स्त्रियों में आर्तव चक्र (menstrual cycle) हॉर्मोनों द्वारा नियंत्रित होता है जो स्रावित होते हैं
- (a)अंडाशय और अश्रु ग्रंथि द्वारा
- (b)अंडाशय और तैल ग्रंथि द्वारा
- (c)अंडाशय और पीयूष ग्रंथि द्वारा
- (d)पुरस्थ (प्रोस्टेट) और पीयूष ग्रंथि द्वारा
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, अंडाशय और पीयूष ग्रंथि। आर्तव चक्र हॉर्मोनों के दो सहयोगी स्रोतों से चलता है : पीयूष ग्रंथि पुटक-उद्दीपक हॉर्मोन (FSH) और ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) स्रावित करती है, जो अंडाणु के परिपक्व होने और अंडोत्सर्ग को चलाते हैं, जबकि अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन स्रावित करता है, जो गर्भाशय की अंतःस्तर को तैयार करते और बनाए रखते हैं। यह चक्र इन दोनों ग्रंथियों के बीच पुनर्निवेश का परिणाम है, इसलिए सही युग्म अंडाशय और पीयूष ग्रंथि है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)अंडाशय और अश्रु ग्रंथि द्वारा — अश्रु ग्रंथि केवल आँसू बनाती है जो नेत्र को चिकनाई और सुरक्षा देते हैं। यह कोई जनन हॉर्मोन नहीं स्रावित करती और आर्तव चक्र से इसका कोई संबंध नहीं है।
- (b)अंडाशय और तैल ग्रंथि द्वारा — तैल ग्रंथि त्वचा में सीबम (तेल) स्रावित करती है। यह जनन-अक्ष की अंतःस्रावी ग्रंथि नहीं है और आर्तव चक्र को नियंत्रित नहीं करती।
- (d)पुरस्थ (प्रोस्टेट) और पीयूष ग्रंथि द्वारा — पुरस्थ (प्रोस्टेट) पुरुषों की सहायक जनन ग्रंथि है; स्त्रियों में यह होती ही नहीं, अतः वह आर्तव चक्र में सम्मिलित नहीं हो सकती। यहाँ पीयूष ग्रंथि की स्त्री-साथी अंडाशय है, पुरस्थ नहीं।
अवधारणा
आर्तव चक्र का संचालन एक हॉर्मोनी अक्ष करता है जो पीयूष ग्रंथि और अंडाशयों को जोड़ता है। पीयूष FSH और LH मुक्त करती है, जो अंडाशय को उद्दीप्त करते हैं; बदले में अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन मुक्त करता है, जो गर्भाशय पर क्रिया करते हैं और पीयूष को पुनर्निवेश भेजते हैं। यह द्विमार्गी संकेतन अंडाणु के परिपक्व होने, अंडोत्सर्ग और गर्भाशयी अंतःस्तर की तैयारी का लगभग मासिक चक्र बनाता है।
यह प्रश्न जाँचता है कि नियंत्रक हॉर्मोन किन ग्रंथियों से आते हैं। यह पहचान लेना कि चक्र को एक ‘आदेश देने वाली’ ग्रंथि (पीयूष, FSH और LH के माध्यम से) और एक ‘उत्तर देने वाली’ ग्रंथि (अंडाशय, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन के माध्यम से) — दोनों चाहिए, अंडाशय-और-पीयूष के युग्म को छोड़कर हर विकल्प निरस्त कर देता है। भ्रामक विकल्पों में जान-बूझकर गैर-अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (अश्रु, तैल) और एक पुरुष ग्रंथि (पुरस्थ) मिला दी गई हैं।
मुख्य तथ्य
- पीयूष ग्रंथि FSH और LH स्रावित करती है, जो अंडाणु के परिपक्वन और अंडोत्सर्ग को चलाते हैं।
- अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन स्रावित करता है, जो गर्भाशय की अंतःस्तर बनाते और बनाए रखते हैं।
- अंडाशय और पीयूष के बीच पुनर्निवेश लगभग 28 दिन का आर्तव चक्र बनाता है।
- अश्रु (आँसू) और तैल ग्रंथियाँ तथा पुरुषों की पुरस्थ ग्रंथि इस चक्र में कोई भूमिका नहीं निभातीं।
यह चक्र अंडाशय और पीयूष ग्रंथि के मिलकर काम करने से नियंत्रित होता है - विकल्प (c)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- भ्रामक विकल्पों में गैर-अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (अश्रु, तैल) घुसा दी जाती हैं, जो आँसू या तेल बनाती हैं, हॉर्मोन नहीं।
- पुरस्थ पुरुषों की ग्रंथि है; वह स्त्रियों के आर्तव चक्र को नियंत्रित नहीं कर सकती।
पूछा जाता है कि कौन-सी ग्रंथियाँ या हॉर्मोन आर्तव चक्र को नियंत्रित करते हैं, अथवा FSH/LH और एस्ट्रोजन/प्रोजेस्टेरॉन को पीयूष तथा अंडाशय से सुमेलित करने को कहा जाता है।
संबंधित PYQ
पीयूष ग्रंथि अपने ट्रॉपिक हॉर्मोनों के कारण अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्रावी क्रिया को नियंत्रित करती है। निम्नलिखित में से कौन-सी अंतःस्रावी ग्रंथि पीयूष ग्रंथि से स्वतंत्र होकर कार्य कर सकती है ?
- (a) थायरॉइड
- (b) जनद (गोनाड)
- (c) अधिवृक्क
- (d) परावटु (पैराथायरॉइड)
उत्तर(d) परावटु — यह सीधे रक्त में कैल्शियम के स्तर पर प्रतिक्रिया करती है, जबकि जनद (अंडाशय), थायरॉइड और अधिवृक्क पीयूष के ट्रॉपिक हॉर्मोनों से संचालित होती हैं।
यह उसी ‘पीयूष अंडाशय को नियंत्रित करती है’ वाले अक्ष पर टिका है जिसका उपयोग Q138 करता है — पीयूष के FSH और LH अंडाशय को आदेश देते हैं, जबकि परावटु वह अपवाद है जो स्वतंत्र रूप से चलती है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
अग्र पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित कौन-से दो हॉर्मोन आर्तव चक्र के अंडाशयी भाग का नियमन करते हैं ?
- (a)इन्सुलिन और ग्लूकैगॉन
- (b)FSH और LH
- (c)एड्रिनेलीन और कॉर्टिसोल
- (d)थायरॉक्सीन और कैल्सिटोनिन
उत्तर(b) FSH और LH — पुटक-उद्दीपक हॉर्मोन और ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन अंडाणु के परिपक्वन तथा अंडोत्सर्ग को चलाते हैं। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
गर्भाशयी अंतःस्तर को तैयार करने वाले हॉर्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन मुख्यतः किसके द्वारा स्रावित होते हैं ?
- (a)पीयूष ग्रंथि
- (b)अंडाशय
- (c)अधिवृक्क ग्रंथि
- (d)थायरॉइड ग्रंथि
उत्तर(b) अंडाशय — यह आर्तव चक्र के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन स्रावित करता है।