)10 प्रकाश-वर्ष
उत्तर(b) 3.26 प्रकाश-वर्ष — एक पारसेक प्रकाश-वर्ष का लगभग 3.26 गुना होता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
खगोलीय मात्रक (A.U.) को किनके बीच की औसत दूरी के रूप में परिभाषित किया जाता है?
- (a)पृथ्वी और चंद्रमा
- (b)सूर्य और बृहस्पति
- (c)पृथ्वी और सूर्य
- (d)सूर्य और निकटतम तारा
उत्तर(c) पृथ्वी और सूर्य — लगभग 1.5 × 10⁸ km।