आयोडिनयुक्त नमक हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है । यह निम्नलिखित में से किसके संश्लेषण के लिए आवश्यक है ?
- (a)एस्ट्रोजन
- (b)थायरॉक्सीन
- (c)इन्सुलिन
- (d)एड्रिनेलीन
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, थायरॉक्सीन। थायरॉक्सीन थायरॉइड ग्रंथि द्वारा बनाया जाने वाला हॉर्मोन है, और आयोडीन सीधे उसके अणु में जुड़ी होती है (थायरॉक्सीन, T4, में चार आयोडीन परमाणु होते हैं)। चूँकि शरीर आयोडीन के बिना थायरॉक्सीन नहीं बना सकता, इसलिए आहार से आयोडीन की नियमित आपूर्ति — सबसे सुविधाजनक रूप से आयोडिनयुक्त नमक के माध्यम से — आवश्यक है; कमी होने पर घेंघा और अन्य आयोडीन-न्यूनता विकार होते हैं। आयोडीन-से-थायरॉक्सीन का यही सीधा संबंध विकल्प (b) को सही बनाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)एस्ट्रोजन — एस्ट्रोजन अंडाशय में कोलेस्टेरॉल से बनने वाला स्टेरॉयड लिंग हॉर्मोन है। इसमें आयोडीन नहीं होती, अतः इसके संश्लेषण के लिए आयोडिनयुक्त नमक की आवश्यकता नहीं है।
- (c)इन्सुलिन — इन्सुलिन अग्न्याशय से आने वाला प्रोटीन (पेप्टाइड) हॉर्मोन है, जो ऐमीनो अम्लों से बना है। इसमें आयोडीन नहीं होती, इसलिए इसके निर्माण में आहारीय आयोडीन की कोई भूमिका नहीं है।
- (d)एड्रिनेलीन — एड्रिनेलीन अधिवृक्क ग्रंथियों में ऐमीनो अम्ल टायरोसीन से बनता है, किंतु उसके संश्लेषण में आयोडीन नहीं चाहिए; आयोडीन का उपयोग केवल थायरॉइड हॉर्मोन करते हैं।
अवधारणा
आयोडीन एक सूक्ष्म-मात्रिक खनिज है जिसकी शरीर को बहुत थोड़ी मात्रा चाहिए, मुख्यतः थायरॉइड हॉर्मोन थायरॉक्सीन (T4) और ट्राइआयोडोथायरोनीन (T3) बनाने के लिए। ये हॉर्मोन शरीर की उपापचय दर, वृद्धि और विकास का नियमन करते हैं। चूँकि भोजन और जल में प्राकृतिक आयोडीन असमान रूप से मिलती है, इसलिए कमी रोकने के लिए साधारण नमक को आयोडीन से समृद्ध किया जाता है।
यह प्रश्न किसी आहारीय पोषक को उस हॉर्मोन से जोड़ता है जिसे बनाने में वह सहायक है। आयोडीन केवल थायरॉइड हॉर्मोनों में समाहित होती है, इसलिए ‘आयोडिनयुक्त नमक’ को तुरंत थायरॉक्सीन की ओर संकेत करना चाहिए। भ्रामक विकल्प अन्य ग्रंथियों (अंडाशय, अग्न्याशय, अधिवृक्क) के सुपरिचित हॉर्मोन हैं, जो कोलेस्टेरॉल, ऐमीनो अम्लों या पेप्टाइडों से बनते हैं — इनमें से किसी को आयोडीन नहीं चाहिए।
मुख्य तथ्य
- आयोडीन थायरॉइड हॉर्मोन थायरॉक्सीन (T4) का अनिवार्य घटक है।
- आयोडीन की कमी से घेंघा (थायरॉइड की सूजन) होता है और वृद्धि तथा विकास बाधित होते हैं।
- जनसंख्या में आयोडीन-न्यूनता विकार रोकने के लिए ही नमक को आयोडीनयुक्त किया जाता है।
- एस्ट्रोजन (स्टेरॉयड), इन्सुलिन (पेप्टाइड) और एड्रिनेलीन (टायरोसीन से) — इनमें आयोडीन नहीं होती।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आयोडीन केवल थायरॉइड हॉर्मोनों को चाहिए — आयोडीन को इन्सुलिन, एड्रिनेलीन या एस्ट्रोजन से न जोड़ें।
- घेंघा आयोडीन की कमी से होता है; इसे मधुमेह (इन्सुलिन) और अन्य हॉर्मोन विकारों से अलग रखिए।
पूछा जाता है कि किसी दिए गए पोषक (आयोडीन) की आवश्यकता किस हॉर्मोन या ग्रंथि को है, अथवा उसकी कमी से कौन-सा विकार होता है।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से किस हॉर्मोन में आयोडीन होती है ?
- (a) थायरॉक्सीन
- (b) टेस्टोस्टेरॉन
- (c) इन्सुलिन
- (d) एड्रिनेलीन
उत्तर(a) थायरॉक्सीन — यह टायरोसीन का आयोडीनयुक्त व्युत्पन्न है और इसमें चार आयोडीन परमाणु होते हैं; शेष में कोई नहीं।
वही तथ्य दूसरी ओर से जाँचा गया — यूपीएससी पूछता है कि किस हॉर्मोन में आयोडीन है (थायरॉक्सीन), जबकि Q137 पूछता है कि आयोडिनयुक्त नमक किसके संश्लेषण में सहायक है (थायरॉक्सीन)।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
आहार में आयोडीन की कमी से निम्नलिखित में से कौन-सा विकार होता है ?
- (a)रिकेट्स
- (b)घेंघा
- (c)स्कर्वी
- (d)रक्ताल्पता
उत्तर(b) घेंघा — आयोडीन की कमी थायरॉक्सीन के उत्पादन को बाधित करती है और थायरॉइड ग्रंथि बढ़ जाती है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
हॉर्मोन थायरॉक्सीन निम्नलिखित में से किस ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है ?
- (a)अधिवृक्क ग्रंथि
- (b)अग्न्याशय
- (c)थायरॉइड ग्रंथि
- (d)पीयूष ग्रंथि
उत्तर(c) थायरॉइड ग्रंथि — यह आहारीय आयोडीन का उपयोग करके उपापचय-नियामक हॉर्मोन थायरॉक्सीन बनाती है।